क्या है IndiaAI Fellowship 2026-27?
IndiaAI Fellowship केंद्र सरकार के IndiaAI Mission के अंतर्गत संचालित एक शैक्षणिक सहायता कार्यक्रम है। इसे IndiaAI FutureSkills पहल से भी जोड़ा गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई, शोध और व्यावहारिक उपयोग को प्रोत्साहित करना है।
इस योजना की खास बात यह है कि इसका लाभ केवल कंप्यूटर साइंस या इंजीनियरिंग के छात्रों तक सीमित नहीं है। मेडिकल, कॉमर्स, कानून, बिजनेस, विज्ञान और अन्य विषयों के विद्यार्थी भी निर्धारित शर्तें पूरी करने और AI से संबंधित प्रोजेक्ट पर काम करने की स्थिति में पात्र हो सकते हैं।
सरकार चाहती है कि AI का इस्तेमाल केवल टेक्नोलॉजी कंपनियों तक सीमित न रहे, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सार्वजनिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भी नई संभावनाएं विकसित हों।
किन छात्रों को मिलेगी एक से दो लाख रुपये की सहायता?
IndiaAI Fellowship में सहायता राशि छात्र के शैक्षणिक कार्यक्रम और आवेदन के समय उसके सेमेस्टर पर निर्भर करती है।
तीन वर्षीय अंडरग्रेजुएट कोर्स के विद्यार्थी पांचवें सेमेस्टर की शुरुआत में, जबकि चार वर्षीय कोर्स वाले छात्र सातवें सेमेस्टर की शुरुआत में पात्र हो सकते हैं। पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड डुअल डिग्री कार्यक्रम के लिए नौवें सेमेस्टर से पात्रता निर्धारित की गई है।
इन श्रेणियों के चयनित छात्रों को अधिकतम एक लाख रुपये की सहायता दो किस्तों में मिल सकती है।
पोस्टग्रेजुएट विद्यार्थियों के लिए सहायता राशि अलग-अलग निर्धारित की गई है। पहले सेमेस्टर में फेलोशिप प्राप्त करने वाले छात्र अधिकतम दो लाख रुपये, दूसरे सेमेस्टर वाले डेढ़ लाख रुपये और तीसरे सेमेस्टर वाले एक लाख रुपये तक प्राप्त कर सकते हैं।
यह राशि निर्धारित शैक्षणिक उपलब्धियों और प्रोजेक्ट की प्रगति जैसी शर्तें पूरी होने पर किस्तों में जारी की जाती है।
आवेदन के लिए क्या होनी चाहिए योग्यता?
योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को कुछ जरूरी शैक्षणिक मानदंड पूरे करने होंगे।
अंडरग्रेजुएट और इंटीग्रेटेड डुअल डिग्री के छात्रों को कम से कम तीन AI से संबंधित पाठ्यक्रम पूरे करने होंगे। उनके शैक्षणिक प्रदर्शन में न्यूनतम 80 प्रतिशत अंक या समकक्ष ग्रेड होना आवश्यक है।
वहीं, पोस्टग्रेजुएट विद्यार्थियों के लिए स्नातक स्तर पर कम से कम 80 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। दूसरे या तीसरे सेमेस्टर में आवेदन करने वाले छात्रों को पोस्टग्रेजुएट पढ़ाई के पिछले पूर्ण सेमेस्टरों में कम से कम 75 प्रतिशत अंक या समकक्ष ग्रेड भी हासिल करना होगा।
यह फेलोशिप भारतीय नागरिकों के लिए है। पार्ट-टाइम पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी इसके पात्र नहीं हैं। केवल अच्छे अंक होना पर्याप्त नहीं है; उम्मीदवार को AI से संबंधित शोध या प्रोजेक्ट से भी जुड़ा होना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय रिसर्च कॉन्फ्रेंस के लिए अतिरिक्त मदद
फेलोशिप के अंतर्गत एक और महत्वपूर्ण सुविधा दी गई है। यदि किसी चयनित छात्र का AI से संबंधित शोधपत्र निर्धारित मानकों वाली अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में स्वीकार होता है, तो उसे यात्रा और ठहरने के खर्च के लिए एक बार अतिरिक्त एक लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
इसके लिए कॉन्फ्रेंस की h5 रेटिंग 100 से अधिक होने जैसी शर्त लागू है। यह सुविधा उन शोधार्थियों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें अपने शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
पीएचडी शोधार्थियों के लिए भी फेलोशिप व्यवस्था
IndiaAI Fellowship की व्यापक योजना में पीएचडी शोधार्थियों के लिए भी वित्तीय सहायता का प्रावधान है। निर्धारित ढांचे के अनुसार पात्र शोधार्थियों को पहले दो वर्षों में 70 हजार रुपये मासिक, तीसरे वर्ष में 75 हजार रुपये और चौथे तथा पांचवें वर्ष में 80 हजार रुपये मासिक फेलोशिप मिल सकती है।
इसके अतिरिक्त शोध अनुदान का भी प्रावधान है। हालांकि, आधिकारिक पोर्टल पर पीएचडी की पिछली आवेदन अवधि 28 फरवरी 2026 को बंद होने का उल्लेख है। इसलिए पीएचडी के इच्छुक विद्यार्थियों को नई आवेदन अवधि के संबंध में अलग से आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए। मौजूदा 30 नवंबर की समयसीमा UG, IDD और PG आवेदन घोषणा से जुड़ी है।
IndiaAI Fellowship के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन करने के इच्छुक विद्यार्थी आधिकारिक वेबसाइट https://fellowship.indiaai.gov.in/ पर जाकर पात्रता, दिशा-निर्देश और आवेदन संबंधी जानकारी देख सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया में छात्र के AI प्रोजेक्ट का विवरण और संबंधित संस्थान की अनुशंसा महत्वपूर्ण है। प्रोजेक्ट गाइड तथा विभागाध्यक्ष, रजिस्ट्रार या संस्थान प्रमुख से निर्धारित प्रारूप में प्रमाणित अनुशंसा पत्र आवश्यक होते हैं।
इसके अतिरिक्त शैक्षणिक अंकतालिका, विद्यार्थी के नाम से बैंक खाते का प्रमाण और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे दस्तावेज तैयार रखने होंगे। संस्थान द्वारा भेजे जाने वाले नामांकनों और चयन की भी निर्धारित प्रक्रिया है।
भारत में AI रिसर्च को मिलेगी नई दिशा?
सितंबर 2025 में सरकार ने IndiaAI Fellowship कार्यक्रम का विस्तार करके कुल 13,500 शोधार्थियों को सहायता देने का लक्ष्य घोषित किया था। इसमें 8,000 अंडरग्रेजुएट, 5,000 पोस्टग्रेजुएट और 500 पीएचडी शोधार्थियों को शामिल करने की योजना थी।
इस पहल का महत्व केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है। भारत में AI तकनीक का दायरा लगातार बढ़ रहा है और नई खोजों के लिए कुशल शोधकर्ताओं की आवश्यकता भी बढ़ रही है। ऐसे में फेलोशिप विद्यार्थियों को अपने विचारों को शोध और व्यावहारिक समाधान में बदलने का अवसर दे सकती है।
फिलहाल योग्य छात्रों के लिए जरूरी है कि वे आवेदन से पहले सभी शर्तों की जांच करें और 30 नवंबर 2026 की अंतिम तारीख से पहले अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें।
