लाइव मिंट की 19 अक्टूबर की सुबह प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,48,120 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि मुंबई में 1,48,370 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। कोलकाता में इसी शुद्धता वाले सोने का भाव 1,48,180 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। ये सुबह के संकेतात्मक खुदरा भाव हैं, दिनभर के अंतिम कारोबार या किसी एक ज्वेलरी दुकान की निश्चित बिक्री कीमत नही

इन आंकड़ों के अनुसार, तीनों शहरों में मुंबई में सोना और चांदी अपेक्षाकृत महंगे रहे। दिल्ली के मुकाबले मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत 250 रुपये प्रति 10 ग्राम ज्यादा थी। वहीं, एक किलोग्राम चांदी के भाव में 370 रुपये का अंतर रहा।
अन्य प्रमुख शहरों में कितने रहे भाव?
देश के अन्य बड़े शहरों में भी सोने और चांदी की कीमतें अलग-अलग दर्ज की गईं। बेंगलुरु में 24 कैरेट सोना 1,48,490 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,36,116 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। यहां एक किलो 999 शुद्धता वाली चांदी 2,12,770 रुपये पर थी।
हैदराबाद में 24 कैरेट सोने का भाव 1,48,610 रुपये, जबकि चेन्नई में 1,48,810 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। चेन्नई में चांदी का संकेतात्मक भाव 2,13,220 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। इससे स्पष्ट है कि पूरे देश में एक ही समय पर सोने और चांदी की एक समान खुदरा कीमत नहीं होती।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों का हाल
सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में सीमित तेजी देखी गई। समाचार एजेंसी Reuters के अनुसार, भारतीय समयानुसार शाम करीब 4:39 बजे तक हाजिर सोना लगभग 0.2 प्रतिशत बढ़कर 4,172.87 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया था। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी लगभग 0.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई।
इसी दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 1.2 प्रतिशत चढ़कर 57.67 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही थी।
बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर संबंधी बैठक पर है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई की चिंताओं को कुछ राहत मिली है, हालांकि डॉलर की मजबूती और वैश्विक राजनीतिक तनाव अभी भी महत्वपूर्ण कारक बने हुए हैं।
MCX पर सोना और चांदी कितने में कारोबार कर रहे थे?
भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोमवार सुबह खरीदारी का रुझान दिखाई दिया।
Moneycontrol के मुताबिक, सुबह करीब 9:13 बजे दिसंबर डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स 0.27 प्रतिशत बढ़कर 1,48,312 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 0.68 प्रतिशत चढ़कर 2,12,627 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। हालांकि, MCX के वायदा भाव और स्थानीय ज्वेलरी दुकानों के खुदरा रेट में अंतर होता है। वायदा अनुबंध की कीमत को आभूषण खरीदने की अंतिम कीमत नहीं समझना चाहिए।
IBJA के भाव और रिटेल कीमतों में अंतर क्यों?
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) देश में सोने और चांदी के बेंचमार्क भाव जारी करता है। IBJA की वेबसाइट पर उपलब्ध 19 अक्टूबर की शुरुआती दरों में 999 शुद्धता वाला सोना 1,46,406 रुपये प्रति 10 ग्राम और 916 शुद्धता वाला सोना 1,34,108 रुपये प्रति 10 ग्राम दिखाया गया। वहीं, 999 शुद्धता की चांदी का बेंचमार्क भाव 2,09,467 रुपये प्रति किलोग्राम था। ये दरें जीएसटी और मेकिंग चार्ज के बिना हैं। शहरवार रिटेल रेट में कारोबारी मार्जिन, स्थानीय मांग, बाजार का समय और विक्रेता की मूल्य निर्धारण नीति जैसी वजहों से अंतर संभव है।
24 कैरेट और 22 कैरेट सोने में क्या अंतर है?
24 कैरेट सोने में शुद्धता लगभग 99.9 प्रतिशत होती है। इसका इस्तेमाल सोने के सिक्कों और बार जैसे उत्पादों में व्यापक रूप से किया जाता है।
वहीं, 22 कैरेट सोने में लगभग 91.6 प्रतिशत सोना होता है। बाकी हिस्सा अन्य धातुओं का होता है, जिससे इसकी मजबूती बढ़ती है। यही कारण है कि पारंपरिक आभूषणों में 22 कैरेट सोना काफी प्रचलित है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार, 22 कैरेट सोने की शुद्धता पहचानने के लिए 916 का अंक महत्वपूर्ण है।
सोना खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
सिर्फ बाजार में दिखाई देने वाले प्रति ग्राम भाव को देखकर आभूषण की कुल कीमत तय नहीं करनी चाहिए। मेकिंग चार्ज और जीएसटी जुड़ने के बाद ग्राहक को ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अनुसार, तैयार सोने के आभूषणों की खुदरा बिक्री में कुल लेनदेन मूल्य पर 3 प्रतिशत जीएसटी लागू होता है, भले ही मेकिंग चार्ज अलग दिखाया गया हो खरीदारी के समय आभूषण का शुद्ध वजन, कैरेट, मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अंतिम बिल जांचना जरूरी है। हॉलमार्क वाले आभूषणों का HUID नंबर आधिकारिक BIS Care ऐप पर सत्यापित किया जा सकता है।
आगे सोने-चांदी की कीमतों का रुख कैसा रह सकता है?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की चाल अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर, रुपये की विनिमय दर और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रम से प्रभावित हो सकती है। त्योहारी मांग भी घरेलू बाजार में अहम भूमिका निभा सकती है। फिलहाल खरीदारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 19 अक्टूबर के सुबह के रेट और खरीदारी के समय का वास्तविक बिल अलग हो सकते हैं। इसलिए बड़ी खरीदारी से पहले अलग-अलग विश्वसनीय ज्वेलर्स की कीमतों और शुल्कों की तुलना करना बेहतर रहेगा।
