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Gold Silver Price Today: Fed के झटके के बाद सोना ₹1.53 लाख के पार, चांदी में तेज उछाल — 18 सितंबर के ताजा भाव

18 सितंबर 2026 की सुबह MCX गोल्ड ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम के ऊपर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी ₹2.38 लाख प्रति किलो के करीब पहुंची। जानिए 24K, 22K, IBJA और बाजार की पूरी चाल।

Gold Silver Price Today: Fed के झटके के बाद सोना ₹1.53 लाख के पार, चांदी में तेज उछाल — 18 सितंबर के ताजा भाव
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: JantaScope

नई दिल्ली/मुंबई, 18 सितंबर 2026, सुबह 8:35 बजे IST: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ोतरी के बाद तेज उतार-चढ़ाव से गुजर रहे सोना और चांदी शुक्रवार सुबह भारतीय बाजार में संभलते दिखाई दिए। MCX का 5 अक्टूबर 2026 एक्सपायरी वाला गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट सुबह 5:11 बजे ₹1,53,049 प्रति 10 ग्राम पर था, जो पिछले बंद ₹1,52,470 से ₹579 या 0.38% ऊपर था। दिन के शुरुआती कारोबार में इसने ₹1,50,483 से ₹1,53,444 तक का दायरा देखा।

चांदी में तेजी ज्यादा मजबूत रही। 18 सितंबर की सुबह उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, MCX सिल्वर करीब 1.45% चढ़कर ₹2,38,195 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $4,350 प्रति औंस से ठीक नीचे बना हुआ था, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स लगभग 0.28% नीचे $4,387 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहे थे।

यानी गुरुवार की तेज गिरावट के बाद घरेलू वायदा बाजार में सोने और खासकर चांदी में रिकवरी दिखाई दे रही है। लेकिन कीमतों में यह वापसी ऐसे समय हुई है जब फेड की मौद्रिक नीति, डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतें बुलियन बाजार को अलग-अलग दिशाओं में खींच रही हैं।

आज 18 सितंबर को सोने और चांदी का ताजा भाव

सुबह उपलब्ध MCX और घरेलू स्पॉट आंकड़ों को अलग-अलग समझना जरूरी है, क्योंकि दोनों एक ही कीमत नहीं दिखाते।

MCX गोल्ड फ्यूचर्स: ₹1,53,049 प्रति 10 ग्राम के आसपास
MCX सिल्वर: ₹2,38,195 प्रति किलोग्राम के आसपास
पिछला घरेलू स्पॉट गोल्ड बंद: ₹1,51,165 प्रति 10 ग्राम
पिछला घरेलू स्पॉट सिल्वर बंद: ₹2,29,230 प्रति किलोग्राम
अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गोल्ड: $4,350 प्रति औंस से थोड़ा नीचे
US Gold Futures: करीब $4,387 प्रति औंस।

ये आंकड़े अलग-अलग बाजारों और समय को दर्शाते हैं। इसलिए ज्वेलरी दुकान का भाव, IBJA benchmark rate और MCX futures price एक जैसा होना जरूरी नहीं है।

IBJA के आधिकारिक गोल्ड और सिल्वर रेट

IBJA के भाव क्या बता रहे हैं?

India Bullion and Jewellers Association यानी IBJA भारत में सोने के महत्वपूर्ण benchmark rates प्रकाशित करता है। IBJA के उपलब्ध benchmark data में 999 शुद्धता वाले सोने का भाव ₹1,51,849 प्रति 10 ग्राम और 916 शुद्धता वाले सोने का भाव ₹1,39,094 प्रति 10 ग्राम दर्ज है। 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव ₹2,29,642 प्रति किलोग्राम था।

तुलना के लिए, 16 सितंबर को IBJA के PM rates में 999 गोल्ड ₹1,52,362 प्रति 10 ग्राम और सिल्वर 999 ₹2,31,337 प्रति किलोग्राम थी।

एक महत्वपूर्ण बात यह है कि IBJA rates में 3% GST और making charges शामिल नहीं होते। इसलिए ग्राहक को ज्वेलर के यहां दिखाई देने वाली अंतिम कीमत इन benchmark rates से अधिक हो सकती है।

दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद में 22K और 24K सोना

गुरुवार के उपलब्ध retail market data के अनुसार, दिल्ली में 22 कैरेट सोना ₹1,12,648 प्रति 8 ग्राम और 24 कैरेट सोना ₹1,22,880 प्रति 8 ग्राम था।

मुंबई में 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,12,528 प्रति 8 ग्राम और 24 कैरेट का भाव ₹1,22,760 था। चेन्नई और हैदराबाद में भी संबंधित रिपोर्ट में यही ₹1,12,528 और ₹1,22,760 प्रति 8 ग्राम के भाव दर्ज किए गए।

Retail rates शहर, ज्वेलर, कर, premium और making charges के आधार पर अलग हो सकते हैं। इसलिए इन्हें किसी विशेष दुकान में मिलने वाली अंतिम खरीद कीमत नहीं माना जाना चाहिए।

एक दिन पहले सोना-चांदी क्यों टूटे थे?

18 सितंबर की रिकवरी को समझने के लिए गुरुवार की गिरावट देखना जरूरी है।

17 सितंबर को MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स शुरुआती कारोबार में करीब ₹2,000 गिरकर ₹1,50,483 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया था। सितंबर डिलीवरी वाला सिल्वर फ्यूचर्स भी करीब ₹4,600 टूटकर ₹2,30,221 प्रति किलो रह गया था।

इस बिकवाली के पीछे सबसे बड़ा वैश्विक घटनाक्रम अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ोतरी थी।

फेड ने तीन साल में पहली बार ब्याज दर बढ़ाई और आगे भी मौद्रिक नीति सख्त किए जाने की संभावना का संकेत दिया। Economic Times की रिपोर्ट के मुताबिक, फेड के 18 में से 16 policymakers ने साल के अंत तक कम से कम एक और 25 basis points की बढ़ोतरी की संभावना दिखाई।

सोने के लिए ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर चुनौती पैदा कर सकती हैं क्योंकि गोल्ड खुद ब्याज या coupon income नहीं देता। जब ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों पर संभावित return बढ़ता है, तो non-yielding gold को रखने की opportunity cost बढ़ सकती है।

हालांकि यह संबंध हमेशा सीधा नहीं होता। महंगाई, भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर, केंद्रीय बैंकों की खरीद और सुरक्षित निवेश की मांग भी सोने को प्रभावित करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तस्वीर थोड़ी अलग क्यों है?

फेड की सख्ती के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट में गुरुवार को सोना अपने निचले स्तर से वापस आया था।

Economic Times के अनुसार, स्पॉट गोल्ड करीब 1.1% बढ़कर $4,310.49 प्रति औंस था, जबकि दिसंबर US gold futures करीब 1% गिरकर $4,348.70 पर थे। स्पॉट सिल्वर 1.4% बढ़कर $63.83 प्रति औंस पहुंची थी।

18 सितंबर की शुरुआती ट्रेडिंग में स्पॉट गोल्ड $4,350 के ठीक नीचे बना रहा। इससे पता चलता है कि Fed की rate hike के बाद शुरुआती झटके के बावजूद bullion में दोतरफा कारोबार चल रहा है।

यहीं भारतीय निवेशकों के लिए एक और factor जुड़ जाता है—रुपया

18 सितंबर की सुबह प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार डॉलर के मुकाबले रुपया 95.88 के आसपास था, जबकि गुरुवार को डॉलर 95.94 रुपये तक गया था। कमजोर रुपया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर में तय होने वाले सोने को भारत में अपेक्षाकृत महंगा बना सकता है।

कच्चे तेल ने भी बदल दिया समीकरण

हाल के दिनों में सोने की चाल केवल Fed से नहीं जुड़ी है।

मध्य पूर्व में supply disruption की आशंका ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर धकेला था। Moneycontrol के अनुसार Brent crude मंगलवार को $108 प्रति बैरल तक पहुंचा था, लेकिन गुरुवार को करीब 1.29% गिरकर $104.47 प्रति बैरल पर आया।

तेल की कीमतों में गिरावट inflation expectations को कुछ राहत दे सकती है। दूसरी ओर, भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर safe-haven demand सोने को समर्थन दे सकती है।

इसलिए आने वाले दिनों में केवल Fed की दरों को देखकर सोने की दिशा तय करना मुश्किल होगा।

सोने और चांदी में आगे किन चीजों पर नजर रहेगी?

सबसे पहले अमेरिकी डॉलर और Treasury yields महत्वपूर्ण होंगे। अगर Fed की सख्ती की उम्मीद से डॉलर और bond yields मजबूत रहते हैं, तो सोने पर दबाव बन सकता है। इसके उलट, inflation या geopolitical uncertainty बढ़ने पर सुरक्षित निवेश की मांग कीमतों को समर्थन दे सकती है।

दूसरा बड़ा संकेत कच्चे तेल से आएगा। तेल फिर तेजी से ऊपर जाता है तो inflation expectations बदल सकती हैं। इसके अलावा भारतीय निवेशकों के लिए रुपये की चाल भी अहम रहेगी क्योंकि कमजोर रुपया घरेलू सोने की कीमतों को अंतरराष्ट्रीय बाजार के मुकाबले अधिक मजबूत बनाए रख सकता है। Moneycontrol ने भी निकट अवधि में डॉलर, Treasury yields और आगे की Fed policy expectations को सोने की दिशा के प्रमुख factors बताया है।

चांदी के मामले में तस्वीर और जटिल है। यह precious metal होने के साथ industrial metal भी है। इसलिए निवेश मांग के अलावा औद्योगिक उपयोग और वैश्विक आर्थिक गतिविधि भी इसकी कीमत पर असर डाल सकती है।

खरीदार के लिए MCX और ज्वेलरी रेट का फर्क समझना जरूरी

₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम का MCX भाव देखकर यह मान लेना गलत होगा कि यही कीमत किसी ज्वेलरी दुकान पर 24 कैरेट सोने की होगी।

MCX पर futures contract कारोबार करता है। दूसरी तरफ IBJA benchmark physical bullion market का संदर्भ देता है। ज्वेलरी की अंतिम कीमत में purity, GST, making charges और jeweller premium जैसे घटक जुड़ सकते हैं।

IBJA खुद स्पष्ट करता है कि उसके प्रकाशित rates GST/VAT और making charges के बिना होते हैं।

यही वजह है कि एक ही दिन आपको MCX, IBJA और अलग-अलग ज्वेलर्स पर अलग-अलग आंकड़े दिखाई दे सकते हैं।

18 सितंबर की सुबह का निष्कर्ष

गुरुवार की तेज बिकवाली के बाद शुक्रवार सुबह घरेलू वायदा बाजार में सोने ने वापसी की है। MCX अक्टूबर गोल्ड ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम के ऊपर लौट आया, जबकि चांदी में लगभग 1.45% की तेजी दर्ज की गई।

फिर भी इसे साफ bullish reversal कहना जल्दबाजी होगी। Fed ने ब्याज दर बढ़ाई है, आगे और tightening की संभावना बनी हुई है और डॉलर मजबूत है। दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गोल्ड अपने निचले स्तरों से उबरा है और तेल की कीमतों में नरमी ने बाजार का समीकरण बदला है।

इसलिए 18 सितंबर को सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात headline price नहीं, बल्कि यह समझना है कि वे MCX futures, physical bullion या jewellery rate में से किस कीमत को देख रहे हैं।

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