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भारत में सोना-चांदी सस्ता: वैश्विक दबाव के बीच कीमतों में गिरावट, जानिए 24 सितंबर के ताजा रेट

भारत में 24 सितंबर को सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड में तेजी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों ने कीमती धातुओं के सेंटीमेंट को प्रभावित किया। हालांकि घरेलू retail rates और MCX futures की चाल एक जैसी नहीं रही।

भारत में सोना-चांदी सस्ता: वैश्विक दबाव के बीच कीमतों में गिरावट, जानिए 24 सितंबर के ताजा रेट
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: NDTV Profit

सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट

नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में शुरुआती कारोबार के दौरान नरमी देखने को मिली। 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास रही, जबकि चांदी के retail rates भी दबाव में दिखाई दिए।

NDTV Profit के मुताबिक, 24 सितंबर को 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,52,090 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,39,416 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। अलग-अलग शहरों और डेटा प्रदाताओं के हिसाब से वास्तविक retail price में अंतर हो सकता है।

क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं पर सबसे बड़ा दबाव अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों से जुड़ा दिखाई दिया। मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के बाद बाजार में यह धारणा मजबूत हुई कि Federal Reserve को महंगाई नियंत्रित करने के लिए सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखने की जरूरत पड़ सकती है।

ऊंची ब्याज दरों या उनकी संभावना का असर सोने पर पड़ सकता है क्योंकि सोना स्वयं कोई ब्याज नहीं देता। वहीं डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती भी डॉलर में कीमत तय होने वाली कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा सकती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव

24 सितंबर की सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में spot gold करीब $4,288.13 प्रति औंस पर था। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोने में करीब 1.5% की गिरावट आई थी। इसी समय spot silver करीब 0.5% गिरकर $64 प्रति औंस के आसपास थी।

इससे संकेत मिलता है कि भारत में दिखाई दे रही कमजोरी केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं थी, बल्कि वैश्विक bullion market में भी दबाव मौजूद था।

Retail कमजोर, लेकिन MCX futures में अलग तस्वीर

निवेशकों के लिए यहां retail और futures prices के बीच अंतर समझना जरूरी है।

जहां retail gold और silver rates में नरमी की रिपोर्ट आई, वहीं Business Today की रिपोर्ट के समय MCX पर gold futures 0.84% बढ़कर ₹1,54,263 प्रति 10 ग्राम और silver futures करीब 0.16% बढ़कर ₹2,42,000 प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रहे थे।

इसलिए “सोना-चांदी गिरा” कहने का अर्थ हर बाजार और हर contract में समान गिरावट नहीं है। Retail bullion prices, spot market और MCX futures अलग-अलग समय और अलग market dynamics के कारण भिन्न दिशा दिखा सकते हैं।

पिछले कुछ दिनों से सोने पर बना हुआ है दबाव

सोने में कमजोरी केवल एक दिन की घटना नहीं रही। 22 सितंबर को दिल्ली में 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹1,500 गिरकर ₹1,54,900 प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा था, जबकि पिछले बंद भाव में यह ₹1,56,400 प्रति 10 ग्राम था। उस दिन चांदी ₹2.42 लाख प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही थी।

यह हालिया उतार-चढ़ाव दिखाता है कि bullion market अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक आर्थिक तथा भू-राजनीतिक घटनाओं से तेजी से प्रभावित हो रहा है।

खरीदारों और निवेशकों के लिए क्या मायने रखती है गिरावट?

त्योहारी या शादी के सीजन के लिए सोना खरीदने वाले ग्राहकों के लिए कीमतों में गिरावट महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन केवल headline rate देखकर फैसला करना पर्याप्त नहीं है।

ज्वेलरी खरीदते समय gold purity, GST, making charges और jeweller के स्थानीय भाव के कारण अंतिम कीमत benchmark rate से अलग हो सकती है। इसी तरह निवेशकों के लिए retail gold, ETFs, digital gold और futures अलग-अलग उत्पाद हैं और इनके जोखिम तथा लागत भी अलग होती हैं।

आगे किन संकेतों पर रहेगी नजर?

आने वाले दिनों में सोना और चांदी मुख्य रूप से अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीदों, डॉलर की चाल, US Treasury yields, महंगाई और आर्थिक आंकड़ों तथा वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम से प्रभावित हो सकते हैं।

इसलिए मौजूदा गिरावट को किसी निश्चित लंबी अवधि के रुझान का संकेत मानने के बजाय बाजार के अगले आर्थिक संकेतों के साथ देखना अधिक उपयोगी होगा।

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