टीसीएस के तिमाही नतीजों में क्या रहा खास ? क्यों बढ़ रहा है फंडर्स का रुझान?
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने 8 अक्टूबर, गुरुवार को फाइनेंशियल ईयर 2026 – 2027 की दूसरी तिमाही यानी कि, जुलाई और सितंबर की फाइनेंशियल रिपोर्ट जारी की। कंपनी के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक , इस तिमाही में उनकी कमाई 73,188 करोड़ रुपये रही है। अमेरिकी डॉलर में कंपनी की अर्निंग 7.742 अरब डॉलर बताई जा रही है। कंपनी के राजस्व में पिछले साल की तुलना में समान तिमाही के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में 2.4% की वृद्धि हुई है, वहीं पिछले तिमाही के मुकाबले स्थिर मुद्रा यानी कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर 0.5% की बढ़ोतरी हुई है।
टीसीएस के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि, विदेशी बाजारों में कारोबार बढ़ रहा है। कंपनी के मुताबिक सितंबर तिमाही में विदेशी कमाई में पिछली तिमाही के मुकाबले स्थिर मुद्रा आधार पर 1.2% की बढ़ोतरी नजर आई है। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और बीएफएसआई, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी, और सर्विस क्षेत्रों का भी टीसीएस के कारोबार की वृद्धि में योगदान रहा है।
टीसीएस के तिमाही नतीजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा कारोबार काफी चर्चा में रहा। एआई से होने वाली कमाई 3.1 अरब डॉलर के पार।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने अपनी ऑफिशियल रिपोर्ट्स में बताया कि , सितंबर तिमाही में उनकी वार्षिकीकृत एआई से जुड़ी कमाई 3.1 अरब डॉलर पहुंच गई है। यह कंपनी की पूरी कमाई से 10% ज्यादा है। इससे पिछली तिमाही में टाटा कन्सल्टन्सी सर्विसेज़ (TCS) की वार्षिकीकृत एआई कमाई लगभग 2.6 अरब डॉलर थी। वहीं तिमाही आधार पर इसमें करीब 19.25% की वृद्धि हुई है।
कंपनी के मुताबिक, एआई आधारित समाधानों, कंपनी के कारोबार में एआई के इस्तेमाल और उद्यमों की तकनीकी प्रणालियों को आधुनिक बनाने की सेवाओं की डिमांड बढ़ रही है। कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल केवल प्रयोग के तौर पर नहीं कर रही हैं, बल्कि अपने कारोबार की उत्पादकता को बढ़ाने, लागत कम करने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए भी कर रही हैं।
वहीं टीसीएस की एआई से जुड़ी कमाई में बढ़ोतरी फंडर्स के लिए इसलिए भी जरूरी है , क्योंकि एआई तकनीक आईटी सेवा सेक्टर में नए अवसर पैदा कर रही है, साथ में पारंपरिक सॉफ्टवेयर और आउटसोर्सिंग सेवाओं के कारोबार को भी बदल रही है।
तिमाही का मुख्य आकर्षण
टीसीएस ने अग्रणी अंतरराष्ट्रीय प्रॉपर्टी विशेषज्ञ एरियल बैंक के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है, जिसके तहत वह बैंक के डेटा सेंटर, संचालन, क्लाउड प्लेटफॉर्म, कार्यस्थल सेवाएं, साइबर सुरक्षा और बुनियादी ढांचा प्रबंधन सेवाओं सहित, समाज और अर्थव्यवस्था के विकास के लिए उसकी रीढ़ की हड्डी के तरह काम करने का आश्वासन दिया है।
वहीं कंपनी को नए कॉन्ट्रैक्ट्स भी मिल रहे हैं, तिमाही के दौरान टीसीएस को 9.6 अरब डॉलर के नए कॉन्ट्रैक्ट्स मिले हैं। वहीं कंपनी का परिचालन मार्जिन 24% रहा है। शेयरों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। 9 अक्टूबर की शुरुआती कारोबार में ही टीसीएस कंपनी के शेयर 5.4% तक बढ़े। फिलहाल अगर शेयरों में बढ़ोतरी की बात की जाए तो कंपनी के प्रति शेयर में लगभग 12 रुपये का दूसरा अंतिम लाभ बताया गया है।
वहीं टीसीएस ने जुलाई-सितंबर तिमाही में अपने शुद्ध लाभ में पिछले साल की तुलना में 14.9% की वृद्धि दर्ज करते हुए 13,884 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है।
इनरीच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि, टीसीएस के नतीजों ने रैली को मुख्य रूप से गति प्रदान की है, जिससे यह आश्वासन मिला है कि कंपनी अपनी एआई क्षमताओं का मुद्रीकरण करना शुरू कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि एआई आधारित व्यवधान और सुस्त विकास को लेकर चिंताओं के बीच इस साल आईटी शेयरों को लगातार बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ा है, लेकिन नए परिणामों ने आईटी सेक्टर में राहत रैली को गति देने में मदद की है।
आने वाले समय में टीसीएस और आईटी सेक्टर के लिए क्या मायने रखता है?
टीसीएस के तिमाही नतीजों के आधार पर एआई आधारित सेवाएं कंपनी के कारोबार में तेजी प्रदान कर रही हैं। और यह उतनी ही जरूरी भी होती जा रही है। विदेशी बाजारों में बढ़ोतरी और मिलने वाले नए कॉन्ट्रैक्ट्स से भी कारोबार की वृद्धि में समर्थन मिल रहा है। लेकिन फंडर्स के लिए यह देखना भी जरूरी होगा कि, आने वाली तिमाही में कंपनी अपने मुनाफे की गति इसी तरह बनाए रख पाएगी या नहीं।
अब देखना यह है कि, आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति, विदेशी ग्राहकों का तकनीकी खर्च, कंपनियों की नई स्कीम पर खर्च करने की इच्छा और एआई में बढ़ता कॉम्पिटिशन आईटी कंपनियों के प्रदर्शन को प्रभावित कर पाएगा या नहीं।
