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सोनाक्षी-जहीर की ‘तू है मेरी किरण’ पर बड़ा अपडेट, ₹8.85 करोड़ का विवाद सुलझने का निर्माताओं का दावा

मुंबई, 23 अक्टूबर 2026। सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की फिल्म ‘तू है मेरी किरण’ की रिलीज को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच निर्माताओं ने राहत भरा अपडेट दिया है। विशाल राणा और सर्वेश गोयल ने कहा है कि फिल्म से जुड़ा विवाद आपसी स्तर पर सुलझा लिया गया है और इसे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में लाया जाएगा। उनका यह बयान ₹8.85 करोड़ के निवेश विवाद में बॉम्बे हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सामने आया है।

सोनाक्षी-जहीर की ‘तू है मेरी किरण’ पर बड़ा अपडेट, ₹8.85 करोड़ का विवाद सुलझने का निर्माताओं का दावा
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द्वारा साधना गुप्ता

स्रोत: money controll , live law bizz

निर्माताओं ने की तय तारीख पर रिलीज की पुष्टि

22 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, विशाल राणा ने बताया कि कुछ मुद्दों का समाधान जरूरी था और अब संबंधित पक्षों ने उन्हें आंतरिक बातचीत से हल कर लिया है। उन्होंने फिल्म को दर्शकों तक पहुंचाने को अपनी प्राथमिकता बताया। सर्वेश गोयल ने भी विवाद सुलझने की बात दोहराते हुए तय तारीख पर रिलीज की तैयारी की पुष्टि की। दोनों निर्माताओं के बयानों से रिलीज टलने की आशंका के बीच स्थिति बदली है।

हालांकि, इस घटनाक्रम को समझते समय निर्माताओं की घोषणा और अदालत के आदेश को अलग देखना जरूरी है। उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में समझौते की विस्तृत शर्तें या अदालत में रकम जमा किए जाने का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए फिलहाल पुष्ट जानकारी यही है कि निर्माताओं ने विवाद सुलझने का दावा किया है। इसे अदालत द्वारा सभी वित्तीय दावों का अंतिम निपटारा कर दिए जाने के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए।

₹8.85 करोड़ के निवेश को लेकर शुरू हुआ विवाद

मामला फिल्म की सहनिर्माता कंपनियों AND Movie Products LLP और Echelon Productions के बीच हुए करार से जुड़ा है। अदालती दस्तावेज के अनुसार, सहनिर्माण समझौता 27 मार्च 2024 से प्रभावी था। याचिकाकर्ता कंपनी ने कहा कि उसने फिल्म में कुल ₹8.85 करोड़ लगाए थे। इस रकम में ₹7.50 करोड़ का निवेश और ₹1.35 करोड़ जीएसटी शामिल था। उसका आरोप था कि तय समय बीतने के बावजूद निवेश वापस नहीं मिला।

समझौते में रकम लौटाने के लिए करार से तेरह महीने या फिल्म की पहली रिलीज से तीन सप्ताह पहले की समयसीमा थी; इनमें जो तारीख पहले आती, वह लागू होती। अदालत ने माना कि भुगतान का दायित्व 27 अप्रैल 2025 को बन चुका था। बाद में रिलीज की तारीख घोषित करने से यह समयसीमा आगे नहीं बढ़ सकती थी। जनवरी 2026 में ₹7.50 करोड़ का चेक भुगतान के बिना लौटने का मामला भी विवाद का हिस्सा बना।

हाई कोर्ट ने रकम और ब्याज जमा करने की शर्त रखी

न्यायमूर्ति अमित बोरकर ने 19 अक्टूबर को मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 9 के तहत अंतरिम आदेश दिया। Echelon Productions को तीन कार्यदिवस के भीतर ₹8.85 करोड़ और संबंधित निवेश की तारीखों से गणना किया गया 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अदालत में जमा करने का निर्देश दिया गया। यह जमा सहनिर्माता के दावे की सुरक्षा के लिए था। निर्देश का पालन नहीं होने तक फिल्म की रिलीज और उसके व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक की व्यवस्था की गई थी।

अदालत ने फिल्म पर हर परिस्थिति में पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बजाय दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखा। आदेश में फिल्म बनाने पर लगे धन, समय और मेहनत तथा रिलीज से आय होने की संभावना पर विचार किया गया। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि जिस निवेश की वापसी का समय गुजर चुका है, उसे सुरक्षित किए बिना फिल्म का व्यावसायिक इस्तेमाल करने की अनुमति देना उचित नहीं होगा।

इंस्टाग्राम पर प्रचार को अधिकार छोड़ने की सहमति नहीं माना

सुनवाई में सोशल मीडिया प्रचार का मुद्दा भी उठा। Echelon की ओर से दलील दी गई कि सहनिर्माता ने इंस्टाग्राम पर प्रचार संबंधी पोस्ट में सहयोग करके रिलीज का समर्थन किया था। अदालत ने प्रचार में भागीदारी को निवेश वापस पाने का अधिकार छोड़ने के बराबर नहीं माना। उसने यह भी स्पष्ट किया कि किसी प्रचार पोस्ट में सहयोग करना तीसरे पक्ष के साथ व्यावसायिक समझौतों की शर्तों को मंजूरी देना नहीं है।

फिल्म की आय और निर्माता क्रेडिट पर भी दिए निर्देश

वित्तीय सुरक्षा के अलावा अदालत ने पारदर्शिता से जुड़े निर्देश भी दिए। फिल्म के अधिकारों से संबंधित मौजूदा और प्रस्तावित समझौतों तथा उनसे मिलने वाली रकम का विवरण मांगा गया। फिल्म से होने वाली आय अलग निर्धारित खाते में रखने और नियमित हिसाब उपलब्ध कराने को कहा गया। सहनिर्माता की संविदात्मक सहमति का पालन करने तथा प्रचार सामग्री में तय निर्माता क्रेडिट सुधारने के निर्देश भी दिए गए। क्रेडिट संबंधी सुधार के लिए 48 घंटे का समय निर्धारित था।

अंतिम देनदारी के प्रश्न मध्यस्थता के लिए खुले

आदेश अंतरिम राहत से संबंधित था। अंतिम देनदारी, हिसाब, ब्याज और फिल्म में पक्षों के अधिकारों जैसे प्रश्न मध्यस्थता में तय होने के लिए खुले रखे गए थे। इसी वजह से निवेश की सुरक्षा के लिए रकम जमा करने का निर्देश और विवाद का अंतिम फैसला अलग चरण हैं। निर्माताओं की नई घोषणा रिलीज की तैयारी से जुड़ी स्थिति बताती है।

एकतरफा प्रेम और जुनून पर केंद्रित है फिल्म

फिल्म की बात करें तो ‘तू है मेरी किरण’ का लेखन और निर्देशन करण रावल ने किया है। यह रोमांटिक थ्रिलर एकतरफा प्रेम, जुनून और रिश्तों में पैदा होने वाले तनाव पर केंद्रित है। सोनाक्षी और जहीर के साथ अंकित गुप्ता, शर्लिन सेठ, जरीना वहाब और पूर्णेंदु भट्टाचार्य भी कलाकारों में शामिल हैं। कहानी में रोमांस के साथ रहस्य और सस्पेंस भी हैं।

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