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Jio IPO ने मचाया धमाल! ₹30,213 करोड़ के इश्यू को दूसरे दिन जबरदस्त रिस्पॉन्स, रिटेल कोटा फुल

मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के आईपीओ ने भारतीय शेयर बाजार में हलचल मचा दी है। देश के सबसे बड़े आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। 21 अक्टूबर को खुला ₹30,213 करोड़ का यह पब्लिक इश्यू पहले दिन ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। वहीं, गुरुवार 22 अक्टूबर को दूसरे दिन छोटे निवेशकों यानी रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए आरक्षित शेयरों का कोटा भी पूरी तरह भर गया।

Jio IPO ने मचाया धमाल! ₹30,213 करोड़ के इश्यू को दूसरे दिन जबरदस्त रिस्पॉन्स, रिटेल कोटा फुल
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द्वारा साधना गुप्ता

स्रोत: IPO, REUTERS, MONEY CONTROLL, BUSINESS TODAY.

शुरुआत में बड़े संस्थागत निवेशकों ने इस आईपीओ में सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन दूसरे दिन आम निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ गई। अब सबकी नजर 23 अक्टूबर पर है, जब इस आईपीओ में आवेदन करने का आखिरी दिन होगा।

दूसरे दिन करीब चार गुना सब्सक्राइब हुआ Jio IPO

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर बाजार में उत्साह लगातार बढ़ रहा है। मनीकंट्रोल की 22 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, दोपहर 1:45 बजे तक यह इश्यू कुल 3.99 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।

कंपनी ने सार्वजनिक बोली के लिए लगभग 19.75 करोड़ शेयर उपलब्ध कराए थे, जबकि निवेशकों ने 78.66 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगा दी थीं। इससे साफ है कि जियो के शेयर हासिल करने के लिए उपलब्ध शेयरों के मुकाबले कहीं ज्यादा मांग देखने को मिल रही है।

इस दौरान क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 9.66 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का हिस्सा 3.70 गुना सब्सक्राइब हुआ।

खास बात यह रही कि पहले दिन पूरी तरह नहीं भर पाया रिटेल निवेशकों का कोटा दूसरे दिन सुबह ही फुल हो गया। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, दूसरे दिन शुरुआती दो घंटों के भीतर रिटेल निवेशकों ने अपने लिए आरक्षित सभी शेयरों के बराबर बोलियां लगा दी थीं।

पहले दिन ही 100 मिनट में रचा था इतिहास

जियो आईपीओ ने शुरुआत से ही कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। बुधवार, 21 अक्टूबर को आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के लगभग 100 मिनट के भीतर ही पूरा इश्यू सब्सक्राइब हो गया था।

आमतौर पर बड़े आईपीओ में संस्थागत निवेशक आखिरी दिन या आखिरी घंटों में ज्यादा बोलियां लगाते हैं, लेकिन जियो के मामले में तस्वीर अलग दिखाई दी।

पहले दिन के अंत तक आईपीओ को लगभग तीन गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था। हालांकि, उस समय रिटेल निवेशकों की मांग संस्थागत निवेशकों की तुलना में कम थी। दूसरे दिन यह अंतर घटता नजर आया।

Jio IPO का प्राइस बैंड और निवेश की रकम कितनी है?

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कारोबार से जुड़ी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आईपीओ का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर रखा है।

इसमें एक लॉट में 12 शेयर शामिल हैं। यानी ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से सामान्य निवेशक को एक लॉट के लिए कम से कम ₹13,428 लगाने होंगे।

यह आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। इसके जरिए कंपनी अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी कर रही है। इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है। इसका मतलब यह है कि मौजूदा शेयरधारक इस पेशकश के तहत अपने पुराने शेयर नहीं बेच रहे हैं, बल्कि कंपनी नए शेयर जारी करके पूंजी जुटा रही है।

₹30,213 करोड़ के आकार के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन गया है।

आईपीओ से जुटाए गए पैसों का क्या करेगी कंपनी?

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का महत्व केवल इसके रिकॉर्ड आकार तक सीमित नहीं है। कंपनी की भविष्य की वित्तीय स्थिति पर भी इसका बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।

सेबी के पास दाखिल रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, आईपीओ से प्राप्त शुद्ध रकम का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के कुछ बकाया कर्ज को आंशिक या पूरी तरह चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। इससे कंपनी के कर्ज का बोझ कम हो सकता है और उसकी बैलेंस शीट को मजबूती मिल सकती है। जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन आकाश अंबानी पहले ही कंपनी को नेट डेट-फ्री स्थिति की ओर ले जाने की योजना का संकेत दे चुके हैं।

5G और AI में भविष्य की संभावनाओं पर निवेशकों की नजर

जियो प्लेटफॉर्म्स की पहचान केवल मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने वाली कंपनी के रूप में नहीं है। डिजिटल कनेक्टिविटी के अलावा कंपनी ब्रॉडबैंड, क्लाउड टेक्नोलॉजी, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाश रही है।

भारत में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की बढ़ती संख्या, 5G सेवाओं का विस्तार और डिजिटल तकनीक की मांग कंपनी के भविष्य के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स ने लगभग ₹1,49,759 करोड़ का राजस्व और ₹30,053 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था।

आईपीओ के ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का अनुमानित बाजार मूल्य करीब ₹10.3 लाख करोड़ बैठता है। ऐसे में इसकी लिस्टिंग भारतीय शेयर बाजार की बड़ी घटनाओं में शामिल हो सकती है।

रिलायंस के शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए भी खास मौका

जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए ₹2,500 करोड़ और पात्र कर्मचारियों के लिए ₹500 करोड़ तक के शेयर आरक्षित किए हैं। कंपनी के पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर ₹54 की छूट भी दी जा रही है।

जिन निवेशकों के पास 14 अक्टूबर 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर थे, वे निर्धारित शर्तें पूरी करने पर शेयरधारक कोटे में आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, किसी विशेष कोटे में आवेदन करने से शेयरों का आवंटन सुनिश्चित नहीं होता। आवंटन संबंधित श्रेणी में प्राप्त वैध आवेदनों और उपलब्ध शेयरों पर निर्भर करेगा।

ग्रे मार्केट में भी Jio IPO की चर्चा

शानदार सब्सक्रिप्शन के बीच जियो आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) भी चर्चा का विषय बना हुआ है। 22 अक्टूबर को विभिन्न बाजार रिपोर्टों में इसका GMP लगभग ₹240 से ₹250 प्रति शेयर बताया गया। यह ऊपरी प्राइस बैंड की तुलना में करीब 21 से 22 प्रतिशत अधिक है।

हालांकि, निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि ग्रे मार्केट अनौपचारिक बाजार होता है। इसका प्रीमियम शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत या निश्चित मुनाफे की गारंटी नहीं देता।

कंपनी की ऊंची वैल्यूएशन, टेलीकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धा, नेटवर्क विस्तार पर होने वाला खर्च और भविष्य में टैरिफ बढ़ाने की संभावनाएं भी निवेशकों के फैसले को प्रभावित कर सकती हैं।

कब होगा शेयरों का अलॉटमेंट और लिस्टिंग?

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शेयरों के आवंटन का आधार 26 अक्टूबर को तय होने की संभावना है।

जिन निवेशकों को शेयर आवंटित होंगे, उनके डीमैट खातों में शेयर जमा करने की प्रक्रिया 27 अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयरों की BSE और NSE पर लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है। इस बड़े आईपीओ ने न केवल भारतीय निवेशकों का ध्यान खींचा है, बल्कि वैश्विक निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ाई है।

फिलहाल सब्सक्रिप्शन के आंकड़े जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रति मजबूत मांग दिखा रहे हैं। लेकिन असली परीक्षा लिस्टिंग के दिन होगी, जब बाजार यह तय करेगा कि कंपनी के शेयर किस कीमत पर कारोबार शुरू करते हैं।

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