FWICE के वरिष्ठ पदाधिकारी Ashoke Pandit ने स्पष्ट किया कि रणवीर सिंह पर किसी प्रकार का आधिकारिक बैन नहीं लगाया गया था। उन्होंने कहा कि FWICE के पास किसी कलाकार को फिल्म इंडस्ट्री से प्रतिबंधित करने का अधिकार नहीं है।
अशोक पंडित के अनुसार, संगठन ने केवल कुछ मुद्दों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन अब मामले को सुलझा लिया गया है। इसके बाद नॉन-कोऑपरेशन संबंधी निर्णय को वापस लेने का फैसला किया गया।
इस बयान के बाद रणवीर सिंह के प्रशंसकों और फिल्म इंडस्ट्री में चल रही अटकलों पर विराम लगने की उम्मीद है। हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाओं पर अभी भी नजर बनी हुई है।
