चार देशों में पांच शिकायतें, क्या है पूरा मामला?
27 अक्टूबर 2026 को यूरोपीय सेंटर फॉर डिजिटल राइट्स, जिसे noyb के नाम से जाना जाता है, ने Scale AI के खिलाफ पांच डेटा सुरक्षा शिकायतें दर्ज करने की घोषणा की। इनमें ऑस्ट्रिया में दो और फ्रांस, इटली तथा नीदरलैंड में एक-एक शिकायत दाखिल की गई है।
संगठन का आरोप है कि Outlier प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले लोगों का डेटा उनकी पर्याप्त सहमति और पारदर्शिता के बिना एकत्र किया जा रहा है। noyb ने संबंधित डेटा सुरक्षा अधिकारियों से मामले की विस्तृत जांच करने और उल्लंघन साबित होने पर कंपनी के खिलाफ जुर्माना लगाने की मांग की है। हालांकि अभी ये आरोप हैं। संबंधित नियामकों ने इस मामले में Scale AI को दोषी ठहराने वाला कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है।
क्या है Scale AI और Outlier प्लेटफॉर्म?
Scale AI अमेरिका की एक टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल्स को प्रशिक्षित करने और उनकी गुणवत्ता सुधारने के लिए डेटा सेवाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी का Outlier प्लेटफॉर्म विभिन्न देशों के फ्रीलांसरों और विशेषज्ञों को AI ट्रेनिंग से जुड़े कार्य प्रदान करता है। इनमें AI के जवाबों का मूल्यांकन करना, गलतियां सुधारना, नए सवाल तैयार करना और मॉडल की विश्वसनीयता जांचना शामिल है।
noyb के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म से नौ लाख से अधिक फ्रीलांस कर्मचारी जुड़े हैं। इसके ग्राहकों में Meta, OpenAI और Google जैसी बड़ी टेक कंपनियां शामिल हैं। Meta की Scale AI में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है। हालांकि मौजूदा शिकायतें सीधे Scale AI की कार्यप्रणाली से संबंधित हैं, न कि उसके प्रत्येक ग्राहक के खिलाफ।
19 ट्रैकर्स से कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखने का आरोप
शिकायतों का सबसे गंभीर पहलू डिजिटल ट्रैकिंग से जुड़ा है।
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं ने दावा किया है कि Outlier पर काम करते समय कर्मचारियों की गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के लिए 19 तक ट्रैकर्स का इस्तेमाल किया गया। इनके माध्यम से कीबोर्ड पर टाइप करने और माउस चलाने जैसी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी कुछ-कुछ सेकंड के अंतराल पर दर्ज होने का आरोप है।
पेरिस स्थित शोध समूह DiPLab की जांच में पाया गया कि एकत्र किए गए डेटा के कुछ रिकॉर्ड को इस तरह जोड़ा जा सकता था कि पूरी कार्य अवधि की गतिविधियों को वीडियो के रूप में दोबारा देखा जा सके। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी कर्मचारियों की हर समय वीडियो रिकॉर्डिंग होने की पुष्टि हुई है।
Facebook और LinkedIn जैसी कंपनियों तक डेटा पहुंचने पर सवाल
noyb ने आरोप लगाया कि Outlier पर इस्तेमाल होने वाले कुछ ट्रैकर्स TikTok, LinkedIn, Facebook और दूसरी डिजिटल सेवाओं से संबंधित हैं। इन ट्रैकर्स के जरिए कर्मचारियों के IP एड्रेस, संपर्क विवरण, विशिष्ट डिजिटल पहचान और देखे गए पेजों की जानकारी तीसरे पक्ष तक पहुंच सकती है। संगठन का कहना है कि इस प्रकार की जानकारी का इस्तेमाल विज्ञापन दिखाने या उपयोगकर्ताओं की डिजिटल प्रोफाइल तैयार करने में संभव है। यही कारण है कि शिकायतों में डेटा संग्रह की आवश्यकता, कानूनी आधार और कर्मचारियों को उपलब्ध कराई गई जानकारी पर सवाल उठाए गए हैं।
चेहरे की पहचान और पहचान पत्र जमा कराने का विवाद
मामले का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू कर्मचारियों की बायोमेट्रिक पहचान से संबंधित है। शिकायतों के मुताबिक, Outlier पर काम करने वाले फ्रीलांसरों को बार-बार पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। इसमें सरकारी पहचान पत्र अपलोड करने और चेहरे का वीडियो रिकॉर्ड कराने की आवश्यकता शामिल है। यह प्रक्रिया Persona नाम की पहचान सत्यापन कंपनी के माध्यम से संचालित होती है।
Scale AI का बताया गया उद्देश्य पहचान संबंधी धोखाधड़ी रोकना और कर्मचारियों के कौशल का सत्यापन करना है। लेकिन noyb का तर्क है कि इतनी व्यापक व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करना आवश्यकता से अधिक हो सकता है और यूरोपीय डेटा सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर सकता है।
काम पूरा करने पर बोनस, कर्मचारियों पर बढ़ता दबाव?
DiPLab के शोध में प्लेटफॉर्म की प्रोत्साहन प्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, Outlier पर कुछ कर्मचारियों को सीमित समय में निर्धारित संख्या में कार्य पूरे करने पर अतिरिक्त भुगतान का अवसर दिया गया। Reuters की रिपोर्ट में एक उदाहरण के अनुसार, 24 घंटे में 200 कार्य पूरे करने पर 100 से 200 डॉलर तक के बोनस की पेशकश की गई थी। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था काम की गति बढ़ाने के साथ कर्मचारियों पर दबाव भी डाल सकती है। इससे यह सवाल पैदा होता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले लोग अपने कार्य समय और काम की मात्रा पर कितना नियंत्रण रखते हैं।
चार कर्मचारियों ने मांगा अपना डेटा, जवाब नहीं मिलने का आरोप
शिकायतों में व्यक्तिगत डेटा तक पहुंच का अधिकार भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। Reuters के अनुसार, दिसंबर 2025 से मई 2026 के बीच चार कर्मचारियों ने Outlier से उनके बारे में एकत्र किए गए डेटा की प्रतियां मांगी थीं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्हें अपने अनुरोधों का जवाब नहीं मिला।
यूरोपीय संघ के जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन यानी GDPR के तहत व्यक्तियों को अपने व्यक्तिगत डेटा के इस्तेमाल की जानकारी मांगने और निर्धारित शर्तों के अंतर्गत उसकी प्रतियां प्राप्त करने का अधिकार है। यदि नियामक इन आरोपों की पुष्टि करते हैं, तो यह कंपनी के लिए कानूनी समस्या बन सकता है।
यूरोपीय कानून के तहत कितना जुर्माना संभव?
यूरोप का GDPR कानून व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए कड़े नियम निर्धारित करता है। इसके अंतर्गत गंभीर उल्लंघनों के मामलों में संबंधित नियामक अधिकतम 2 करोड़ यूरो या कंपनी के पिछले वित्त वर्ष के वैश्विक वार्षिक कारोबार के 4 प्रतिशत तक जुर्माना लगा सकते हैं, जो भी अधिक हो। हालांकि यह कानून की अधिकतम सीमा है। Scale AI पर अभी कोई जुर्माना तय नहीं हुआ है। किसी भी कार्रवाई का निर्णय जांच के निष्कर्षों, उल्लंघन की प्रकृति और संबंधित कानूनी प्रावधानों के आधार पर होगा।
कंपनी ने आरोपों पर क्या कहा?
27 अक्टूबर को प्रकाशित Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, Scale AI ने टिप्पणी के अनुरोध पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। इसलिए शिकायतों में लगाए गए आरोपों पर कंपनी का विस्तृत सार्वजनिक पक्ष उस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं था। यह स्पष्ट करना जरूरी है कि शिकायत दर्ज होना और आरोप सिद्ध होना दो अलग प्रक्रियाएं हैं। जांच के दौरान कंपनी को अपना पक्ष रखने और डेटा सुरक्षा उपायों की जानकारी देने का अवसर मिल सकता है।
AI उद्योग के भविष्य के लिए क्या मायने?
यह विवाद केवल एक अमेरिकी कंपनी तक सीमित नहीं है। इससे AI मॉडल विकसित करने वाले पूरे उद्योग में मानव श्रम की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। AI सिस्टम के पीछे बड़ी संख्या में ऐसे लोग काम करते हैं, जो डेटा को वर्गीकृत करते हैं, जवाबों की जांच करते हैं और मॉडल्स को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से काम करने वाले इन लोगों के लिए निगरानी, पारदर्शिता और व्यक्तिगत डेटा पर नियंत्रण लगातार महत्वपूर्ण विषय बन रहे हैं। यूरोपीय संस्थाओं के शोध में भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कर्मचारियों पर व्यापक एल्गोरिदमिक निगरानी की समस्या सामने आई है।
