गूगल डीपमाइंड के सह-संस्थापक और नोबेल पुरस्कार विजेता डेमिस हैसाबिस का मानना है कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) का विकास अब पहले से कहीं अधिक तेज़ गति से हो रहा है और यह तकनीक अगले कुछ वर्षों में वास्तविक रूप ले सकती है। उनके अनुसार, AI लगातार जटिल समस्याओं को हल करने, वैज्ञानिक अनुसंधान को गति देने और कई उद्योगों में बड़े बदलाव लाने की क्षमता विकसित कर रही है। हालांकि, इतनी शक्तिशाली तकनीक के साथ सुरक्षा और जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
हैसाबिस ने कहा कि जैसे-जैसे AI मॉडल अधिक सक्षम होते जा रहे हैं, उनकी स्वतंत्र और निष्पक्ष समीक्षा की आवश्यकता बढ़ती जा रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि अमेरिका में एक ऐसी स्वतंत्र संस्था बनाई जाए, जो अत्याधुनिक Frontier AI Models का मूल्यांकन करे और यह सुनिश्चित करे कि उन्हें सुरक्षित, पारदर्शी और जिम्मेदार तरीके से विकसित एवं लागू किया जाए। उनका मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से संभावित जोखिमों को समय रहते पहचाना जा सकेगा और AI के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि AI में अपार संभावनाएं हैं, जिनका उपयोग स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, जलवायु परिवर्तन और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा सकता है। लेकिन यदि इसके विकास के साथ उचित नियम और निगरानी नहीं होगी, तो भविष्य में गंभीर चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। इसलिए सरकारों, टेक्नोलॉजी कंपनियों और वैश्विक संस्थाओं को मिलकर ऐसे मानक विकसित करने चाहिए, जो नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखें।
