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बॉलीवुड

मनोज बाजपेयी का छलका दर्द: फिल्म विवाद में पत्नी और बेटी को बनाया निशाना, बोले—'परिवार को घसीटा गया तो बहुत तकलीफ हुई'

बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी ने अपनी फिल्म 'घूसखोर पंडत' के नाम पर हुए विवाद को लेकर दर्द साझा किया है। अभिनेता ने खुलासा किया कि सोशल मीडिया पर उनकी पत्नी और बेटी की तस्वीरें साझा करके आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित मनोज ने कानूनी सलाह भी ली थी। विवाद के बाद फिल्म का नाम बदलकर 'गजब रात' कर दिया गया है।

मनोज बाजपेयी का छलका दर्द: फिल्म विवाद में पत्नी और बेटी को बनाया निशाना, बोले—'परिवार को घसीटा गया तो बहुत तकलीफ हुई'
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द्वारा साधना गुप्ता

स्रोत: india today, hindustan times, PTI, the print , indian express

मुंबई | 24 अक्टूबर 2026

बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेताओं में गिने जाने वाले मनोज बाजपेयी अपनी दमदार अदाकारी के साथ बेबाक विचारों के लिए भी पहचाने जाते हैं। लेकिन इस बार अभिनेता अपनी किसी भूमिका की वजह से नहीं, बल्कि निजी जीवन से जुड़े एक संवेदनशील अनुभव को लेकर चर्चा में हैं। अपनी फिल्म 'घूसखोर पंडत' के नाम पर हुए विवाद को याद करते हुए उन्होंने बताया कि किस तरह सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचना उनके परिवार तक पहुंच गई थी।

मनोज बाजपेयी ने कहा कि वर्षों से फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के कारण वह व्यक्तिगत आलोचना और नकारात्मक टिप्पणियों के आदी हो चुके हैं। लेकिन जब उनकी पत्नी और बेटी को विवाद में घसीटा गया, तो स्थिति उनके लिए बेहद परेशान करने वाली हो गई।

पत्नी और बेटी की तस्वीरें साझा करने पर जताई नाराजगी

23 अक्टूबर को इंडिया टुडे के साथ बातचीत में मनोज बाजपेयी ने खुलासा किया कि विवाद के दौरान कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके परिवार की तस्वीरें ऑनलाइन साझा की थीं। खासकर उनकी बेटी की तस्वीर प्रकाशित किए जाने और उसके साथ आपत्तिजनक बातें लिखे जाने से अभिनेता काफी चिंतित हुए। मनोज के मुताबिक, आलोचना करने वाले कई लोग अपनी वास्तविक पहचान सामने नहीं ला रहे थे। ऐसे में उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि परिवार को निशाना बनाने वाले लोगों का सामना किस तरह किया जाए।

उन्होंने बताया कि इस घटनाक्रम के दौरान उन्होंने अपनी कानूनी टीम से सलाह ली। साथ ही प्रशासन से जुड़े कुछ परिचित अधिकारियों से भी बातचीत की। हालांकि उन्हें फिलहाल ऐसे लोगों की टिप्पणियों को नजरअंदाज करने की सलाह मिली थी।

'मैं आलोचना सह सकता हूं, लेकिन परिवार को क्यों निशाना बनाया जाए?'

समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में मनोज बाजपेयी ने कहा कि एक अभिनेता के रूप में उन्होंने अपने करियर में अस्वीकृति, आलोचना और कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया है। उनका मानना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को आलोचना सुनने के लिए तैयार रहना पड़ता है। लेकिन किसी कलाकार से असहमति जताने के लिए उसके परिवार को व्यक्तिगत हमलों का निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।

अभिनेता ने कहा कि वह स्वभाव से खुशमिजाज हैं और सामान्य परिस्थितियों में विवादों से दूर रहना पसंद करते हैं। हालांकि अपने करीबी लोगों की सुरक्षा का सवाल आने पर उनका रवैया बदल जाता है। उनके बयान से स्पष्ट है कि फिल्म को लेकर हुई बहस से ज्यादा उन्हें परिवार के प्रति दिखाई गई ऑनलाइन आक्रामकता ने परेशान किया।

आखिर 'घूसखोर पंडत' फिल्म पर क्यों हुआ था विवाद?

यह मामला फरवरी 2026 में शुरू हुआ था, जब नेटफ्लिक्स ने अपने आगामी प्रोजेक्ट्स की घोषणा के दौरान मनोज बाजपेयी की फिल्म 'घूसखोर पंडत' का टीजर पेश किया। फिल्म के शीर्षक पर कई संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स ने आपत्ति जताई। विरोध करने वालों का आरोप था कि शीर्षक में एक समुदाय से जुड़े शब्द को भ्रष्टाचार के साथ जोड़ने से उनकी भावनाएं आहत हो रही हैं।

विवाद बढ़ने पर फिल्म के निर्माताओं के खिलाफ कानूनी शिकायतें भी सामने आईं। मामला अदालतों तक पहुंच गया और फिल्म की प्रचार सामग्री को लेकर भी सवाल उठाए गए। हालांकि मनोज बाजपेयी और निर्माताओं का कहना था कि किसी समुदाय का अपमान करना उनका उद्देश्य नहीं था। उनके अनुसार, शीर्षक कहानी के एक काल्पनिक किरदार के संदर्भ में रखा गया था।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा विवाद, बदला गया फिल्म का नाम

फिल्म के शीर्षक को लेकर शुरू हुआ विवाद दिल्ली हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। अदालत में हुई कार्यवाही के दौरान निर्माताओं ने मूल शीर्षक वापस लेने का फैसला किया। इसके बाद फिल्म का नाम बदलकर 'गजब रात' (Gajab Raat) रखा गया। 15 अक्टूबर को नए नाम के साथ इसका ट्रेलर जारी किया गया।इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मनोज बाजपेयी ने कहा कि कई लोगों ने फिल्म या उसका ट्रेलर देखे बिना ही केवल शीर्षक के आधार पर आपत्ति जताई थी। उनका यह भी कहना था कि आपत्तियां सामने आने के बाद टीम ने उन्हें गंभीरता से लिया और शीर्षक बदलने की प्रक्रिया शुरू की।

23 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई 'गजब रात'

विवादों के बाद मनोज बाजपेयी की फिल्म 'गजब रात' आखिरकार 23 अक्टूबर 2026 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई। रितेश शाह के निर्देशन में बनी इस क्राइम थ्रिलर का निर्माण नीरज पांडे से जुड़े प्रोडक्शन बैनर ने किया है। फिल्म में मनोज बाजपेयी एक ऐसे पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं, जिसकी जिंदगी एक रात के दौरान अप्रत्याशित घटनाओं में उलझ जाती है। एक घायल महिला की मदद करने का फैसला उन्हें ऐसे मामले तक पहुंचाता है, जहां अपराध, साजिश और व्यक्तिगत नैतिकता के बीच संघर्ष दिखाई देता है। फिल्म में दिव्या दत्ता, साकिब सलीम, श्रद्धा दास और अक्षय ओबेरॉय जैसे कलाकार भी शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर आलोचना और व्यक्तिगत हमलों के बीच फर्क

मनोज बाजपेयी का अनुभव फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े एक बड़े सवाल की ओर ध्यान खींचता है। क्या किसी फिल्म, किरदार या शीर्षक का विरोध करते समय कलाकार के परिवार को निशाना बनाना उचित है? लोकतांत्रिक समाज में फिल्मों की आलोचना करना और उनकी विषयवस्तु पर सवाल उठाना लोगों का अधिकार है। दर्शक किसी शीर्षक को आपत्तिजनक मान सकते हैं और निर्माता उस पर अपना पक्ष रख सकते हैं। लेकिन असहमति व्यक्त करने और किसी के परिवार की तस्वीरें फैलाकर अपमानजनक टिप्पणियां करने में महत्वपूर्ण अंतर है। विशेष रूप से बच्चों को सार्वजनिक विवादों में शामिल करना उनकी निजता और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।

मनोज बाजपेयी के बयान ने उठाए महत्वपूर्ण सवाल

मनोज बाजपेयी ने अपने अनुभव के माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक पहचान रखने वाला व्यक्ति भी परिवार की सुरक्षा को लेकर उतना ही चिंतित हो सकता है जितना कोई सामान्य नागरिक। फिल्म का नाम बदलने के बाद उसका प्रदर्शन शुरू हो चुका है, लेकिन अभिनेता के लिए विवाद का व्यक्तिगत पहलू अब भी महत्वपूर्ण है। यह घटनाक्रम याद दिलाता है कि किसी रचनात्मक काम की आलोचना करते समय असहमति के साथ जिम्मेदारी और संवेदनशीलता बनाए रखना भी जरूरी है।

फिलहाल 'गजब रात' नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है। फिल्म को लेकर उठे विवाद के बीच मनोज बाजपेयी का ताजा बयान कलाकारों और उनके परिवारों के प्रति सोशल मीडिया के व्यवहार पर एक नई चर्चा सामने लाया है।

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