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भारत की Overseas FDI Commitments 23.3% बढ़कर $3.8 अरब, विदेशों में भारतीय कंपनियों का निवेश तेज

भारत की विदेशों में प्रत्यक्ष निवेश (Outward FDI) से जुड़ी financial commitments अगस्त 2026 में सालाना आधार पर 23.3% बढ़कर $3.8 अरब हो गईं। RBI के आंकड़ों के मुताबिक, equity commitments बढ़ीं और overseas subsidiaries के लिए guarantees में तेज उछाल आया, जबकि loans में गिरावट दर्ज की गई।

भारत की Overseas FDI Commitments 23.3% बढ़कर $3.8 अरब, विदेशों में भारतीय कंपनियों का निवेश तेज
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: JantaScope

भारतीय कंपनियों का वैश्विक बाजारों में विस्तार अगस्त 2026 में मजबूत बना रहा। Reserve Bank of India (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, भारत की outward foreign direct investment (FDI) financial commitments अगस्त में 23.3% बढ़कर $3.8 अरब हो गईं। अगस्त 2025 में यह आंकड़ा $3.11 अरब था।

हालांकि, मासिक आधार पर तस्वीर अलग रही। जुलाई 2026 में overseas FDI commitments $5.77 अरब थीं, यानी अगस्त में जुलाई के मुकाबले उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

RBI ने 18 सितंबर को अगस्त 2026 के Overseas Direct Investment के आंकड़े जारी किए, जिनमें Automatic Route और Approval Route दोनों के तहत हुए निवेश शामिल हैं।

Outward FDI में Equity, Loans और Guarantees की क्या रही स्थिति?

भारत की outward FDI financial commitment मुख्य रूप से तीन हिस्सों—equity, loans और guarantees—से मिलकर बनती है। अगस्त के आंकड़ों में इन तीनों के रुझान अलग-अलग रहे।

Equity Commitments बढ़कर $1.14 अरब

अगस्त 2026 में भारतीय कंपनियों की overseas equity FDI commitments बढ़कर $1.14 अरब हो गईं। पिछले साल अगस्त में यह आंकड़ा $1.06 अरब था।

हालांकि, जुलाई 2026 के $2.06 अरब की तुलना में अगस्त का equity commitment कम रहा। यानी सालाना आधार पर वृद्धि के बावजूद महीने-दर-महीने equity investment में नरमी आई।

Overseas Loans घटकर $464 मिलियन

Loans के मामले में गिरावट दर्ज की गई। अगस्त 2026 में overseas debt/loan commitments $464 मिलियन रहीं, जबकि अगस्त 2025 में यह आंकड़ा $845 मिलियन था।

जुलाई 2026 में loans करीब $878.9 मिलियन रहे थे। इस तरह loan component में सालाना और मासिक—दोनों आधार पर कमी देखने को मिली।

Guarantees में तेज उछाल, $2.23 अरब तक पहुंचा आंकड़ा

अगस्त की outward FDI commitments में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव overseas entities के लिए जारी guarantees में दिखाई दिया।

अगस्त 2026 में guarantees बढ़कर $2.23 अरब हो गईं, जबकि एक साल पहले इसी महीने यह आंकड़ा करीब $1.2 अरब था। हालांकि जुलाई 2026 में guarantees इससे भी अधिक, करीब $2.8 अरब थीं।

इसका मतलब है कि अगस्त में कुल $3.8 अरब financial commitments का सबसे बड़ा हिस्सा guarantees से आया।

Solar Industries और Jindal Power की बड़ी Commitments

अगस्त के आंकड़ों में कई भारतीय कंपनियों की overseas subsidiaries और joint ventures से जुड़ी बड़ी financial commitments सामने आईं।

Solar Industries ने Mauritius स्थित अपनी wholly owned subsidiary के लिए करीब $795 मिलियन की guarantees commit कीं।

Jindal Power ने अपनी Mauritius स्थित wholly owned subsidiary के लिए करीब $514 मिलियन की guarantees और लगभग $7.4 मिलियन का debt commitment किया।

वहीं Tata Communications ने Netherlands स्थित अपनी wholly owned subsidiary के लिए लगभग $288.75 मिलियन की guarantees commit कीं। KEC International ने Saudi Arabia स्थित अपने joint venture के लिए करीब $81.7 मिलियन की guarantees दीं।

Bharat Petroresources और Nazara Technologies ने भी किया निवेश

अगस्त में Bharat Petroresources ने Netherlands स्थित अपनी wholly owned subsidiary में करीब $250 मिलियन की equity commitment की और इसके साथ लगभग $154.5 मिलियन की guarantees भी commit कीं।

Sindhu Trade Links ने Singapore स्थित Advent Coal Resources में करीब $72.39 मिलियन की equity commitment की।

Gaming और technology कंपनी Nazara Technologies ने अपनी UK स्थित wholly owned subsidiary के लिए करीब $33.8 मिलियन equity और $57.4 मिलियन debt commit किया।

इसी अवधि में InMobi Consumer Platform ने Singapore स्थित subsidiary में करीब $16.01 मिलियन की equity commitment की।

भारतीय कंपनियों के Global Expansion की बड़ी तस्वीर

एक महीने के आंकड़ों से दीर्घकालिक trend तय नहीं किया जा सकता, लेकिन भारत के overseas investment की व्यापक तस्वीर भारतीय कंपनियों के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय विस्तार को दिखाती है।

Economic Survey 2025-26 के अनुसार, अप्रैल-अगस्त FY2025-26 में भारत का overseas direct investment $10.2 अरब था, जो एक साल पहले समान अवधि के $7.9 अरब से अधिक था। Survey ने overseas investment को भारतीय कंपनियों के internationalisation से जोड़ा और innovation, risk diversification तथा global market positioning जैसे संभावित लाभों का उल्लेख किया।

मार्च 2026 के अंत तक भारतीय निवासियों की overseas direct investment assets करीब $304.3 अरब थीं। RBI के International Investment Position आंकड़ों के मुताबिक, overseas direct investment भारत की international financial assets का लगभग एक-चौथाई हिस्सा था।

अगस्त के आंकड़ों से क्या समझ आता है?

अगस्त का डेटा दो अलग संकेत देता है। सालाना आधार पर कुल overseas FDI commitments में 23.3% की वृद्धि हुई, लेकिन जुलाई के मुकाबले कुल commitments में गिरावट आई।

इसके अलावा, अगस्त की वृद्धि में guarantees की भूमिका महत्वपूर्ण रही, जबकि loan commitments कमजोर हुईं। इसलिए $3.8 अरब के कुल आंकड़े को केवल सीधे cash equity investment के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए—इसमें overseas entities के लिए भारतीय कंपनियों द्वारा दी गई financial guarantees भी शामिल हैं।

आने वाले महीनों के RBI आंकड़े यह स्पष्ट करने में मदद करेंगे कि अगस्त की सालाना वृद्धि व्यापक और लगातार overseas expansion का हिस्सा बनती है या monthly commitments में उतार-चढ़ाव जारी रहता है।

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