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बॉलीवुड

अमिताभ बच्चन के 'जलसा' और दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, मुंबई पुलिस अलर्ट; जांच में क्या मिला?

मुंबई में अमिताभ बच्चन के जुहू स्थित बंगले 'जलसा', दिलजीत दोसांझ के आगामी कॉन्सर्ट और महापौर कार्यालय को निशाना बनाने की धमकी वाला ईमेल सामने आया है। 23 अक्टूबर को मिले इस संदेश के बाद मुंबई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। शुरुआती तलाशी में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, जबकि ईमेल भेजने वाले की पहचान और धमकी की विश्वसनीयता की जांच जारी है।

अमिताभ बच्चन के 'जलसा' और दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, मुंबई पुलिस अलर्ट; जांच में क्या मिला?
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द्वारा साधना गुप्ता

स्रोत: hindustan times, times of india, indian express, india today, PTI.

मुंबई में धमकी भरे ईमेल से सुरक्षा एजेंसियों में हलचल

मुंबई: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन और पंजाबी गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ से जुड़े स्थानों को निशाना बनाने की धमकी ने मुंबई में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के महापौर कार्यालय को मिले एक ईमेल में अमिताभ बच्चन के बंगले 'जलसा', दिलजीत दोसांझ के प्रस्तावित संगीत कार्यक्रम, महापौर कार्यालय और कुछ स्कूलों पर हमले की धमकी दी गई थी।

ईमेल मिलने के बाद मुंबई पुलिस ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सतर्क किया और सुरक्षा जांच शुरू की। राहत की बात यह रही कि शुरुआती तलाशी के दौरान किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई। 24 अक्टूबर की सुबह प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ईमेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने और उसमें किए गए दावों की सत्यता जांचने में जुटी है। फिलहाल किसी हमले की साजिश की पुष्टि नहीं हुई है।

महापौर रितु तावड़े के कार्यालय को मिला धमकी भरा संदेश

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, धमकी वाला ईमेल मुंबई की महापौर रितु तावड़े के कार्यालय को भेजा गया था। इसकी एक प्रति उपमहापौर संजय घाड़ी को भी भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

ईमेल में BMC मुख्यालय स्थित महापौर कार्यालय पर हमला करने का दावा किया गया था। इसके अलावा स्कूलों और कुछ अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को भी निशाना बनाने की बात कही गई। रिपोर्ट के अनुसार, ईमेल में महापौर कार्यालय पर दोपहर 3:11 बजे हमले की धमकी दी गई थी। इसके बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने परिसर की तलाशी ली। दक्षिण मुंबई के जोन-1 के पुलिस उपायुक्त मनीष कलवानिया ने पुष्टि की कि BMC कार्यालय को धमकी वाला ईमेल मिला था और जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया। पुलिस के इस बयान से इतना स्पष्ट हुआ है कि तलाशी के समय कोई खतरनाक वस्तु सामने नहीं आई। हालांकि ईमेल की उत्पत्ति और इसके पीछे की मंशा का पता लगाना अलग जांच का विषय बना हुआ है।

अमिताभ बच्चन के बंगले 'जलसा' को लेकर क्या लिखा था?

मुंबई के जुहू इलाके में स्थित अमिताभ बच्चन का बंगला 'जलसा' उनके प्रशंसकों के बीच खास पहचान रखता है। यहां अक्सर बड़ी संख्या में प्रशंसक अभिनेता की एक झलक पाने के लिए पहुंचते हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर प्रकाशित रिपोर्टों में बताया गया कि धमकी भरे ईमेल में 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच बंगले पर ग्रेनेड से हमला करने का दावा किया गया था।

इस सूचना के बाद जलसा और अमिताभ बच्चन से जुड़े आवासीय परिसरों की सुरक्षा बढ़ाई गई। टाइम्स ऑफ इंडिया की 24 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, जुहू पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और नियमित गश्त बढ़ाने की जानकारी दी।

यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य है कि अमिताभ बच्चन को सीधे व्यक्तिगत रूप से धमकी वाला ईमेल मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। इंडिया टुडे ने मुंबई पुलिस के हवाले से बताया कि उनका नाम ईमेल की सामग्री में शामिल था। इसलिए यह कहना अधिक सटीक होगा कि उनके आवास को निशाना बनाने की धमकी दी गई थी।

दिलजीत दोसांझ का 27 नवंबर का कॉन्सर्ट भी धमकी में शामिल

मामले का दूसरा बड़ा पहलू लोकप्रिय गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ से जुड़ा है। दिलजीत का मुंबई के महालक्ष्मी रेसकोर्स में 27 नवंबर 2026 को संगीत कार्यक्रम निर्धारित बताया गया है। धमकी भरे ईमेल में इस कार्यक्रम के दौरान आत्मघाती हमले का दावा किया गया था। किसी बड़े संगीत कार्यक्रम में हजारों दर्शकों के आने की संभावना रहती है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के सामने आयोजन स्थल, प्रवेश व्यवस्था और भीड़ की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण सवाल खड़े होते हैं। पुलिस ने कॉन्सर्ट स्थल सहित ईमेल में बताए गए स्थानों की सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

हालांकि यह केवल ईमेल में किया गया दावा है। अब तक उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसे किसी वास्तविक हमले की तैयारी का स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। कॉन्सर्ट रद्द होने की भी कोई पुष्ट जानकारी इन रिपोर्टों में नहीं दी गई है।

स्कूलों को मिली धमकी, तलाशी में नहीं मिला कुछ संदिग्ध

इस मामले में शैक्षणिक संस्थानों का नाम आने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित अमेरिकन स्कूल को भी शुक्रवार सुबह धमकी वाला ईमेल मिला था। BKC पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने स्कूल परिसर की जांच की, जो लगभग 45 मिनट तक चली। तलाशी के दौरान कुछ संदिग्ध नहीं मिला। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि नवी मुंबई के पांच निजी स्कूलों को भी धमकी वाले ईमेल प्राप्त हुए थे।

इन घटनाओं के बाद पुलिस ने संबंधित परिसरों में एहतियाती जांच की। स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों को निशाना बनाने वाली ऐसी धमकियां भले ही बाद में झूठी साबित हों, लेकिन इनसे सुरक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

ईमेल में 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' का जिक्र, लेकिन जिम्मेदारी की पुष्टि नहीं

धमकी वाले संदेश में 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' और 'बब्बर खालसा' जैसे नामों का उल्लेख किया गया था। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, ईमेल भेजने वाले ने अपनी पहचान 'Smith Johnson' बताई थी। हालांकि ईमेल में किसी संगठन का नाम लिखे होने से यह प्रमाणित नहीं हो जाता कि वही संगठन उसके पीछे है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि संदेश वास्तव में किसने भेजा, क्या इसमें किसी संगठन की भूमिका है या किसी ने डर फैलाने के उद्देश्य से ऐसे नामों का इस्तेमाल किया। अधिकारियों ने अब तक किसी संगठन की संलिप्तता की अंतिम पुष्टि नहीं की है।

मुंबई पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती क्या?

इस मामले में पुलिस की प्राथमिक चुनौती केवल धमकी वाले स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि संदेश भेजने वाले तक पहुंचना भी है। जांच के दौरान ईमेल के तकनीकी स्रोत, भेजने वाले की संभावित पहचान, धमकी की विश्वसनीयता और किसी अन्य घटना से उसके संभावित संबंध जैसे पहलुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। मुंबई पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराने से बचने की अपील भी की है। फिलहाल सबसे राहत भरी बात यह है कि शुरुआती सुरक्षा जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। इसके बावजूद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है और संबंधित स्थानों की सुरक्षा बढ़ाई है।

24 अक्टूबर 2026 की सुबह तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस धमकी को किसी वास्तविक हमले की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। पुलिस की जांच से ही स्पष्ट होगा कि ईमेल के पीछे कौन था और उसका उद्देश्य क्या था।

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