ताजा जानकारी के अनुसार, फिल्म फिलहाल पोस्ट-प्रोडक्शन के अंतिम चरण में है। इसकी स्क्रिप्ट में बड़े बदलाव किए जाने की खबरों का खंडन किया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि फिल्म को अभी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पास प्रमाणन के लिए नहीं भेजा गया है।
स्क्रिप्ट में बदलाव की खबरों पर क्या आया जवाब?
22 अक्टूबर को इंडियन एक्सप्रेस के मनोरंजन प्लेटफॉर्म SCREEN ने फिल्म से जुड़े एक सूत्र के हवाले से नई जानकारी प्रकाशित की। सूत्र का दावा है कि फिल्म की मूल कहानी और निर्माण योजना में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
इससे पहले कई रिपोर्टों में कहा गया था कि भारत और चीन के बीच संबंधों को ध्यान में रखते हुए फिल्म के कुछ दृश्यों को बदला गया है। यहां तक कि फिल्म की दोबारा शूटिंग और एडिटिंग किए जाने की चर्चाएं भी सामने आई थीं। लेकिन ताजा रिपोर्ट में सूत्र ने कहा कि फिल्म उसी योजना के मुताबिक बनाई जा रही है, जो शुरुआत में तय की गई थी। स्क्रिप्ट में बदलाव और बड़े स्तर पर दोबारा एडिटिंग की खबरों को उसने निराधार बताया। हालांकि, यह स्पष्टीकरण एक सूत्र की ओर से आया है। फिल्म के अंतिम संस्करण में क्या बदलाव हुए हैं, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
सेंसर बोर्ड ने क्यों नहीं देखी फिल्म?
फिल्म की रिलीज में देरी का सबसे बड़ा सवाल सेंसर बोर्ड की मंजूरी से जुड़ा हुआ है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 'मातृभूमि' को अब तक CBFC के सामने प्रस्तुत नहीं किया गया है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स, बैकग्राउंड म्यूजिक और अंतिम तकनीकी सुधारों पर अभी काम चल रहा है।
दरअसल, फिल्म प्रमाणन के लिए निर्माताओं को लगभग तैयार संस्करण जमा करना होता है। इसके बाद बोर्ड फिल्म की समीक्षा करता है और नियमानुसार प्रमाणपत्र जारी करने का निर्णय लेता है। फिल्म की निर्माण कंपनी सलमान खान फिल्म्स ने जुलाई 2026 में भी बयान जारी करके प्रमाणन रोके जाने की खबरों का खंडन किया था। कंपनी का कहना था कि जब फिल्म सेंसर बोर्ड में भेजी ही नहीं गई, तो उसकी मंजूरी रोके जाने का दावा सही नहीं है। इसलिए फिलहाल यह कहना उचित नहीं होगा कि सेंसर बोर्ड ने 'मातृभूमि' की रिलीज रोक दी है।
सरकारी मंजूरी मिलने की खबर से क्यों बढ़ा भ्रम?
अक्टूबर की शुरुआत में बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म के संशोधित संस्करण को अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी NOC दे दिया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि फिल्म में भारत-चीन संबंधों को अधिक सकारात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इससे ऐसा माना जाने लगा था कि फिल्म की रिलीज से जुड़ी महत्वपूर्ण बाधा दूर हो गई है। हालांकि, 22 अक्टूबर को आई नई जानकारी में फिल्म में बड़े बदलाव किए जाने के दावे का खंडन किया गया है।
यहां समझना जरूरी है कि मंत्रालय की कथित NOC और CBFC का फिल्म प्रमाणपत्र अलग विषय हैं। किसी सरकारी अनुमति की खबर आने का अर्थ यह नहीं है कि सेंसर बोर्ड ने भी फिल्म को प्रमाणित कर दिया है। फिलहाल इन परस्पर विरोधी रिपोर्टों के बीच निर्माताओं की अगली आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
'बैटल ऑफ गलवान' से 'मातृभूमि' क्यों बनी फिल्म?
सलमान खान की यह फिल्म पहले 'बैटल ऑफ गलवान' नाम से चर्चा में आई थी। इसकी पृष्ठभूमि जून 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुए हिंसक संघर्ष से प्रेरित है। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं। इसमें सलमान खान एक भारतीय सैन्य अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि चित्रांगदा सिंह भी महत्वपूर्ण किरदार में दिखाई देंगी। मार्च 2026 में फिल्म का नाम बदलकर 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' कर दिया गया था।
निर्देशक अपूर्व लाखिया पहले स्पष्ट कर चुके हैं कि नाम बदलने का निर्णय अचानक नहीं लिया गया था। उनका कहना था कि फिल्म केवल एक लड़ाई की कहानी नहीं है, बल्कि इसमें सैनिकों के त्याग, संवेदनाओं और मानवीय पहलुओं को भी स्थान दिया गया है।
क्या फिल्म में युद्ध से ज्यादा इंसानियत दिखाई जाएगी?
ताजा रिपोर्ट में फिल्म से जुड़े सूत्र ने इसके भावनात्मक पहलू पर भी जोर दिया है। सूत्र के मुताबिक, सलमान खान की फिल्मों में इंसानियत और प्रेम की भावना महत्वपूर्ण रही है। उदाहरण के तौर पर उनकी फिल्म 'बजरंगी भाईजान' का जिक्र किया गया।
सूत्र का दावा है कि 'मातृभूमि' का उद्देश्य किसी देश या समुदाय के प्रति नफरत बढ़ाना नहीं है। फिल्म की कहानी में देशप्रेम के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी महत्व दिया गया है। हालांकि, दर्शकों को फिल्म का वास्तविक स्वरूप इसके रिलीज होने के बाद ही पूरी तरह समझ आएगा।
पोस्ट-प्रोडक्शन में चल रहा है काम
7 अक्टूबर को प्रकाशित Variety India की रिपोर्ट में बताया गया था कि फिल्म का अंतिम संस्करण तैयार होना बाकी है। उस रिपोर्ट के अनुसार, संगीतकार रवि बसरूर फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर पर काम कर रहे थे। साथ ही अंतिम एडिटिंग से जुड़े कुछ बदलावों की प्रक्रिया भी जारी थी। अब 22 अक्टूबर की जानकारी से इतना स्पष्ट होता है कि फिल्म के तकनीकी काम पूरे होने के बाद ही इसे प्रमाणन के लिए प्रस्तुत करने की योजना है। इस बीच फिल्म का देशभक्ति गीत 'जय हिंद' भी सामने आ चुका है, जिससे दर्शकों के बीच इसकी चर्चा बनी हुई है।
कब रिलीज होगी सलमान खान की 'मातृभूमि'?
शुरुआत में फिल्म को 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना थी, लेकिन यह तारीख टाल दी गई। बाद में अगस्त और नवंबर में रिलीज की संभावनाओं पर चर्चा हुई। अक्टूबर की शुरुआत में कुछ रिपोर्टों में 13 नवंबर 2026 की संभावित तारीख का भी उल्लेख किया गया था। हालांकि, 22 अक्टूबर 2026 तक निर्माताओं ने नई रिलीज तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में नवंबर में फिल्म रिलीज होने की खबर को फिलहाल संभावना ही माना जाना चाहिए।
अब निर्माताओं के अगले कदम पर नजर
'मातृभूमि' से जुड़ा ताजा विवाद दिखाता है कि फिल्म की रिलीज से पहले लगातार अलग-अलग जानकारियां सामने आ रही हैं। एक ओर कुछ रिपोर्टें कहानी में बड़े बदलाव और सरकारी मंजूरी की बात कर रही हैं, तो दूसरी ओर फिल्म से जुड़े सूत्र इन बदलावों से इनकार कर रहे हैं। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि फिल्म का अंतिम तकनीकी काम पूरा होना और CBFC प्रमाणन मिलना बाकी है। अब देखना होगा कि सलमान खान फिल्म्स कब इसका अंतिम संस्करण सेंसर बोर्ड को भेजती है और रिलीज तारीख की घोषणा करती है। तब तक प्रशंसकों को आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा।
