कृति सैनन ने कोर्ट में कौनसी याचिका दायर की है? क्या है Personality Right Case? विस्तार से जानें।
कृति सैनन ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपनी व्यक्तिगत पहचान, Publicity Rights की सुरक्षा के लिए याचिका दायर की है। कृति ने कानून व्यवस्था से मांग की है कि उनके नाम, तस्वीर, चेहरे, आवाज और अन्य पहचान से जुड़े तत्वों का बिना अनुमति के इस्तेमाल रोका जाए। खासकर AI Generated Content और Digital Impersonation के मामले में।
आज के समय में AI Tools से किसी भी Actor की आवाज Clone की जा सकती है, चेहरा Deepfake Video में लगाया जा सकता है, और Fake Endorsement वाले Advertisement बनाए जा सकते हैं। अभिनेत्री कृति सैनन का कहना है कि इस तरह की चीजों से न सिर्फ उनकी छवि को नुकसान पहुंचता है बल्कि जनता को भी गुमराह किया जाता है। इससे लोगों को लगता है कि Actor ने खुद किसी Product का समर्थन किया है।
इसलिए कृति ने कोर्ट से अपने Personality Rights की मांग की है जिससे ऐसे Unauthorised Commercial Use, Fake Endorsement, Merchandise और AI Generated Impersonation पर रोक लगाई जा सके।
कोर्ट की पूरी वारदात।
कल 16 October को दिल्ली हाई कोर्ट में कृति सैनन द्वारा दायर की गई याचिका की सुनवाई थी, कृति के केस की सुनवाई की शुरुआत में ही Justice कौरव ने कृति सैनन के वकील, Senior Advocate प्रवीण आनंद से पूछा कि Personality Rights में आखिर क्या-क्या आता है? इसकी सीमाएं क्या हैं?
इसके जवाब देते हुए प्रवीण आनंद ने कहा कि, Personality Rights में किसी व्यक्ति की आवाज, चेहरा, फोटो, वीडियो और नाम शामिल होते हैं, उन्होंने यह भी कहा कि बिना सहमति के किसी के चेहरे का व्यावसायिक इस्तेमाल करके पैसा कमाना भी इसी अधिकार का उल्लंघन है।
प्रवीण आनंद की इस दलील पर कोर्ट ने कहा कि वो इस मामले में व्यापक रूप से कानूनी सिद्धांतों की जांच करना चाहते हैं। क्योंकि ऐसे मामले अब बार-बार कोर्ट के सामने आ रहे हैं। कोर्ट ने वकील से कहा कि Previous Judgement और Research Paper का एक Compilation दें, ताकि कोर्ट यह समझ सके कि Personality Rights की सीमा क्या है? एक व्यक्ति के कौन-कौन से Attributes को कानूनी सुरक्षा मिल सकती है और क्या ऐसे विवाद दिल्ली हाई कोर्ट के Intellectual Property Division के दायरे में आते हैं?
कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि Compilation देखने के बाद ही Comprehensive Order पास किया जाएगा, वकील प्रवीण आनंद ने कहा कि Compilation उसी दिन फाइल कर दिया जाएगा। और इस मामले में कोई Jurisdictional Issue नहीं है।
बता दें कि भारत में Personality Rights के लिए कोई अलग कानून नहीं है, ये अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार और अन्य कानूनों से निकलकर आए हैं।
कृति सैनन के Personality Rights के लिए दायर याचिका का मुख्य उद्देश्य।
भारत में बढ़ने वाले Fake Endorsement और Public Image का गलत इस्तेमाल ने कृति सैनन की चिंता बढ़ा दी है, इसी के संदर्भ में कृति ने हाई कोर्ट में Personality Rights की याचिका दायर की है ताकि कोई भी व्यक्ति, Company या अन्य संस्थान उनके चेहरे, आवाज, Deepfake या Personality से जुड़ी किसी भी चीज को उनकी Permission के बिना इस्तेमाल न कर सके। अगर किसी परिस्थिति में अगर कोई Company कृति की तस्वीर लगाकर यह दावा करे कि उन्होंने उस Company का Product इस्तेमाल किया है जबकि कृति ने उसका प्रचार किया ही नहीं है तो इससे कृति के personal Rights का उल्लंघन होगा और इसका बड़ा मुनाफा Company को होगा, इसलिए कृति ने ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए हाई कोर्ट से Personality Rights की मांग की है।
Personality Rights का केस अकेले कृति सैनन का नहीं है इससे पहले भी कई Public Figure इस परेशानी को Face कर चुके हैं।
कृति सैनन का यह Case दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहे ऐसे दर्जनों मामलों में से एक है। पिछले कई महीनों में कृति जैसे कई बड़े नाम Personality Rights के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं।
Live Law की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने पहले ही कंगना रनौत, तब्बू, विजय देवरकोंडा, क्रिकेटर अभिषेक शर्मा, युवराज सिंह, कांग्रेस नेता शशि थरूर और आंध्र प्रदेश के Deputy CM पवन कल्याण के Personality Rights की रक्षा की है।
इसके अलावा अमन गुप्ता, अल्लू अर्जुन, मोहनलाल, अनिरुद्धाचार्य, जुबिन नौटियाल, सुनील गावस्कर, काजोल देवगन, आर. माधवन और एनटीआर जूनियर जैसे बड़े नामों को भी कोर्ट से Personality Rights को लेकर सुरक्षा मिली है। वहीं सलमान खान ने भी इसी तरह की याचिका दायर की है।
Personality Rights आज के समय में एक बड़ी समस्या बनती जा रही है इसलिए Justice कौरव ने कहा कि, अब इस मुद्दे पर एक व्यापक और स्पष्ट कानूनी रूपरेखा बनाने की जरूरत है, ताकि हर केस में अलग आदेश न देना पड़े।
AI और Deepfake ने क्यों बढ़ा दी है चिंता?
पहले Personality Right का विवाद ज्यादातर पोस्टर, T-Shirts या नकली विज्ञापनों तक सीमित था, लेकिन अब AI ने इस खतरे को कई गुना बढ़ा दिया है। आज AI से Voice Cloning, Deepfake Video, Fake Endorsement और Digital Impersonation बढ़ गए हैं। इन परेशानियों के कारण किसी भी व्यक्ति की Personality का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है, इसलिए Personality Rights पर Decision आना जरूरी है।
अगली सुनवाई कब?
कृति सैनन के Personality Rights के मामले में कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 29 October की तारीख दी है। उस दिन कोर्ट, प्रवीण आनंद द्वारा दिए गए Compilation, पहले के Judgements और Research Papers को देखेगा, इसके बाद ही कोर्ट इस मामले में कोई सुनवाई कर सकता है।
