विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की आर्थिक वृद्धि कई बड़े देशों से बेहतर रह सकती है। विनिर्माण, डिजिटल अर्थव्यवस्था, सेवा क्षेत्र और उपभोक्ता खर्च में लगातार बढ़ोतरी से देश की विकास गति को समर्थन मिल रहा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि वर्तमान रफ्तार बनी रही तो वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। इससे एशिया में आर्थिक नेतृत्व को लेकर चीन को भी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई और भू-राजनीतिक चुनौतियां अभी भी जोखिम के रूप में मौजूद हैं। इसके बावजूद भारत के आर्थिक आउटलुक को लेकर विशेषज्ञ आशावादी नजर आ रहे हैं।
