भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने जानकारी दी कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित फ्रेमवर्क ट्रेड डील का प्रारूप तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष विभिन्न मुद्दों पर लगातार संवाद कर रहे हैं और समझौते के अंतिम स्वरूप को लेकर सकारात्मक प्रगति हो रही है। उचित समय आने पर इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे।
राजेश अग्रवाल के अनुसार, इस समझौते का उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को और मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं हैं, जिनमें विनिर्माण, डिजिटल अर्थव्यवस्था, कृषि, ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स और उच्च प्रौद्योगिकी शामिल हैं। यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को नई दिशा देने और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए नए अवसर पैदा करने में मदद करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार निष्पक्ष, संतुलित और पारस्परिक लाभ वाले व्यापार समझौतों को प्राथमिकता दे रही है। भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता आर्थिक सहयोग वैश्विक व्यापार और निवेश के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता तय समय पर लागू होता है, तो इससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे तथा भारतीय उद्योगों और निर्यातकों को भी नए अवसर मिल सकते हैं।
