विज्ञापन - शीर्ष बैनर
Read in English —JantaScope English
वित्त

Latur DCC Bank पर RBI का बड़ा आदेश: मंत्री Babasaheb Patil समेत 8 निदेशकों को हटाने का निर्देश, जानिए पूरा मामला

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लातूर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के महाराष्ट्र के सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल समेत आठ निदेशकों को 10 साल की अधिकतम कार्यकाल सीमा के मुद्दे पर हटाने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ के निर्देश के बाद हुई। सात निदेशक पहले ही इस्तीफा दे चुके थे, जबकि पाटिल ने नियम की लागू होने की तारीख को लेकर सवाल उठाए हैं।

Latur DCC Bank पर RBI का बड़ा आदेश: मंत्री Babasaheb Patil समेत 8 निदेशकों को हटाने का निर्देश, जानिए पूरा मामला
विज्ञापन

द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: JantaScope

RBI का Latur DCC Bank पर बड़ा फैसला

लातूर, 20 सितंबर 2026: भारतीय रिजर्व बैंक ने Latur District Central Cooperative Bank (Latur DCC Bank) के बोर्ड से महाराष्ट्र के सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल (Babasaheb Patil) और सात अन्य निदेशकों को हटाने का आदेश दिया है। मामला जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के निदेशकों के लिए निर्धारित अधिकतम 10 साल के कार्यकाल से जुड़ा है।

बाबासाहेब पाटिल उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से जुड़े हैं। RBI के Assistant General Manager Kapil Goswami ने यह आदेश शुक्रवार को जारी किया।

क्यों हुई RBI की कार्रवाई?

मामले की शुरुआत Latur DCC Bank के सदस्य Satish Sheshrao Jadhav की शिकायत से हुई। उन्होंने 25 मई 2026 को RBI के Chief General Manager को शिकायत देकर बैंक के आठ निदेशकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी। उनका आरोप था कि इन निदेशकों ने पद पर बने रहने की निर्धारित 10 साल की अवधि पार कर ली है।

Banking Regulation Act, 1949 में Banking Laws (Amendment) Act, 2025 के जरिए किए गए संशोधन के तहत District Central Cooperative Banks के निदेशकों के लिए अधिकतम 10 साल के कार्यकाल का प्रावधान है।

यहां एक महत्वपूर्ण अंतर है: शिकायतकर्ता ने निदेशकों की अयोग्यता का दावा किया था, लेकिन अगस्त में बॉम्बे हाई कोर्ट ने खुद यह फैसला नहीं दिया कि आठों निदेशक अयोग्य हैं। अदालत ने RBI को शिकायत पर उसके गुण-दोष के आधार पर छह सप्ताह के भीतर निर्णय लेने को कहा था।

Bombay High Court तक कैसे पहुंचा मामला?

शिकायत पर निर्णय नहीं होने के बाद जाधव ने 21 जून 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया। मामले की सुनवाई हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ में हुई।

3 अगस्त को अदालत ने RBI को जाधव की 25 मई वाली शिकायत पर छह सप्ताह के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया। इसके बाद RBI ने 4 सितंबर को संबंधित निदेशकों से जवाब मांगा और उन्हें 10 सितंबर तक अपना पक्ष रखने का समय दिया।

सात निदेशकों ने पहले ही दिया इस्तीफा

RBI द्वारा जवाब मांगे जाने के बाद सात निदेशकों ने 10 सितंबर को इस्तीफा सौंप दिया था। इनमें:

  • Ashok Shivajirao Patil Nilangekar

  • Shripatrao Nivruttirao Kakade

  • Swayamprabha Dhananjay Patil

  • Vyankatrao Dhondiram Birajdar

  • Prithviraj Harishchandra Shirsat

  • Pramod Jadhav

  • Nagorao Patil

शामिल हैं। उनके इस्तीफे बैंक के Chairman और Managing Director Hanumant Jadhav को सौंपे गए और बाद में RBI को भेज दिए गए।

इसके बाद 18 सितंबर को RBI ने बैंक को Banking Regulation Act, 1949 की Section 10A(2A)(i), read with Section 56 के तहत पद पर बने रहने के लिए अयोग्य निदेशक को हटाने का निर्देश दिया।

Babasaheb Patil ने RBI के फैसले पर क्या कहा?

बाबासाहेब पाटिल ने 10 साल के नियम को अपने मामले में लागू किए जाने के तरीके पर सवाल उठाया है।

उन्होंने PTI से कहा कि 10 साल का नियम 2021 में लागू हुआ था और इस बात की जांच होनी चाहिए कि क्या इसे उससे पहले की नियुक्तियों पर भी लागू किया जा सकता है। पाटिल का तर्क है कि नियम को prospective यानी आगे से लागू किया जाना चाहिए, न कि retrospective तरीके से।

पाटिल ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के सहकारी कानून में अभी इस 10 साल के प्रावधान के अनुरूप संशोधन नहीं किया गया है। उनके मुताबिक जब तक राज्य के कानून में बदलाव नहीं होता, मौजूदा महाराष्ट्र सहकारी कानून लागू रहेगा।

इसलिए RBI की कार्रवाई और पाटिल का कानूनी तर्क अलग-अलग पक्ष हैं; पाटिल की आपत्ति को अदालत द्वारा स्वीकार किया गया निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

क्या Babasaheb Patil कोर्ट जाएंगे?

इस मुद्दे पर प्रकाशित रिपोर्टों में असंगति है। PTI पर आधारित कुछ रिपोर्टों में पाटिल के हवाले से कहा गया है कि वह RBI के आदेश को चुनौती नहीं देंगे और उन्होंने कहा, “I cannot take a position against the RBI as I am part of the government.”

वहीं 20 सितंबर को प्रकाशित Hindustan Times की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाटिल ने RBI के फैसले को “improper” बताया और हाई कोर्ट में इसे चुनौती देने की बात कही।

इसलिए उनकी अगली कानूनी कार्रवाई को लेकर उपलब्ध रिपोर्टिंग फिलहाल एकरूप नहीं है।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

यह मामला केवल Latur DCC Bank के आठ निदेशकों तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक संदर्भ जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में बोर्ड सदस्यों की कार्यकाल सीमा और केंद्रीय बैंकिंग कानून तथा राज्य सहकारी कानून के बीच लागू होने वाले नियामकीय ढांचे से जुड़ा है।

महाराष्ट्र के Cooperation Department के Deputy Secretary Sudhir Amrite ने इससे पहले Cooperation Commissioner, Pune को उन जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के निदेशकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा था, जिन्होंने 10 साल से अधिक का कार्यकाल पूरा किया है।

फिलहाल पुष्टि इतनी है कि RBI ने Latur DCC Bank में कार्यकाल सीमा के मुद्दे पर कार्रवाई की है, सात संबंधित निदेशक पहले इस्तीफा दे चुके हैं और बाबासाहेब पाटिल ने नियम के अपने मामले में लागू होने के तरीके पर आपत्ति जताई है।

साझा करें
विज्ञापन - मध्य लेख
विज्ञापन - नीचे