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Meta का नया Muse AI खुद करेगा काम: Email, Shopping से Payment तक दूसरे Apps में ले सकेगा Action

Meta ने नया personal AI agent Muse लॉन्च किया है, जो केवल सवालों के जवाब देने के बजाय यूजर की अनुमति से दूसरे apps और services से जुड़कर ईमेल भेजने, यात्रा बुक करने, खरीदारी और दूसरी डिजिटल गतिविधियां पूरी कर सकता है। फिलहाल इसका rollout अमेरिका में शुरू हुआ है।

Meta का नया Muse AI खुद करेगा काम: Email, Shopping से Payment तक दूसरे Apps में ले सकेगा Action
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Janta Scope

Meta ने लॉन्च किया Muse AI Agent, दूसरे Apps में जाकर Email, Booking और Payment जैसे काम कर सकेगा

परिचय

AI assistants अब केवल सवालों के जवाब देने से आगे बढ़ रहे हैं। Meta ने Muse नाम का नया personal AI agent लॉन्च किया है, जिसे यूजर की ओर से डिजिटल दुनिया में वास्तविक काम करने के लिए तैयार किया गया है।

Muse ईमेल भेजने और calendar संभालने से लेकर travel booking, shopping और payments से जुड़ी गतिविधियों तक कई काम कर सकता है। इसकी खासियत यह है कि यूजर को हर छोटे कदम के लिए लगातार निर्देश देने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। Meta इसे अपने CEO Mark Zuckerberg के “personal superintelligence” के व्यापक विजन की दिशा में एक कदम बता रही है।

Chatbot से अलग कैसे है Muse?

पारंपरिक chatbot में आम तौर पर यूजर सवाल पूछता है और AI जवाब देता है। Muse का लक्ष्य इससे आगे जाना है।

Meta के अनुसार, यूजर Muse को बता सकता है कि उसे क्या करवाना है और agent उस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जरूरी कदम उठा सकता है। उदाहरण के तौर पर यह ईमेल भेज सकता है, यात्रा बुक कर सकता है और लंबे समय के लक्ष्यों को action plan में बदल सकता है

यह पहले की बातचीत से महत्वपूर्ण जानकारी याद रखकर सुझाव भी दे सकता है। Meta ने उदाहरण दिया है कि Instagram पर save की गई recipe reel को Muse grocery list में बदल सकता है, dinner menu सुझा सकता है और दोस्तों की पहले बताई गई dietary restrictions को ध्यान में रख सकता है।

यानी अंतर केवल बेहतर जवाब देने का नहीं है। Meta ऐसा AI बनाने की कोशिश कर रही है जो information से action की ओर बढ़े।

दूसरे Apps और Services तक पहुंच

Muse की सबसे महत्वपूर्ण क्षमता अलग-अलग apps और digital services के साथ काम करना है।

Meta के मुताबिक agent email और दूसरी systems के लिए connectors इस्तेमाल कर सकता है। कंपनी ने अपने Facebook और Instagram जैसे platforms के लिए भी connectors तैयार किए हैं। Meta की technical documentation के अनुसार, APIs या command-line interfaces उपलब्ध होने पर Muse अन्य services के लिए custom connectors भी तैयार कर सकता है।

Reuters के अनुसार, इसके संभावित उपयोग में email, calendar, payments, shopping, health और smart-home services जैसी categories शामिल हैं।

इस स्तर की access Muse को ज्यादा उपयोगी बना सकती है, लेकिन यही सुविधा privacy और security को भी इस product का केंद्रीय मुद्दा बनाती है।

Muse Secure VM क्या है?

Meta ने Muse के लिए एक अलग architecture तैयार किया है जिसे Muse Secure VM कहा गया है।

प्रत्येक Muse एक dedicated virtual machine यानी cloud में मौजूद अलग computer environment में चलता है। इसमें अपना browser होता है और connected services के data तथा credentials को secure storage में रखने की व्यवस्था की गई है।

Meta का कहना है कि Muse को passwords या payment methods सीधे दिखाई नहीं देते। Credentials secure storage में रखे जाते हैं ताकि agent उनका इस्तेमाल कर सके, लेकिन उन्हें पढ़ न सके।

‘Sentinel’ करेगा AI की गतिविधियों की निगरानी

Muse के साथ Meta ने एक अलग Sentinel agent भी बनाया है।

Meta के मुताबिक Sentinel को system level पर Muse से अलग रखा गया है। Muse की कोई कार्रवाई internet तक पहुंचने से पहले Sentinel की जांच से गुजरती है। जरूरत पड़ने पर यह यूजर की अनुमति मांगता है।

ईमेल भेजने या purchase करने जैसी sensitive actions से पहले Muse को यूजर से confirmation लेना होगा। यूजर को agent ने क्या किया और आगे क्या करने की योजना बनाई है, उसका audit trail भी उपलब्ध कराया जाएगा।

यूजर यह भी नियंत्रित कर सकता है कि Muse किन apps से जुड़े और उसे कितनी permission मिले। उदाहरण के लिए email access को केवल पढ़ने तक सीमित रखा जा सकता है या email भेजने की अनुमति भी दी जा सकती है।

Privacy को लेकर Meta ने क्या कहा?

ऐसे AI agent के लिए privacy का सवाल सामान्य chatbot से कहीं बड़ा है, क्योंकि उसे emails, calendar और दूसरे personal services तक पहुंच मिल सकती है।

Meta का कहना है कि Muse के VM में मौजूद conversations और data को उसके advertising systems के साथ share नहीं किया जाता। Users अपनी Muse interactions को Meta के AI models की training में इस्तेमाल होने से opt out भी कर सकते हैं।

कंपनी की योजना Muse Confidential VM भी लाने की है। Meta के मुताबिक इसमें पूरे VM को ऐसी key से encrypt किया जाएगा जो केवल यूजर के पास होगी, जिससे Meta भी उस data तक नहीं पहुंच सकेगी। यह सुविधा 2026 में बाद में लाने की योजना है।

लेकिन Security को लेकर सवाल खत्म नहीं हुए

Meta के सुरक्षा संबंधी दावों को स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य मानना सही नहीं होगा।

Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, Muse के internal testing के दौरान security vulnerabilities और reliability से जुड़ी समस्याएं सामने आई थीं। रिपोर्ट में private information exposure और inconsistent performance जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया है। Reuters के मुताबिक Muse की पहले प्रस्तावित launch timing को security मजबूत करने के लिए टाला भी गया था।

Meta की अपनी engineering टीम ने भी स्वीकार किया है कि agent को inbox, calendar और computer environment तक unattended access देने के शुरुआती प्रयोग हमेशा योजना के मुताबिक नहीं चले। कंपनी का कहना है कि इसी कारण Muse के development में safety engineering पर काफी काम किया गया।

इसलिए Muse की असली परीक्षा केवल यह नहीं होगी कि वह कितने काम कर सकता है। यह भी महत्वपूर्ण होगा कि sensitive accounts तक access मिलने के बाद वह उन कामों को कितनी भरोसेमंद और सुरक्षित तरीके से करता है।

Muse Spark है इसके पीछे का AI Model

Muse को Muse Spark से शक्ति मिलती है, जिसे Meta अपना अब तक का सबसे capable model बताती है।

कंपनी ने Muse Spark को agentic tasks के लिए तैयार किया है। इसमें tool calling, लंबे instructions को follow करना, multiple agents के बीच coordination और computer interfaces के साथ काम करने जैसी क्षमताओं पर जोर दिया गया है।

इसका मतलब Muse केवल एक नए interface का नाम नहीं है। इसके पीछे Meta अपने AI models, connectors और dedicated cloud-computing environment को एक system के रूप में जोड़ रही है।

अभी कहां उपलब्ध है Muse?

Muse का rollout फिलहाल अमेरिका में शुरू हुआ है।

Meta के मुताबिक इसे iOS, Android और Muse की web service के जरिए इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी ने इसे WhatsApp के जरिए बातचीत करने के लिए भी डिजाइन किया है। AI glasses में Muse को बाद में लाने की योजना है।

Muse की ज्यादातर सामान्य capabilities मुफ्त उपलब्ध कराने की बात कही गई है, जबकि ज्यादा इस्तेमाल करने वाले users के लिए paid subscription plans भी हैं। Reuters के मुताबिक इनमें $20 और $100 प्रति माह के tiers शामिल हैं।

Meta के लिए Muse क्यों महत्वपूर्ण है?

Muse बताता है कि बड़ी technology कंपनियों के बीच AI की अगली प्रतिस्पर्धा केवल “सबसे अच्छा chatbot” बनाने तक सीमित नहीं रहने वाली।

अगर AI agent emails पढ़ सकता है, calendar समझ सकता है, booking कर सकता है, खरीदारी पूरी कर सकता है और अलग-अलग apps के बीच काम कर सकता है, तो वह एक standalone chatbot के बजाय यूजर की digital activities के बीच मौजूद execution layer बन सकता है।

Meta के पास यहां एक अलग संभावित फायदा है—WhatsApp, Instagram और Facebook जैसे उसके platforms पहले से अरबों लोगों की रोजमर्रा की digital activity का हिस्सा हैं।

लेकिन यही scale चुनौती भी पैदा करता है। Muse की सफलता आखिरकार तीन चीजों पर निर्भर करेगी: वह कितनी reliably काम करता है, users उसे अपने accounts तक कितनी access देने को तैयार होते हैं और Meta उसके sensitive data को कितनी सुरक्षित तरीके से संभाल पाती है।

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