पत्नी के आरोपों पर क्या बोले गोविंदा?
इंडियन एक्सप्रेस की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, गोविंदा ने एबीपी लाइव को दिए एक इंटरव्यू में अपने वैवाहिक जीवन से जुड़े सवालों का जवाब दिया। अभिनेता ने मौजूदा परिस्थितियों को एक ऐसा दौर बताया, जिसके गुजरने का वह इंतजार करना चाहते हैं। उनका कहना था कि प्रतिक्रिया देते समय शब्दों का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि परिस्थितियां बदलने के बाद भी कड़वी बातों से लगे घाव रह सकते हैं।
गोविंदा ने यह भी कहा कि किसी को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना उनके स्वभाव का हिस्सा नहीं है। उनके मुताबिक, उन्हें सात से आठ साल पहले ही अंदेशा हो गया था कि जीवन में इस तरह की स्थिति आ सकती है। हालांकि, उन्होंने इस अनुमान का कोई विस्तृत आधार साझा नहीं किया।
सुनीता को बताया अपनी सफलता का हिस्सा
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपों पर प्रतिक्रिया के दौरान गोविंदा ने सुनीता की भूमिका को कमतर नहीं बताया। उन्होंने अपने नाम, सम्मान और जीवन में मिली सफलता का श्रेय मां के आशीर्वाद के साथ पत्नी के साथ को भी दिया। अभिनेता ने कहा कि सुनीता उनके लिए भाग्यशाली रही हैं और उनके योगदान को वह स्वीकार करते हैं।
उनकी यह टिप्पणी इसलिए ध्यान खींचती है क्योंकि रिश्ते में मतभेद की चर्चा के बीच भी उन्होंने पत्नी के प्रति कृतज्ञता जताई। उन्होंने संकेत दिया कि वह सुनीता की हर बात का सार्वजनिक जवाब देने के बजाय उन्हें अपनी बात रखने की जगह देना चाहते हैं। उनके अनुसार, कड़वाहट बढ़ाने से स्थिति बेहतर नहीं होगी।
इस प्रतिक्रिया से दोनों के बीच सुलह हो जाने का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पत्नी के योगदान की प्रशंसा और मौजूदा मतभेदों का समाधान दो अलग बातें हैं। उपलब्ध बयान अभिनेता का नजरिया सामने रखता है, लेकिन रिश्ते से जुड़े सभी सवालों का जवाब नहीं देता।
बाहरी लोगों के प्रभाव का दावा
गोविंदा ने बातचीत में आरोप लगाया कि सुनीता के विचारों और प्रतिक्रियाओं पर दूसरों का प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया। अभिनेता का कहना था कि फिलहाल इस बारे में समझाने की कोशिश भी सुनीता को उनकी बात से सहमत नहीं कर पाएगी।
उन्होंने अपने ऊपर लग रहे आरोपों से बचकर निकलने और संयम बनाए रखने की बात कही। लोकसत्ता की 26 अक्टूबर की रिपोर्ट में भी उनके इसी रुख का उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, गोविंदा ने पत्नी की बदनामी करने से बचने और कटुता से परिस्थितियां नहीं बिगाड़ने की बात रखी।
सुनीता के बयानों की क्या है पृष्ठभूमि?
सुनीता पहले भी अपने वैवाहिक जीवन और गोविंदा से जुड़ी चर्चाओं पर खुलकर बोलती रही हैं। एनडीटीवी की छह सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने जून में ‘लॉक अप’ के दौरान पति के कथित संबंधों को लेकर आरोप लगाए थे। हालांकि, एक अन्य बातचीत में उन्होंने गोविंदा के प्रति अपने प्यार और भरोसे का भी जिक्र किया था।
पहले भी प्रशंसकों से मांगा था साथ
यह पहली बार नहीं है जब गोविंदा ने निजी जीवन की चर्चाओं के बीच अपनी बात रखी हो। सितंबर की उसी रिपोर्ट में उनके एक दही हांडी कार्यक्रम में दिए बयान का उल्लेख है। उस समय उन्होंने विवाद के विस्तार में जाने के बजाय प्रशंसकों से सहयोग और समर्थन की अपील की थी।
गोविंदा ने उस कार्यक्रम में फिल्मों में अपने काम का भी जिक्र किया था। उन्होंने ‘रूपा’ और ‘दुनियादारी’ को अपनी आगामी परियोजनाओं में बताया था। उस समय उनका जोर निजी आरोपों का बिंदुवार उत्तर देने से अधिक दर्शकों के साथ और करियर में आगे बढ़ने पर था।
नई प्रतिक्रिया से क्या स्पष्ट होता है?
गोविंदा के ताजा बयान में पत्नी के योगदान की स्वीकारोक्ति, सार्वजनिक कटुता से बचने की इच्छा और बाहरी प्रभाव का आरोप साथ दिखाई देते हैं। लेकिन इन टिप्पणियों को न तो विवाहेतर संबंधों की स्वीकारोक्ति कहा जा सकता है, न सभी विवादों का समाधान।
फिलहाल खबर का पुष्ट हिस्सा इतना है कि अभिनेता ने आरोपों पर अपना पक्ष रखा और सुनीता के प्रति सम्मान बनाए रखने की बात कही। रिश्ते का भविष्य या आरोपों की सच्चाई तय करने के लिए यह बयान पर्याप्त नहीं है।
