Awarapan 2 पर Vishesh Bhatt ने क्यों कहा—यह ‘Cash Grab’ नहीं है?
बॉलीवुड में सफल और लोकप्रिय फिल्मों के सीक्वल बनाने का चलन लंबे समय से मौजूद है। ऐसे में किसी पुरानी लोकप्रिय फिल्म की अगली कड़ी सामने आने पर यह सवाल भी उठता है कि क्या निर्माता कहानी को आगे बढ़ाना चाहते हैं या केवल स्थापित ब्रांड और दर्शकों की पुरानी यादों का व्यावसायिक फायदा उठाना चाहते हैं।
इमरान हाशमी की ‘Awarapan 2’ को लेकर भी इसी तरह की चर्चा के बीच निर्माता विशेष भट्ट ने फिल्म के पीछे की व्यावसायिक स्थिति पर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि फिल्म को आसान मुनाफे वाली परियोजना मानना सही नहीं होगा, क्योंकि शुरुआत में बाजार से इसे वैसा समर्थन नहीं मिला था जिसकी किसी स्थापित फ्रेंचाइजी से उम्मीद की जा सकती है।
शुरुआत में वितरकों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी
विशेष भट्ट के मुताबिक, एक समय ऐसा था जब कोई वितरक ‘Awarapan 2’ खरीदने के लिए आगे नहीं आया। उनका तर्क है कि अगर फिल्म वास्तव में केवल पुराने नाम से तुरंत पैसा कमाने की कोशिश होती, तो निर्माता शुरुआत में ही वितरण सौदों के जरिए सुरक्षित मुनाफे की स्थिति में होते।
इसके बजाय, उनके अनुसार निर्माताओं ने परियोजना में अपना पैसा लगाया और फिल्म को पूरा करने का जोखिम उठाया। फिल्म तैयार होने के बाद बाजार की दिलचस्पी बढ़ने लगी।
यह दावा खास तौर पर दिलचस्प है क्योंकि मई 2026 तक फिल्म के वितरण अधिकारों को लेकर कई प्रमुख कंपनियों की रुचि की खबरें सामने आ चुकी थीं। इससे संकेत मिलता है कि परियोजना के शुरुआती चरण और फिल्म तैयार होने के बाद उसकी बाजार स्थिति में बड़ा बदलाव आया।
2007 की Awarapan से जुड़ी हैं दर्शकों की पुरानी यादें
इस सीक्वल की सबसे बड़ी ताकत इसकी पहली फिल्म की विरासत है। साल 2007 में आई ‘Awarapan’ में इमरान हाशमी ने शिवम पंडित का किरदार निभाया था। मोहित सूरी के निर्देशन में बनी पहली फिल्म अपने शुरुआती थिएट्रिकल प्रदर्शन में बड़ी व्यावसायिक सफलता हासिल नहीं कर पाई थी, लेकिन समय के साथ इसकी कहानी, संगीत और इमरान के किरदार ने मजबूत प्रशंसक आधार बनाया और फिल्म को कल्ट पहचान मिली।
लगभग 19 साल बाद ‘Awarapan 2’ में इमरान का उसी किरदार से दोबारा जुड़ना फिल्म के लिए बड़ा आकर्षण बना। नई फिल्म का निर्देशन नितिन कक्कड़ ने किया है और इसमें दिशा पाटनी भी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।
बॉक्स ऑफिस की शुरुआत ने बदली तस्वीर
दिलचस्प बात यह है कि जिस फिल्म के लिए निर्माता शुरुआती दौर में वितरकों की सीमित दिलचस्पी की बात कर रहे हैं, उसी फिल्म ने रिलीज के बाद मजबूत शुरुआत दर्ज की।
‘Awarapan 2’ 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और शुरुआती दो दिनों में भारत में ₹50 करोड़ से अधिक के आंकड़े तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई। अलग-अलग ट्रेड रिपोर्टों में कलेक्शन के आंकड़ों में कुछ अंतर है, इसलिए शुरुआती कमाई को अंतिम बॉक्स ऑफिस परिणाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
फिर भी शुरुआती प्रतिक्रिया यह बताती है कि पहली फिल्म के प्रति वर्षों में बनी दर्शकों की भावनात्मक निष्ठा को बड़े पर्दे पर दर्शक मिल सकते हैं।
यह मामला बॉलीवुड के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
‘Awarapan 2’ की कहानी केवल एक सीक्वल की सफलता या असफलता तक सीमित नहीं है। यह फिल्म उद्योग में कल्ट फिल्मों की व्यावसायिक क्षमता पर भी रोशनी डालती है।
कोई फिल्म अपनी मूल रिलीज के दौरान कमजोर प्रदर्शन कर सकती है, लेकिन टीवी, संगीत, डिजिटल प्लेटफॉर्म और वर्षों तक चलने वाली दर्शकों की चर्चा उसे नई पहचान दे सकती है। ‘Awarapan’ इसी तरह की फिल्मों में गिनी जाती है। ऐसे में उसका सीक्वल यह जांचने का अवसर भी बनता है कि ऑनलाइन लोकप्रियता और पुरानी यादें वास्तव में टिकट बिक्री में कितनी बदल सकती हैं।
सिर्फ Nostalgia काफी होगा या कहानी भी जरूरी?
‘Awarapan 2’ के पक्ष में सबसे बड़ा तत्व इमरान हाशमी और शिवम पंडित के किरदार से जुड़ी दर्शकों की पुरानी यादें हैं। लेकिन यही इसकी सबसे बड़ी चुनौती भी है।
पुरानी लोकप्रियता किसी सीक्वल को मजबूत शुरुआती दर्शक दे सकती है, लेकिन लंबे समय तक बॉक्स ऑफिस पर टिकने के लिए कहानी, किरदारों और दर्शकों की प्रतिक्रिया की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। इसलिए निर्माता का ‘कैश ग्रैब’ वाली धारणा से इनकार अपनी जगह है, जबकि फिल्म की रचनात्मक और व्यावसायिक सफलता का अंतिम मूल्यांकन उसके पूरे थिएट्रिकल रन के बाद ही बेहतर ढंग से किया जा सकेगा।
