सत्यापन मानक
तथ्य-जांच नीति
अंतिम अपडेट: 4 अगस्त, 2026 · प्रभावी: 4 अगस्त, 2026
सटीकता हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यह नीति बताती है कि जनतास्कोप प्रकाशन से पहले तथ्यों की जांच कैसे करता है, कौन-सी सामग्री को प्रमाण माना जाता है, और भ्रामक जानकारी (misinformation) से निपटने की हमारी प्रक्रिया क्या है।
यह नीति हमारी संपादकीय नीति और सुधार नीति का पूरक है।
1. मूल नियम: संदेह हो तो प्रकाशित न करें
हमारा बुनियादी नियम सरल है — यदि कोई दावा सत्यापित नहीं हो सका है, तो वह प्रकाशित नहीं होगा। गति (speed) कभी सटीकता से ऊपर नहीं रखी जाती। किसी खबर को पहले प्रकाशित करने की होड़ में हम असत्यापित दावे नहीं छापते।
जहां कोई घटना विकसित हो रही हो और पूरी जानकारी उपलब्ध न हो, वहां हम स्पष्ट रूप से लिखते हैं कि कौन-सी बात पुष्ट है और कौन-सी अभी पुष्टि के अधीन है।
2. प्रकाशन से पहले जांच-सूची
हर लेख के प्रकाशन से पहले संपादकीय टीम इन बिंदुओं की पुष्टि करती है:
- नाम और पदनाम: व्यक्तियों के नाम की वर्तनी, पद और संस्था की पुष्टि।
- तिथि और स्थान: घटना कब और कहां हुई, इसकी पुष्टि।
- आंकड़े: संख्याएं, प्रतिशत और वित्तीय आंकड़े मूल दस्तावेज़ या आधिकारिक डेटा से मिलाए जाते हैं।
- उद्धरण: बयान शब्दशः सही हैं, संदर्भ से बाहर नहीं लिए गए हैं, और सही व्यक्ति को दिए गए हैं।
- स्रोत: प्रत्येक महत्वपूर्ण दावे के पीछे एक पहचान-योग्य स्रोत मौजूद है।
- शीर्षक: शीर्षक लेख की सामग्री से मेल खाता है और अतिरंजित (clickbait) नहीं है।
- छवि: तस्वीर उसी घटना की है; प्रतीकात्मक छवि होने पर उसे चिह्नित किया गया है।
- कानूनी जोखिम: मानहानि, अदालत की अवमानना या गोपनीयता उल्लंघन की आशंका की जांच।
3. स्वीकार्य प्रमाण की श्रेणियाँ
हम प्रमाण को विश्वसनीयता के क्रम में देखते हैं:
- सर्वोच्च: आधिकारिक दस्तावेज़ — अदालती आदेश, सरकारी अधिसूचना, संसदीय रिकॉर्ड, कंपनी की नियामक फाइलिंग, आधिकारिक आंकड़े (जैसे जनगणना, RBI, SEBI, मंत्रालय की रिपोर्ट)।
- उच्च: नामित आधिकारिक प्रवक्ता का सीधा बयान, प्रेस विज्ञप्ति, प्रत्यक्ष रूप से रिकॉर्ड किया गया साक्षात्कार।
- मध्यम: प्रत्यक्षदर्शी का विवरण (अन्य स्रोत से पुष्टि के बाद), विषय-विशेषज्ञ की टिप्पणी।
- निम्न (केवल संकेत, प्रमाण नहीं): सोशल मीडिया पोस्ट, वायरल संदेश, अनाम दावे, अन्य वेबसाइट की असत्यापित रिपोर्ट।
“निम्न” श्रेणी की सामग्री को कभी अकेले आधार बनाकर खबर नहीं बनाई जाती। उसे केवल जांच शुरू करने के संकेत के रूप में लिया जाता है।
4. अनाम स्रोतों का उपयोग
हम गुमनाम स्रोत का उपयोग अपवाद के रूप में करते हैं, नियम के रूप में नहीं। किसी स्रोत को गुमनाम रखने के लिए:
- जानकारी जनहित में महत्वपूर्ण होनी चाहिए।
- स्रोत की पहचान उजागर होने पर उसे वास्तविक जोखिम (नौकरी, सुरक्षा, कानूनी) होना चाहिए।
- संपादक को स्रोत की पहचान और विश्वसनीयता ज्ञात होनी चाहिए, भले वह प्रकाशित न हो।
- जानकारी की पुष्टि कम से कम एक अन्य स्वतंत्र स्रोत या दस्तावेज़ से होनी चाहिए।
- लेख में यह बताया जाएगा कि स्रोत की पहचान क्यों नहीं दी गई (उदाहरण: “नाम न छापने की शर्त पर”)।
5. छवि, वीडियो और वायरल दावों का सत्यापन
वायरल तस्वीरें और वीडियो भ्रामक जानकारी का सबसे आम माध्यम हैं। हमारी सत्यापन प्रक्रिया:
- रिवर्स इमेज सर्च: यह जांचना कि तस्वीर पहले कब और कहां प्रकाशित हुई थी — कहीं वह पुरानी या किसी अन्य घटना की न हो।
- मूल स्रोत की खोज: मूल अपलोडर या फोटोग्राफर तक पहुंचने का प्रयास।
- स्थान सत्यापन: दृश्य में दिखने वाले संकेतों (साइनबोर्ड, भाषा, वास्तुकला, मौसम) की तुलना दावा किए गए स्थान से।
- छेड़छाड़ की जांच: संपादन, क्रॉपिंग, या AI-निर्मित होने के संकेतों की जांच।
- संदर्भ की जांच: क्या क्लिप को काटकर अर्थ बदला गया है।
यदि किसी छवि या वीडियो की प्रामाणिकता सिद्ध नहीं हो पाती, तो उसका उपयोग नहीं किया जाता।
6. तथ्य-जांच लेखों की रेटिंग प्रणाली
जब हम किसी वायरल दावे की स्वतंत्र तथ्य-जांच प्रकाशित करते हैं, तो निष्कर्ष को स्पष्ट रेटिंग के साथ दिया जाता है:
- सत्य: दावा प्रमाणों से पूरी तरह पुष्ट है।
- अधिकांशतः सत्य: मुख्य बात सही है, लेकिन कुछ विवरण अशुद्ध या अपूर्ण हैं।
- भ्रामक: तथ्य आंशिक रूप से सही हैं, लेकिन उन्हें गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है।
- असत्य: दावा प्रमाणों के विरुद्ध है।
- असत्यापित: उपलब्ध प्रमाणों से दावे को न सिद्ध किया जा सका, न खंडित।
प्रत्येक तथ्य-जांच लेख में हम यह भी बताते हैं कि निष्कर्ष तक पहुँचने के लिए कौन-से स्रोत और तरीके इस्तेमाल किए गए, जिससे पाठक स्वयं जांच दोहरा सके।
7. विकसित हो रही खबरें (Developing Stories)
बड़ी घटनाओं के दौरान जानकारी तेजी से बदलती है। ऐसे मामलों में:
- हम लेख में स्पष्ट रूप से बताते हैं कि यह खबर अद्यतन की जा रही है।
- हताहतों की संख्या जैसे आंकड़ों के लिए केवल आधिकारिक पुष्टि का उपयोग किया जाता है।
- प्रत्येक महत्वपूर्ण अद्यतन के साथ संशोधन तिथि बदल दी जाती है।
- यदि कोई पूर्व-प्रकाशित तथ्य बाद में गलत सिद्ध होता है, तो उसे सुधार नीति के अनुसार दर्ज किया जाता है।
8. AI उपकरणों की सीमा
तथ्य-जांच में AI का उपयोग केवल खोज या भाषा सहायता तक सीमित है। किसी AI उपकरण का उत्तर स्वयं में प्रमाण नहीं माना जाता। प्रत्येक तथ्य की पुष्टि मानव संपादक द्वारा मूल स्रोत से की जाती है, और अंतिम जिम्मेदारी संपादक की होती है।
9. किसी त्रुटि या भ्रामक दावे की सूचना दें
यदि आपको हमारी किसी रिपोर्ट में तथ्यात्मक त्रुटि मिलती है, या आप किसी वायरल दावे की जांच का अनुरोध करना चाहते हैं, तो कृपया हमें बताएं। पाठकों की सूचना हमारी सटीकता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
तथ्य-जांच अनुरोध / त्रुटि की सूचना: support@jantascope.com
फ़ोन: +91 88799 19545
कृपया शामिल करें: लेख का लिंक, आपत्तिजनक वाक्य, और सही जानकारी का स्रोत (यदि उपलब्ध हो)
प्रतिक्रिया समय: 48 घंटों के भीतर
सुधार अनुरोध भेजने के लिए आप संपर्क फ़ॉर्म में “सुधार अनुरोध” विषय भी चुन सकते हैं।