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AI से बढ़ी Productivity, लेकिन काम भी बढ़ा: India Inc में कर्मचारियों पर दोहरा असर

भारत की कंपनियों में Artificial Intelligence तेजी से रोजमर्रा के काम का हिस्सा बन रही है। Korn Ferry के Workforce 2026 India findings के मुताबिक 81% कर्मचारियों ने कहा कि AI ने उनकी efficiency बढ़ाई और 79% ने एक साल पहले की तुलना में खुद को अधिक productive बताया। लेकिन दूसरी ओर 78% ने workload में उल्लेखनीय बढ़ोतरी और 73% ने AI के कारण अपनी भूमिका में tasks बढ़ने की बात कही।

AI से बढ़ी Productivity, लेकिन काम भी बढ़ा: India Inc में कर्मचारियों पर दोहरा असर
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: The Economic Times

नई दिल्ली: Artificial Intelligence को workplace productivity बढ़ाने वाली technology के रूप में तेजी से अपनाया जा रहा है, लेकिन भारत में इसके शुरुआती प्रभाव एक दिलचस्प विरोधाभास दिखा रहे हैं—कर्मचारी AI की मदद से ज्यादा efficiently काम कर रहे हैं, फिर भी उनका workload घटने के बजाय बढ़ता दिखाई दे रहा है।

Korn Ferry के Workforce 2026 India findings के अनुसार, survey में शामिल 81% कर्मचारियों ने कहा कि AI ने उनकी efficiency में सुधार किया, जबकि 79% ने बताया कि वे एक साल पहले की तुलना में अधिक productive हैं। वहीं 80% respondents का कहना है कि technology ने उन्हें innovation के ज्यादा अवसर दिए हैं।

लेकिन productivity की इस तस्वीर का दूसरा पहलू भी है।

78% कर्मचारियों ने कहा कि पिछले दो वर्षों में उनका workload काफी बढ़ा है, जबकि 73% ने बताया कि AI ने उनकी भूमिका में अपेक्षित tasks की संख्या बढ़ा दी है। इतना ही नहीं, 72% respondents एक से अधिक roles की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

81% को AI से बेहतर Efficiency, 79% ज्यादा Productive

Survey के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय workforce में AI का इस्तेमाल केवल experimentation तक सीमित नहीं रह गया है।

करीब 73% respondents ने कहा कि AI अब उनके काम करने के तरीके में integrated है, जबकि 75% ने माना कि AI ने उन्हें अपनी भूमिका को नए तरीके से देखने या reimagine करने में मदद की है।

AI skills अब performance evaluation तक भी पहुंच रही हैं। Survey में 70% कर्मचारियों ने कहा कि AI fluency को employee reviews में शामिल किया जा रहा है।

Korn Ferry India के chairman और regional managing director Navnit Singh ने कहा:

“India has moved beyond asking whether AI works. The evidence suggests it does.”

उन्होंने कहा कि कर्मचारी AI अपना रहे हैं, productivity बढ़ा रहे हैं और innovation के नए अवसर तलाश रहे हैं।

लेकिन Productivity बढ़ने के साथ Workload क्यों बढ़ रहा है?

यह survey का सबसे महत्वपूर्ण सवाल है।

आमतौर पर automation से उम्मीद की जाती है कि वह repetitive tasks को संभालकर कर्मचारियों का workload कम करेगी। लेकिन Korn Ferry के findings संकेत देते हैं कि AI से मिली अतिरिक्त capacity का इस्तेमाल कई organisations में काम घटाने के बजाय ज्यादा output और ज्यादा tasks के लिए हो सकता है।

Survey में 81% respondents ने कहा कि उनकी organisation नए value-creation opportunities खोजने की तुलना में efficiency बढ़ाने पर ज्यादा केंद्रित है।

इसका अर्थ यह नहीं है कि AI स्वयं workload बढ़ाने का अकेला कारण है। Survey employee perceptions और workplace changes को मापता है; इससे हर मामले में सीधा causal relationship साबित नहीं होता। लेकिन AI integration, बढ़ती productivity expectations और expanding job roles का एक साथ दिखाई देना employers के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।

72% कर्मचारी एक से ज्यादा Roles की जिम्मेदारी संभाल रहे

Workload की कहानी केवल ज्यादा assignments तक सीमित नहीं है।

Survey में 72% respondents ने कहा कि वे एक से अधिक roles की responsibilities निभा रहे हैं।

AI के कारण कुछ routine tasks तेज होने पर organisations के पास theoretically यह विकल्प होता है कि बचा हुआ समय innovation, strategic thinking या employee development में लगाया जाए। दूसरा रास्ता यह है कि उसी employee से अधिक responsibilities और output की अपेक्षा की जाए।

Korn Ferry के India consulting head Sandeep Bhalla के अनुसार कंपनियों को workflows, roles और performance systems को outcomes के आधार पर redesign करना होगा और यह पहचानना होगा कि कौन-सा काम AI संभाल सकता है तथा कहां human judgment, relationships और domain expertise जरूरी हैं।

भारतीय कर्मचारी AI को लेकर Global Average से ज्यादा Positive

Workload बढ़ने के बावजूद survey भारतीय कर्मचारियों में AI को लेकर मजबूत optimism भी दिखाता है।

86% Indian employees ने कहा कि वे AI जैसी emerging technologies से उनके काम में आने वाले बदलाव को लेकर excited और positive हैं। Global level पर यही आंकड़ा 65% रहा।

Training के मामले में भी बड़ा अंतर सामने आया। भारत में 76% respondents ने कहा कि वे AI tools इस्तेमाल करने के लिए पर्याप्त रूप से equipped महसूस करते हैं, जबकि global average 52% था।

Bhalla ने भारतीय workforce की openness to change, सीखने की इच्छा और नए tools अपनाने की readiness को देश में तेज AI adoption के पीछे महत्वपूर्ण factors बताया।

Survey में 2,000 Indian Employees, इनमें 53 CEOs

इन percentages को समझने के लिए survey का sample भी महत्वपूर्ण है।

Korn Ferry के India findings 2,000 employees के responses पर आधारित हैं। इसमें अलग-अलग job levels के professionals शामिल थे, जिनमें 53 CEOs भी थे।

वहीं broader global study में 11 markets के 16,000 professionals को survey किया गया।

इसलिए ये आंकड़े surveyed workforce के perceptions को दर्शाते हैं; इन्हें भारत के हर employee या हर industry का exact measurement नहीं माना जाना चाहिए।

AI से Job Value बढ़ने की उम्मीद, फिर भी Replacement का डर

भारतीय कर्मचारियों की AI को लेकर सोच में optimism और insecurity दोनों साथ दिखाई देते हैं।

Survey के मुताबिक 74% respondents को लगता है कि अगले तीन वर्षों में AI उनकी professional value मजबूत करेगा।

इसके विपरीत 60% कर्मचारियों का मानना है कि उनका role AI या technology द्वारा replace किया जा सकता है। हालांकि यह आंकड़ा पिछले वर्ष के 68% से कम है।

यानी employees AI को केवल job threat के रूप में नहीं देख रहे। बड़ी संख्या में लोग इसे अपनी capabilities और value बढ़ाने वाले tool के रूप में भी देखते हैं, लेकिन automation से जुड़ी uncertainty खत्म नहीं हुई है।

दूसरे Surveys भी दिखा रहे भारत में तेज Workplace AI Adoption

Korn Ferry के findings अकेले नहीं हैं।

Salesforce की जुलाई 2026 की Agentic Workplace Study में Indian workers के global average की तुलना में 45% अधिक likely होने की बात सामने आई कि AI उनके core workflow का हिस्सा है। हालांकि उसी study में 38% Indian workers ने बताया कि उनकी organisation ने पिछले एक साल में unsuccessful AI pilot का अनुभव किया, जबकि global figure 28% था।

Deloitte के 2026 India findings के मुताबिक 40% Indian respondents ने significant या full-scale AI usage की जानकारी दी, जबकि global average करीब 28% था। Product development में at-scale deployment 62%, strategy and operations में 56%, marketing and sales में 55% तथा supply chain में 48% बताया गया।

अलग-अलग surveys की methodology और sample अलग हैं, इसलिए उनके percentages की सीधी तुलना सावधानी से करनी चाहिए। फिर भी collectively ये studies इस दिशा में संकेत करती हैं कि भारतीय enterprises AI को pilots से निकालकर operational workflows में तेजी से ले जा रहे हैं।

असली सवाल: AI से बचा समय आखिर जा कहां रहा है?

Workplace AI की अगली बड़ी बहस शायद यह नहीं होगी कि AI productivity बढ़ाती है या नहीं। Korn Ferry survey में employees पहले ही efficiency और productivity improvements report कर रहे हैं।

ज्यादा महत्वपूर्ण सवाल यह है कि AI से बची capacity का organisations क्या करती हैं?

यदि AI किसी employee के पांच घंटे के काम को चार घंटे में पूरा करने में मदद करती है, तो बचा हुआ समय innovation, learning और higher-value work में लगाया जा सकता है। लेकिन यदि उसी capacity को केवल ज्यादा tasks और tighter performance targets में बदल दिया जाता है, तो productivity gain employee workload कम किए बिना company output बढ़ा सकता है।

यही वजह है कि workflow redesign महत्वपूर्ण हो जाता है। AI adoption का प्रभाव केवल यह तय नहीं करेगा कि कोई task कितनी तेजी से पूरा होता है; यह भी तय करेगा कि employee की भूमिका, targets और responsibilities कैसे बदलती हैं।

India Inc के लिए अगली चुनौती

Korn Ferry findings से तीन trends एक साथ दिखाई देते हैं—AI adoption बढ़ रही है, productivity बेहतर हो रही है और jobs का scope भी expand हो रहा है।

इसलिए companies के लिए अगला चरण केवल कर्मचारियों को AI tools उपलब्ध कराना नहीं होगा। उन्हें यह भी तय करना होगा कि AI से मिली efficiency को कैसे इस्तेमाल किया जाए, performance expectations कैसे निर्धारित हों और किन क्षेत्रों में human expertise को प्राथमिकता दी जाए।

AI अगर employees को कम समय में अधिक काम करने में सक्षम बनाती है, तो technology का business case मजबूत होता है। लेकिन long-term workplace impact इस बात पर निर्भर करेगा कि “more productive” होने का अर्थ बेहतर काम है या केवल ज्यादा काम।

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