गुरुवार की बड़ी गिरावट के बाद बाजार के लिए अहम शुक्रवार
भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 के कारोबार में पिछले सत्र की भारी बिकवाली के बाद प्रवेश कर रहा है। शुरुआती संकेत कुछ राहत की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन वैश्विक परिस्थितियां अभी भी बाजार के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
Reuters के अनुसार, शुक्रवार सुबह 7:40 बजे GIFT Nifty futures करीब 23,116 पर थे। यह गुरुवार को 23,063.10 पर बंद हुए Nifty 50 के मुकाबले सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा था।
हालांकि, निवेशकों की नजर सिर्फ शुरुआती बढ़त पर नहीं बल्कि कच्चे तेल, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और वित्तीय शेयरों में होने वाली गतिविधियों पर भी रहेगी।
गुरुवार को Sensex 1,248 अंक टूटा
24 सितंबर को भारतीय बाजार में व्यापक बिकवाली देखने को मिली।
BSE Sensex 1,247.71 अंक यानी 1.67% गिरकर 73,580.54 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 383.70 अंक यानी 1.64% गिरकर 23,063.10 पर आ गया।
दोनों प्रमुख सूचकांकों के लिए यह लगभग 10 सप्ताह की सबसे बड़ी एकदिनी प्रतिशत गिरावट थी।
बिकवाली केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही। सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। Nifty MidCap इंडेक्स में करीब 2.25% और SmallCap इंडेक्स में करीब 1.53% की गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल ने बढ़ाई भारत की चिंता
बाजार पर सबसे बड़ा बाहरी दबाव कच्चे तेल की कीमतों से आया।
गुरुवार को Brent crude लगभग 2.4% बढ़कर $105.60 प्रति बैरल तक पहुंचा। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, इसलिए तेल की ऊंची कीमतें महंगाई, आयात बिल और रुपये के लिए चिंता बढ़ा सकती हैं।
यही वजह है कि वैश्विक तेल बाजार में लगातार ऊंचे भाव घरेलू इक्विटी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जोखिम बने हुए हैं।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी फोकस में
तेल के साथ-साथ अमेरिकी बॉन्ड बाजार की चाल ने भी जोखिम वाली संपत्तियों पर दबाव बढ़ाया है।
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। ऊंची बॉन्ड यील्ड इक्विटी वैल्यूएशन के लिए चुनौती बन सकती है और विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी फिक्स्ड-इनकम एसेट्स को अपेक्षाकृत अधिक आकर्षक बना सकती है।
सितंबर में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली पहले से बाजार के लिए चिंता बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 21 सितंबर तक FPIs भारतीय इक्विटी से ₹20,974 करोड़ निकाल चुके थे।
Financial और Insurance शेयरों पर अतिरिक्त दबाव
गुरुवार की गिरावट में वित्तीय शेयरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Reuters के मुताबिक, वित्तीय शेयरों पर प्रस्तावित insurance commission caps को लेकर चिंता ने भी दबाव बनाया। निवेशकों को आशंका है कि प्रस्तावित बदलाव कुछ कंपनियों की कमाई को प्रभावित कर सकते हैं।
इसलिए शुक्रवार के कारोबार में बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा कंपनियों के शेयर विशेष रूप से बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रह सकते हैं।
निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹2.7 लाख करोड़ की कमी
गुरुवार की बिकवाली का असर बाजार पूंजीकरण पर भी पड़ा।
BSE के आंकड़ों का हवाला देते हुए Times of India ने बताया कि गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹2.7 लाख करोड़ की कमी आई और BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग ₹482.3 लाख करोड़ रह गया।
उसी रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से गुरुवार को लगभग ₹5,027 करोड़ की शुद्ध बिकवाली दर्ज की गई, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब ₹4,301 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।
शुक्रवार को किन संकेतों पर रहेगी नजर?
शुक्रवार की शुरुआत के लिए GIFT Nifty से हल्का सकारात्मक संकेत जरूर मिला है, लेकिन एक दिन की संभावित रिकवरी से गुरुवार के दबाव के मूल कारण खत्म नहीं होते।
बाजार के लिए Brent crude की चाल, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड, रुपये की दिशा, विदेशी निवेशकों के प्रवाह और वित्तीय शेयरों का प्रदर्शन अहम रहेंगे।
गुरुवार को रुपया भी दबाव में रहा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 23 पैसे कमजोर होकर 95.96 के स्तर पर बंद हुआ, जिससे वैश्विक जोखिमों के प्रति भारतीय वित्तीय बाजार की संवेदनशीलता और स्पष्ट हुई।
ऐसे में शुक्रवार का कारोबार यह दिखाने में महत्वपूर्ण होगा कि निवेशक गुरुवार की तेज गिरावट के बाद निचले स्तरों पर खरीदारी करते हैं या वैश्विक जोखिमों के कारण सतर्क रुख बनाए रखते हैं।
निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को एक ऐसे समय में कारोबार शुरू कर रहा है जब पिछले सत्र में Sensex और Nifty दोनों ने लगभग 10 सप्ताह की सबसे तेज एकदिनी गिरावट दर्ज की है।
GIFT Nifty से शुरुआती राहत का संकेत मिला है, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, रुपये की कमजोरी और वित्तीय शेयरों से जुड़ी चिंताएं बाजार के लिए प्रमुख जोखिम बनी हुई हैं। इसलिए दिन के शुरुआती स्तर से अधिक महत्वपूर्ण यह होगा कि बाजार इन दबावों के बीच बढ़त को कितनी देर बनाए रख पाता है।
Source
Primary Source: Reuters, 25 September 2026
Additional references: BSE market data, The Indian Express, Times of India and other publicly available market reports.
