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बॉलीवुड

‘मैंने खुद दो बार परीक्षा दी थी’: मानुषी छिल्लर ने 2015 पेपर लीक का अनुभव साझा किया, शाहिद कपूर ने भी छात्रों के प्रदर्शन का किया समर्थन

देशभर में कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर जारी छात्र आंदोलनों के बीच अभिनेत्री और पूर्व मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर ने अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि 2015 में पेपर लीक के कारण उन्हें मेडिकल प्रवेश परीक्षा दोबारा देनी पड़ी थी। वहीं अभिनेता शाहिद कपूर ने भी छात्रों की चिंताओं का समर्थन करते हुए शिक्षा व्यवस्था में युवाओं के भरोसे को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

‘मैंने खुद दो बार परीक्षा दी थी’: मानुषी छिल्लर ने 2015 पेपर लीक का अनुभव साझा किया, शाहिद कपूर ने भी छात्रों के प्रदर्शन का किया समर्थन
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: जनता स्कोप

पेपर लीक विवाद पर खुलकर बोले बॉलीवुड सितारे, छात्रों की चिंताओं के समर्थन में सामने आए मानुषी और शाहिद

देश में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर चल रही बहस के बीच मनोरंजन जगत की कई हस्तियां भी छात्रों के पक्ष में अपनी राय रख रही हैं। इसी क्रम में अभिनेत्री मानुषी छिल्लर और अभिनेता शाहिद कपूर ने अलग-अलग सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की भावनाओं को गंभीरता से लेने की अपील की है।


मानुषी छिल्लर ने साझा किया अपना 2015 का अनुभव

मानुषी छिल्लर ने सोशल मीडिया पर बताया कि 2015 में मेडिकल प्रवेश परीक्षा के पेपर लीक के कारण उन्हें परीक्षा दोबारा देनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र के लिए यह केवल एक परीक्षा नहीं होती, बल्कि वर्षों की मेहनत, परिवार के त्याग और भविष्य की उम्मीदों का प्रतीक होती है।

उन्होंने यह भी लिखा कि उस समय व्यवस्था की कमी को स्वीकार करते हुए दोबारा परीक्षा दी गई थी, लेकिन एक दशक बाद भी यदि ऐसी घटनाएं सामने आती हैं तो यह सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है। उन्होंने शिक्षा को समाज में समान अवसर देने वाला सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताया और कहा कि सुधार की मांग को संस्थाओं के विरोध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।


शाहिद कपूर ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

अभिनेता शाहिद कपूर ने भी छात्रों के आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि देश के युवा ही शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा खोने लगें तो उसके दूरगामी परिणाम क्या होंगे।

उन्होंने अपने संदेश में शिक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि युवाओं की उम्मीदों और भविष्य को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनका बयान ऐसे समय आया है जब परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग लगातार तेज हो रही है।


परीक्षा सुधार की मांग बनी राष्ट्रीय बहस

कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त व्यवस्था, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार शामिल हैं।

दिल्ली से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब कई शहरों तक फैल चुका है, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। कई सार्वजनिक हस्तियों ने भी छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुनने की अपील की है।


सेलिब्रिटी समर्थन क्यों है महत्वपूर्ण?

जब सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रसिद्ध लोग शिक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर अपनी राय रखते हैं तो यह मुद्दा व्यापक समाज तक पहुंचता है। हालांकि ऐसे बयान किसी कानूनी या प्रशासनिक निर्णय का विकल्प नहीं होते, लेकिन वे सार्वजनिक चर्चा को नई दिशा दे सकते हैं और प्रभावित छात्रों की भावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सामने ला सकते हैं।

मानुषी छिल्लर का व्यक्तिगत अनुभव इस बहस को मानवीय दृष्टिकोण देता है, जबकि शाहिद कपूर की टिप्पणी शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।


संतुलित विश्लेषण

मानुषी छिल्लर और शाहिद कपूर की प्रतिक्रियाएं यह दिखाती हैं कि परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं का प्रभाव केवल परीक्षा देने वाले छात्रों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों में चिंता पैदा करता है।

हालांकि परीक्षा सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार तथा संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है, वहीं सार्वजनिक हस्तियों की अपील इस विषय पर जागरूकता बढ़ाने में भूमिका निभा सकती है। अंततः किसी भी शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता उसके निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद संचालन पर निर्भर करती है।

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