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भारतीय बैंकिंग सेक्टर पर Goldman Sachs का भरोसा बढ़ा, ICICI Bank और Kotak Mahindra Bank बने टॉप पिक्स

ग्लोबल ब्रोकरेज Goldman Sachs ने 14 भारतीय बैंकों पर कवरेज शुरू करते हुए बैंकिंग सेक्टर के लिए सकारात्मक नजरिया पेश किया है। ICICI Bank और Kotak Mahindra Bank उसके प्रमुख पसंदीदा शेयरों में शामिल हैं। ब्रोकरेज का मानना है कि मजबूत लोन ग्रोथ, बेहतर होती लिक्विडिटी, नेट इंटरेस्ट मार्जिन में संभावित रिकवरी और नियंत्रित एसेट-क्वालिटी जोखिम सेक्टर की कमाई को सहारा दे सकते हैं।

भारतीय बैंकिंग सेक्टर पर Goldman Sachs का भरोसा बढ़ा, ICICI Bank और Kotak Mahindra Bank बने टॉप पिक्स
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: The Economic Times

Goldman Sachs क्यों हुआ भारतीय बैंकों पर बुलिश?

भारत के बैंकिंग सेक्टर को लेकर वैश्विक निवेश फर्म Goldman Sachs ने सकारात्मक रुख अपनाया है। ब्रोकरेज ने 14 भारतीय बैंकों पर कवरेज शुरू की है और अलग-अलग बैंकों को Buy, Neutral तथा Sell रेटिंग दी है।

इस कवरेज में ICICI Bank और Kotak Mahindra Bank को टॉप पिक्स के रूप में चुना गया है। Goldman Sachs का अनुमान है कि उसके बैंकिंग कवरेज में चुनिंदा शेयरों में करीब 37% तक की संभावित तेजी देखने को मिल सकती है।

ICICI Bank पर बड़ा दांव

Goldman Sachs ने ICICI Bank को Buy रेटिंग दी है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹1,935 का टारगेट प्राइस रखा है, जो रिपोर्ट के संदर्भ मूल्य से लगभग 37% संभावित अपसाइड दर्शाता है।

ICICI Bank भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों में शामिल है। बैंक की ग्रोथ, बैलेंस शीट और एसेट क्वालिटी जैसे पहलू निवेशकों की नजर में इसकी स्थिति को महत्वपूर्ण बनाते हैं।

हाल में बैंक अंतरराष्ट्रीय बाजार से फंड जुटाने में भी सक्रिय रहा है। 21 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार ICICI Bank के बोर्ड ने विदेशी उधारी की सीमा को दोगुना करके 5 अरब डॉलर करने की मंजूरी दी।

Kotak Mahindra Bank भी टॉप पिक

Kotak Mahindra Bank को भी Goldman Sachs ने Buy रेटिंग के साथ अपने पसंदीदा बैंकिंग शेयरों में रखा है।

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार Kotak के लिए ब्रोकरेज का टारगेट ₹509 है, जो रिपोर्ट में इस्तेमाल संदर्भ मूल्य के मुकाबले करीब 31% संभावित बढ़त को दर्शाता है।

Kotak के लिए आगे की ग्रोथ, मार्जिन और मैनेजमेंट की रणनीति महत्वपूर्ण कारक बने रहेंगे। इसलिए सकारात्मक रेटिंग के बावजूद बैंक के प्रदर्शन को वास्तविक वित्तीय नतीजों के संदर्भ में देखना जरूरी होगा।

सिर्फ ICICI और Kotak ही नहीं

Goldman Sachs का सकारात्मक नजरिया कुछ अन्य निजी बैंकों तक भी फैला हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार HDFC Bank, Axis Bank, Federal Bank और AU Small Finance Bank को भी Buy रेटिंग मिली है।

इसके विपरीत IndusInd Bank, IDFC First Bank, Bandhan Bank और State Bank of India को Neutral रेटिंग दी गई, जबकि कुछ दूसरे बैंकों पर ब्रोकरेज अधिक सतर्क है।

यह अंतर बताता है कि Goldman Sachs पूरे बैंकिंग सेक्टर पर बिना भेदभाव के तेजी का दांव नहीं लगा रहा, बल्कि अलग-अलग बैंकों के फंडामेंटल और संभावित रिटर्न के आधार पर चयन कर रहा है।

लोन ग्रोथ बन सकती है बड़ा ट्रिगर

ब्रोकरेज के सकारात्मक नजरिए के पीछे महत्वपूर्ण कारणों में से एक क्रेडिट ग्रोथ है।

Goldman Sachs का अनुमान है कि FY26 से FY29 के दौरान सिस्टम लोन ग्रोथ करीब 14-15% रह सकती है। मजबूत ऋण मांग बैंकों की ब्याज आय और कारोबार बढ़ाने में मदद कर सकती है।

हालांकि तेज लोन ग्रोथ के साथ जोखिम प्रबंधन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि बैंक ज्यादा वृद्धि हासिल करने के लिए कमजोर गुणवत्ता वाले कर्ज की ओर बढ़ते हैं, तो भविष्य में एसेट क्वालिटी प्रभावित हो सकती है।

NIM में रिकवरी की उम्मीद

बैंकिंग कारोबार में Net Interest Margin (NIM) एक महत्वपूर्ण संकेतक है। सरल शब्दों में यह बैंक की ब्याज से होने वाली आय और फंड की लागत के बीच अंतर की तस्वीर देता है।

Goldman Sachs का अनुमान है कि अगले दो क्वार्टर में NIM निचले स्तर के आसपास पहुंच सकता है और उसके बाद इसमें रिकवरी देखने को मिल सकती है।

अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो बैंकों की लाभप्रदता को समर्थन मिल सकता है।

Private Banks को मिल सकती है बढ़त

Goldman Sachs अगले दो वर्षों में निजी बैंकों के सरकारी बैंकों से बेहतर प्रदर्शन की संभावना देखता है। इसके पीछे लोन ग्रोथ, मार्जिन रिकवरी और नियंत्रित एसेट क्वालिटी जैसे कारक बताए गए हैं।

बाजार में भी निजी बैंक हाल में अपेक्षाकृत मजबूत रहे हैं। 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में निजी बैंकों में लगभग 1.3% की बढ़त दर्ज हुई, जबकि व्यापक भारतीय बाजार ने साप्ताहिक गिरावट दर्ज की। Reuters ने इस प्रदर्शन के पीछे Goldman Sachs और Bernstein के सकारात्मक बैंकिंग आउटलुक को भी एक कारक बताया।

यह खबर निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

Banking भारत के शेयर बाजार के सबसे प्रभावशाली सेक्टरों में से एक है। बड़े निजी बैंक प्रमुख इंडेक्स में महत्वपूर्ण वजन रखते हैं। इसलिए बैंकिंग शेयरों में व्यापक तेजी या गिरावट Sensex और Nifty जैसे इंडेक्स की दिशा को भी प्रभावित कर सकती है।

Goldman Sachs जैसी वैश्विक ब्रोकरेज का सकारात्मक नजरिया विदेशी संस्थागत निवेशकों की धारणा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

फिर भी, ब्रोकरेज का टारगेट भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं होता।

क्या हैं प्रमुख जोखिम?

बैंकिंग सेक्टर के सकारात्मक आउटलुक के बावजूद कई जोखिम बने हुए हैं। इनमें उम्मीद से कमजोर क्रेडिट ग्रोथ, फंडिंग लागत का दबाव, NIM रिकवरी में देरी, खराब कर्ज में वृद्धि और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता शामिल हैं।

ऊंचे तेल मूल्य और वैश्विक बॉन्ड यील्ड जैसी बाहरी परिस्थितियां भी भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित कर रही हैं।

इसलिए मजबूत बैंकिंग फंडामेंटल और व्यापक बाजार जोखिम दोनों को साथ देखकर ही सेक्टर के आउटलुक का आकलन करना जरूरी है।

संतुलित विश्लेषण

Goldman Sachs का नया आउटलुक भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत देता है। खास तौर पर ICICI Bank और Kotak Mahindra Bank को टॉप पिक्स बनाना बड़े निजी बैंकों की कमाई और ग्रोथ क्षमता में ब्रोकरेज के भरोसे को दर्शाता है।

मजबूत लोन ग्रोथ, संभावित NIM रिकवरी और स्थिर एसेट क्वालिटी का मेल आने वाले वर्षों में बैंकिंग सेक्टर की आय बढ़ा सकता है। दूसरी ओर, ये सभी अनुमान भविष्य की आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर हैं।

निवेशकों के लिए इसलिए Buy रेटिंग या टारगेट प्राइस को निश्चित रिटर्न के बजाय एक विश्लेषक के अनुमान के रूप में देखना ज्यादा उचित होगा। वास्तविक शेयर प्रदर्शन ब्याज दरों, बैंक के नतीजों, अर्थव्यवस्था और बाजार परिस्थितियों सहित कई कारकों से तय होगा।


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