OTT से बड़े पर्दे तक ‘Mirzapur’ का सफर
लोकप्रिय स्ट्रीमिंग फ्रेंचाइजी ‘Mirzapur’ को सिनेमाघरों तक ले जाने का प्रयोग दर्शकों और फिल्म उद्योग दोनों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।
निर्देशक Gurmmeet Singh के मुताबिक, फिल्म बनाते समय टीम ने इस बात का अतिरिक्त दबाव नहीं लिया कि OTT से थिएटर में आने वाले प्रोजेक्ट्स का पिछला रिकॉर्ड कैसा रहा है।
फिल्म को सिनेमाघरों में देखने के लिए प्रशंसकों के पहुंचने पर उन्होंने खुशी जताई। उनके मुताबिक, दर्शकों द्वारा फिल्म स्वीकार किया जाना टीम के लिए महत्वपूर्ण रहा।
यह प्रयोग इसलिए भी अहम है क्योंकि इसकी व्यावसायिक सफलता दूसरे लोकप्रिय OTT प्रोजेक्ट्स के लिए बड़े पर्दे पर विस्तार की संभावनाओं को लेकर नई चर्चा पैदा कर सकती है।
‘Shoorveer’ गाने पर क्यों हुआ विवाद?
फिल्म के एक हिंसक दृश्य में ‘Shoorveer’ गाने के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हुआ।
Rapperiya Baalam ने आरोप लगाया कि महाराणा प्रताप को समर्पित उनके गाने का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना किया गया। उन्होंने फिल्म में गाने के संदर्भ पर भी आपत्ति जताई और सवाल उठाया कि महाराणा प्रताप से जुड़े गीत को गैंगस्टर किरदारों वाले दृश्य में इस्तेमाल करना उचित था या नहीं।
हालांकि विवाद का दूसरा पक्ष भी है।
Trouper Records ने कहा कि ‘Shoorveer’ को फिल्म में इस्तेमाल करने के लिए Excel Entertainment को आधिकारिक रूप से लाइसेंस दिया गया था। इसलिए अनुमति और कॉपीराइट अधिकारों को लेकर कलाकार तथा रिकॉर्ड लेबल के दावे अलग-अलग हैं।
इस विवाद को केवल “बिना अनुमति गाना इस्तेमाल किया गया” के रूप में स्थापित तथ्य मानना सही नहीं होगा।
Gurmmeet Singh ने ‘Shoorveer’ विवाद पर क्या कहा?
निर्देशक Gurmmeet Singh ने विवाद के कानूनी या अधिकार-संबंधी हिस्से पर अंतिम टिप्पणी करने के बजाय कहा कि इस विषय में निर्माता आगे की स्थिति बेहतर तरीके से स्पष्ट कर सकते हैं।
उन्होंने फिल्म की रचनात्मक मंशा पर जोर देते हुए कहा कि टीम का उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था।
Singh के मुताबिक, गाने को उस दृश्य में इस्तेमाल करने का उद्देश्य एक ऊर्जावान और आक्रामक प्रभाव पैदा करना था। उन्होंने कहा कि टीम ने इस प्रयोग से विवाद पैदा होने की उम्मीद नहीं की थी।
इसलिए यहां दो अलग मुद्दे हैं—पहला, गाने के लाइसेंस और कॉपीराइट का विवाद; दूसरा, महाराणा प्रताप को समर्पित गाने को उस विशेष दृश्य में इस्तेमाल करने की रचनात्मक उपयुक्तता।
Rasika Dugal के किरदार को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
फिल्म रिलीज होने के बाद Rasika Dugal के किरदार द्वारा लिए गए कुछ फैसलों को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना भी देखने को मिली।
Gurmmeet Singh ने इस प्रतिक्रिया को ऑनलाइन चर्चाओं के व्यापक संदर्भ में देखा।
उनका कहना था कि सोशल मीडिया की बातचीत कई बार लोगों की धारणा पर बहुत प्रभाव डालती है और नकारात्मक प्रतिक्रिया तेजी से फैल सकती है।
उन्होंने इस प्रतिक्रिया को समाज में लंबे समय से मौजूद पितृसत्तात्मक सोच से भी जोड़ा और संकेत दिया कि महिला किरदारों के फैसलों को देखने का नजरिया बदलने में समय लग सकता है।
यह निर्देशक की व्याख्या है; सोशल मीडिया पर किसी किरदार की आलोचना के पीछे सभी दर्शकों की वजह एक जैसी थी, ऐसा स्थापित नहीं किया जा सकता।
Vikrant Massey फिल्म में क्यों नहीं लौटे?
‘Mirzapur The Movie’ में मूल सीरीज से जुड़े कई कलाकार वापस आए, लेकिन Vikrant Massey फिल्म का हिस्सा नहीं बने।
सीरीज में Bablu Pandit की भूमिका निभाने वाले Massey की जगह फिल्म में Jitendra Kumar को इस किरदार में देखा गया।
यह पूछे जाने पर कि Massey की गैरमौजूदगी किसी असफल बातचीत का परिणाम थी या अभिनेता स्वयं वापस नहीं आना चाहते थे, Gurmmeet Singh ने किसी विशेष विवाद या असफल डील की पुष्टि नहीं की।
इसके बजाय उन्होंने कलाकारों की पेशेवर स्वतंत्रता पर जोर दिया।
उनका कहना था कि रचनात्मक क्षेत्र में प्रत्येक कलाकार को यह तय करने की आजादी होनी चाहिए कि वह अपने करियर में किस दिशा में जाना चाहता है। पुराने प्रोजेक्ट से जुड़ाव किसी कलाकार को भविष्य में उसी फ्रेंचाइजी का हिस्सा बने रहने के लिए बाध्य नहीं करना चाहिए।
Jitendra Kumar बने नए Bablu Bhaiya
Vikrant Massey की गैरमौजूदगी में Jitendra Kumar ने Bablu Bhaiya का किरदार संभाला।
यह बदलाव ‘Mirzapur’ जैसे स्थापित फ्रेंचाइजी के लिए महत्वपूर्ण था क्योंकि दर्शक पहले से इस किरदार को Massey के अभिनय से जोड़ते रहे हैं।
किसी लोकप्रिय किरदार में अभिनेता बदलना फिल्म निर्माताओं के लिए दोहरी चुनौती पैदा करता है—कहानी की निरंतरता बनाए रखना और नए अभिनेता को किरदार की अपनी व्याख्या पेश करने की जगह देना।
Singh की टिप्पणी से यह संकेत मिलता है कि निर्माताओं ने Massey की गैरमौजूदगी को सार्वजनिक विवाद के रूप में पेश करने के बजाय कलाकार की व्यक्तिगत रचनात्मक पसंद के संदर्भ में देखा है।
सफलता के साथ विवाद भी बने चर्चा का हिस्सा
‘Mirzapur The Movie’ के आसपास की चर्चा केवल बॉक्स ऑफिस तक सीमित नहीं रही।
एक तरफ फिल्म ने OTT से थिएटर तक किसी लोकप्रिय फ्रेंचाइजी को ले जाने के मॉडल पर नई चर्चा शुरू की है। दूसरी तरफ ‘Shoorveer’ विवाद ने संगीत अधिकार, सांस्कृतिक संदर्भ और फिल्म निर्माताओं की रचनात्मक जिम्मेदारी से जुड़े सवाल सामने रखे हैं।
Rasika Dugal के किरदार को लेकर ऑनलाइन प्रतिक्रिया ने यह भी दिखाया कि लोकप्रिय फ्रेंचाइजी में किरदारों के फैसले सोशल मीडिया पर कितनी तेजी से बहस का विषय बन सकते हैं।
वहीं Vikrant Massey की जगह Jitendra Kumar को लेने का फैसला बताता है कि किसी लंबे समय से चली आ रही फ्रेंचाइजी को नए माध्यम और नए कलाकारों के साथ आगे बढ़ाने में रचनात्मक बदलाव भी जरूरी हो सकते हैं।
फिलहाल ‘Shoorveer’ विवाद में कलाकार और रिकॉर्ड लेबल के अधिकार संबंधी दावे अलग-अलग हैं। इसलिए किसी एक पक्ष के दावे को अंतिम तथ्य मानने के बजाय विवाद के दोनों पक्षों को सामने रखना महत्वपूर्ण है।
