अंतरराष्ट्रीय प्रचार में फिल्म को ‘रामायण: राइज ऑफ अ लेजेंड’ नाम से प्रस्तुत किया जा रहा है। यह शीर्षक विदेशी दर्शकों के सामने इसके पहले भाग की पहचान बनाने का हिस्सा है।
रेड कार्पेट पर मुलाकातों ने खींचा ध्यान
प्रीमियर से सामने आए वीडियो में रणबीर कपूर प्रशंसकों का अभिवादन करते और उनसे हाथ मिलाते दिखाई दिए। रणबीर और यश का एक-दूसरे को गले लगाने वाला दृश्य भी रिपोर्टों में प्रमुखता से दिखाया गया। साई पल्लवी की पारंपरिक साड़ी और सितारों के भारतीय पहनावे ने आयोजन को सांस्कृतिक रंग दिया। यश अपनी पत्नी राधिका पंडित के साथ कार्यक्रम में पहुँचे।
फिल्म में रणबीर भगवान राम, साई पल्लवी सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। पर्दे पर अलग-अलग पक्षों का प्रतिनिधित्व करने वाले कलाकार यहाँ साथ तस्वीरें खिंचवाते नजर आए। प्रशंसकों के साथ उनकी सहज बातचीत ने बड़े आयोजन के बीच व्यक्तिगत मुलाकातों के लिए भी जगह बनाई।
यश के संबोधन में अपनी जड़ों पर गर्व
यश ने मंच पर अपने भारतीय और कन्नड़ होने पर गर्व व्यक्त किया। उनके संदेश का आशय था कि किसी व्यक्ति की शुरुआत यह तय नहीं करती कि वह भविष्य में कितनी दूर जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान का उल्लेख करते हुए उन्होंने फिल्म को भारतीय कहानी और सांस्कृतिक विरासत सामने रखने के अवसर के रूप में प्रस्तुत किया।
उनकी मौजूदगी अभिनेता की भूमिका से आगे भी जाती है। यश परियोजना के निर्माण से जुड़े हैं। निर्माता नमित मल्होत्रा ने कार्यक्रम में उनके सहयोग और फिल्म के प्रति विश्वास की सराहना की। इस साझेदारी ने आयोजन में कलाकार और निर्माता, दोनों भूमिकाओं को सामने रखा।
अकादमी म्यूजियम में विशेष स्क्रीनिंग
फिल्म की स्क्रीनिंग लॉस एंजेलिस के अकादमी म्यूजियम ऑफ मोशन पिक्चर्स स्थित डेविड गेफेन थिएटर में रखी गई। यह आम टिकट बिक्री वाला प्रदर्शन नहीं, बल्कि आमंत्रित अतिथियों के लिए आयोजित विशेष 3डी स्क्रीनिंग थी। कार्यक्रम की तैयारी से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, मेहमानों से भारतीय पारंपरिक उत्सवी परिधान पहनकर आने का अनुरोध किया गया था।
इस आयोजन को फिल्म की अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुँच बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा सकता है। भारतीय परिधान, परिचित सांस्कृतिक कथा और आधुनिक प्रदर्शन तकनीक को एक साथ प्रस्तुत करने से निर्माताओं का उद्देश्य स्पष्ट होता है: फिल्म को ऐसे दर्शकों तक भी पहुँचाना, जिनकी रामायण से परिचित होने की पृष्ठभूमि अलग हो सकती है।
डबिंग और AI पर निर्देशक ने स्थिति स्पष्ट की
प्रीमियर के दौरान नितेश तिवारी ने फिल्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को लेकर चल रही चर्चा पर भी जवाब दिया। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने बताया कि अलग-अलग भाषाओं के संवाद कलाकारों ने रिकॉर्ड किए हैं। AI की मदद होंठों की गति को उन संवादों के अनुरूप बनाने के लिए ली गई है।
उनके बयान के अनुसार, तकनीक का उद्देश्य दर्शकों को अपनी भाषा में अधिक सहज दृश्य अनुभव देना है। उदाहरण के लिए, किसी दूसरी भाषा में संवाद सुनते समय स्क्रीन पर होंठों की हरकत उससे मेल खाए, तो दृश्य अधिक स्वाभाविक लग सकता है। निर्देशक ने इसी प्रक्रिया को स्पष्ट किया। उनके स्पष्टीकरण में आवाज रिकॉर्ड करने वाले कलाकारों की भूमिका कायम रहने पर जोर था।
संगीत, कलाकार और निर्माण टीम
‘रामायण’ की टीम में कई फिल्म उद्योगों से जुड़े कलाकार और तकनीकी सहयोगी शामिल हैं। प्रमुख तिकड़ी के अलावा सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में हैं। परियोजना से नमित मल्होत्रा का प्राइम फोकस स्टूडियोज और यश का मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स जुड़े हैं। विजुअल इफेक्ट्स का काम डीएनईजी से संबंधित है।
संगीत के लिए ए. आर. रहमान और हांस जिमर साथ आए हैं। इस संयोजन से फिल्म के दृश्य और श्रव्य अनुभव को लेकर दिलचस्पी बनती है। हालांकि, किसी बड़ी तकनीकी टीम की मौजूदगी अपने आप में फिल्म की गुणवत्ता का अंतिम प्रमाण नहीं होती; उसका मूल्यांकन पूरी फिल्म देखकर ही किया जा सकेगा।
अब नजरें 5 नवंबर की रिलीज पर
फिल्म का पहला भाग 5 नवंबर 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए निर्धारित है। हिंदी के साथ तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम संस्करण भी रिलीज योजना में शामिल हैं। कहानी को दो भागों में प्रस्तुत किया जा रहा है और दूसरे भाग के लिए दिवाली 2027 का समय घोषित किया गया है।
लॉस एंजेलिस का प्रीमियर इस यात्रा का अहम प्रचार पड़ाव है। रेड कार्पेट की तस्वीरें दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा सकती हैं, लेकिन व्यापक प्रतिक्रिया सिनेमाघरों में प्रदर्शन के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल, रणबीर, साई पल्लवी और यश की संयुक्त मौजूदगी ने फिल्म की रिलीज से पहले उसके अंतरराष्ट्रीय परिचय को मजबूत किया है।
