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बॉलीवुड

‘Animal चल गई तो सब Violence करने लगे’: Kareena Kapoor ने Bollywood की ‘Herd Mentality’ पर क्यों उठाए सवाल?

करीना कपूर खान ने बॉलीवुड की “herd mentality” पर सवाल उठाते हुए कहा है कि किसी एक तरह की फिल्म सफल होते ही इंडस्ट्री उसी formula के पीछे भागने लगती है। उन्होंने रणबीर कपूर की Animal का उदाहरण देते हुए कहा कि फिल्म की सफलता के बाद violence को trend की तरह अपनाने की कोशिश दिखाई दी। करीना का मानना है कि आज का दर्शक पहले से ज्यादा समझदार है और केवल genre या पुराने commercial formulas के आधार पर फिल्म देखने नहीं जाता।

‘Animal चल गई तो सब Violence करने लगे’: Kareena Kapoor ने Bollywood की ‘Herd Mentality’ पर क्यों उठाए सवाल?
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Janta Scope

Kareena Kapoor ने Bollywood की ‘Herd Mentality’ पर साधा निशाना, Animal की सफलता का दिया उदाहरण

Introduction

बॉलीवुड में एक सफल फिल्म के बाद उसी तरह की कहानियों और genres की कतार लग जाना कोई नई बात नहीं है। अब करीना कपूर खान ने इसी trend-following culture पर खुलकर सवाल उठाया है।

Yuvaa के एक town hall interaction में करीना ने कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री कई बार किसी successful formula को दोहराने की कोशिश में “herd mentality” का शिकार हो जाती है। उन्होंने इसके लिए संदीप रेड्डी वांगा की 2023 की blockbuster Animal का उदाहरण दिया।

करीना का तर्क था कि Animal जैसी हिंसा-केंद्रित फिल्म के सफल होने का मतलब यह नहीं है कि बाकी filmmakers को भी उसी दिशा में चलना चाहिए। उनके मुताबिक आज के दर्शक ज्यादा समझदार हैं और वे फिल्म की quality तथा कहानी देखकर अपना फैसला करते हैं।

‘Animal चल गई तो सब Violence कर लेते हैं’

करीना ने बातचीत के दौरान कहा कि दर्शकों को industry जितना समझती है, वे उससे कहीं अधिक समझदार हैं।

उन्होंने कहा कि अब सिर्फ young love story या किसी एक लोकप्रिय genre के सहारे audience को सिनेमाघरों तक लाना आसान नहीं है।

इसी संदर्भ में उन्होंने कहा:

“Animal चल गई तो चलो सब violence कर लेते हैं. We are herd mentality, what to say?”

करीना की टिप्पणी का संदर्भ Animal की गुणवत्ता या उसकी commercial success को खारिज करना नहीं था। उनका मुख्य सवाल उस industry behaviour को लेकर था जिसमें एक फिल्म के सफल होने के बाद उसी तरह का content दोहराने की कोशिश शुरू हो जाती है।

Audience को कम आंकना गलत: Kareena

करीना ने इस बातचीत में audience की बदलती पसंद पर खास जोर दिया।

उनके मुताबिक आज दर्शक केवल यह देखकर फिल्म नहीं चुनते कि वह comedy, romance, action या किसी दूसरे लोकप्रिय genre की है।

उन्होंने कहा कि audience trailer देखकर खुद तय करेगी कि फिल्म उसे आकर्षित करती है या नहीं।

करीना का मानना है कि ऐसे filmmakers की अपनी जगह बनी रहेगी जो अलग तरह की कहानियां बताते हैं, दर्शकों को सोचने के लिए मजबूर करते हैं और conventional formulas से बाहर निकलने की कोशिश करते हैं।

‘हर फिल्म ₹200 या ₹500 करोड़ नहीं कमाएगी’

करीना ने box-office expectations पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने कहा:

“Not every film is going to make Rs 200 crore or Rs 500 crore.”

उनके मुताबिक younger audience अब ज्यादा सवाल करती है और filmmakers यह मानकर नहीं चल सकते कि किसी खास genre में फिल्म बनाने भर से दर्शक उसे देखने पहुंच जाएंगे।

इस टिप्पणी में बॉलीवुड की मौजूदा commercial expectations का एक महत्वपूर्ण पहलू सामने आता है। बड़े box-office numbers की तलाश में studios और filmmakers के लिए पहले से सफल concepts को दोहराना comparatively safer choice लग सकता है, लेकिन करीना का तर्क है कि audience खुद इस approach को चुनौती दे रही है।

Animal की सफलता क्यों बनी उदाहरण?

संदीप रेड्डी वांगा के निर्देशन में बनी Animal दिसंबर 2023 में रिलीज हुई थी।

फिल्म में रणबीर कपूर ने रणविजय विजय सिंह की भूमिका निभाई, जबकि अनिल कपूर उनके पिता के किरदार में थे। कहानी एक जटिल पिता-पुत्र संबंध के इर्द-गिर्द बनाई गई थी और इसमें intense तथा graphic violence प्रमुख तत्वों में शामिल था।

फिल्म ने worldwide box office पर ₹900 करोड़ से ज्यादा की कमाई की और बड़ी commercial success साबित हुई।

उसकी सफलता के साथ फिल्म में दिखाई गई हिंसा, misogyny के आरोप और उसके characters को लेकर व्यापक बहस भी हुई।

फिल्म का sequel Animal Park development में है।

क्या Kareena ने Animal की आलोचना की?

करीना की टिप्पणी को यहां सही संदर्भ में समझना जरूरी है।

उन्होंने यह नहीं कहा कि Animal को सफल नहीं होना चाहिए था या दर्शकों ने उसे पसंद करके गलत किया।

उनकी आलोचना Bollywood की trend-following tendency को लेकर थी।

उनका उदाहरण यह समझाने के लिए था कि जब एक violent film बड़ी hit बनती है तो industry के दूसरे हिस्सों में यह धारणा बनने लग सकती है कि violence ही अगला commercial formula है।

इसलिए करीना के बयान का केंद्र Animal से ज्यादा Bollywood का “copy-the-success” approach है।

Bollywood में Formula-Chasing की पुरानी समस्या

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सफल genres की नकल का pattern लंबे समय से देखा जाता रहा है।

किसी दौर में romantic films की सफलता के बाद romance की संख्या बढ़ी, फिर action और comedy cycles आए। हाल के वर्षों में historical spectacles, pan-India action films, sequels, franchises और darker action dramas को commercial opportunity के रूप में देखा गया है।

हालांकि किसी समान genre की कई फिल्में बनना अपने आप में copying साबित नहीं करता। अलग-अलग projects कई साल पहले development में जा चुके होते हैं।

करीना की टिप्पणी broader creative mindset पर है—यानी box-office success को automatically अगली फिल्मों के लिए template बना देना।

Malayalam Cinema का भी किया जिक्र

करीना ने बातचीत में Malayalam cinema की storytelling approach की भी सराहना की।

उनका मानना है कि वहां writers को महत्वपूर्ण स्थान मिलता है और कहानी पर अधिक जोर दिखाई देता है।

यह तुलना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में Malayalam cinema की कई फिल्मों ने relatively modest budgets और star power के बजाय screenplay, characters और unusual subjects के जरिए national audience तक पहुंच बनाई है।

करीना की बात का व्यापक संदेश यही था कि Hindi cinema को भी audience की intelligence पर भरोसा करते हुए अलग-अलग तरह की storytelling के लिए जगह बनानी चाहिए।

बदलता Audience Bollywood के लिए सबसे बड़ा संकेत

करीना की टिप्पणी में शायद सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा audience को लेकर उनका observation है।

Streaming platforms, regional cinema की बढ़ती पहुंच और international content की आसान उपलब्धता ने दर्शकों के सामने पहले से कहीं ज्यादा विकल्प रख दिए हैं।

ऐसे माहौल में केवल star power या successful genre का label किसी फिल्म की सफलता की guarantee नहीं बन सकता।

यही कारण है कि करीना बदलाव का दबाव सिर्फ filmmakers की तरफ से नहीं, बल्कि audience की तरफ से भी आता देखती हैं।

उनके मुताबिक युवा दर्शक कठिन सवाल पूछेंगे और content को ज्यादा सावधानी से चुनेंगे।

Kareena की अगली फिल्म Daayra

करीना की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब वह अपनी अगली फिल्म Daayra की रिलीज की तैयारी कर रही हैं।

मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी investigative drama में करीना के साथ पृथ्वीराज सुकुमारन प्रमुख भूमिका में हैं।

फिल्म true events से inspired बताई गई है और juvenile crime तथा उससे जुड़ी investigations की पृष्ठभूमि में आगे बढ़ती है।

Daayra 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

ऐसे में formula-driven filmmaking पर करीना की टिप्पणी उनकी अपनी अगली फिल्म के संदर्भ में भी दिलचस्प है, क्योंकि Daayra को conventional commercial entertainer के बजाय investigative drama के रूप में पेश किया जा रहा है।

Kareena की टिप्पणी का बड़ा संदेश

करीना कपूर की टिप्पणी Bollywood में violence पर अकेली बहस नहीं है। इसका दायरा उससे बड़ा है।

उनका सवाल यह है कि क्या फिल्म इंडस्ट्री audience की पसंद को समझने के बजाय पिछली blockbuster के formula को दोहराने पर ज्यादा भरोसा कर रही है।

Animal ने ₹900 करोड़ से अधिक की worldwide कमाई करके यह साबित किया कि intense और polarising cinema के लिए भी बड़ा commercial market मौजूद है। लेकिन करीना का तर्क है कि एक फिल्म की सफलता को पूरे industry के लिए creative template नहीं बनाया जाना चाहिए।

उनके मुताबिक बदलता दर्शक शायद Bollywood को इसी cycle से बाहर निकलने के लिए मजबूर कर सकता है—जहां अगली hit खोजने के लिए पिछली hit की नकल करने के बजाय नई कहानी और अलग cinematic voice पर दांव लगाया जाए।

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