भारत के सबसे चर्चित IPO में से एक National Stock Exchange of India (NSE) का ₹22,561 करोड़ का Initial Public Offering दूसरे दिन पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया।
18 सितंबर को Day 2 की समाप्ति तक IPO को करीब 10.28 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं, जबकि सार्वजनिक बोली के लिए लगभग 8.86 करोड़ शेयर उपलब्ध थे। इस आधार पर कुल subscription करीब 1.16 गुना पहुंच गया।
यह पहले दिन के मुकाबले उल्लेखनीय तेजी है। 17 सितंबर को IPO केवल 0.43 गुना सब्सक्राइब हुआ था और लगभग 3.70 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं।
NSE का IPO 17 सितंबर को खुला था और 21 सितंबर 2026 तक निवेशकों के लिए खुला रहेगा। कंपनी ने शेयरों के लिए ₹1,700 से ₹1,785 का price band तय किया है।
Day 2 पर NSE IPO का Subscription कितना रहा?
दूसरे दिन के अंत तक NSE IPO को मजबूत institutional और non-institutional participation का समर्थन मिला।
उपलब्ध Day 2 closing data के अनुसार, ₹22,561 करोड़ के इश्यू को 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 10.28 करोड़ शेयरों के लिए bids मिलीं, जिससे overall subscription लगभग 1.16x रहा।
दिन के दौरान यह आंकड़ा लगातार बदलता रहा। उदाहरण के लिए, दोपहर बाद Reuters द्वारा रिपोर्ट किए गए exchange data में करीब 9 करोड़ शेयरों की bids और लगभग 1x subscription दिख रहा था। इसलिए अलग-अलग रिपोर्टों में Day 2 के आंकड़ों में मामूली अंतर दिखाई देता है।
QIB और NII Investors ने दिखाई मजबूत दिलचस्पी
Day 2 पर सबसे महत्वपूर्ण बदलाव Qualified Institutional Buyers यानी QIB कैटेगरी में देखने को मिला।
Financial Express के Day 2 closing data के मुताबिक QIB portion 1.53 गुना सब्सक्राइब हुआ। इस कैटेगरी के लिए उपलब्ध करीब 2.52 करोड़ शेयरों के मुकाबले लगभग 3.86 करोड़ शेयरों के लिए bids आईं।
Non-Institutional Investors यानी NII category भी मजबूत रही और Day 2 के closing data में करीब 1.68 गुना subscription दर्ज किया गया।
इसके विपरीत retail category में मांग comparatively धीमी रही और Day 2 के अंत तक यह हिस्सा लगभग 72% सब्सक्राइब हुआ था।
पहले दिन सिर्फ 43% भरा था IPO
NSE IPO ने पहले दिन अपेक्षाकृत धीमी शुरुआत की थी।
17 सितंबर को इश्यू 0.43 गुना सब्सक्राइब हुआ था। NSE को लगभग 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 3.70 करोड़ शेयरों के लिए bids मिली थीं।
बड़े IPO में institutional investors की bidding अक्सर बाद के दिनों में बढ़ती है। NSE के मामले में भी दूसरे दिन QIB participation में तेज वृद्धि ने overall issue को full subscription के पार पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
₹1,700-₹1,785 है NSE IPO का Price Band
NSE ने IPO के लिए ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर का price band तय किया है।
Retail investors के लिए minimum lot size 8 shares है। Upper price band ₹1,785 के आधार पर एक lot के लिए न्यूनतम निवेश ₹14,280 बैठता है।
इश्यू का आकार करीब ₹22,561 करोड़ है, जिससे यह भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो गया है। Business Standard के अनुसार, यह Hyundai Motor India के 2024 के ₹27,870 करोड़ के IPO के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा public issue है।
NSE को IPO से पैसा क्यों नहीं मिलेगा?
इस IPO की एक अहम बात यह है कि यह पूरी तरह Offer for Sale (OFS) है।
IPO में मौजूदा shareholders द्वारा करीब 12.64 करोड़ equity shares बेचे जा रहे हैं। कोई fresh issue नहीं है। इसका अर्थ है कि शेयर बिक्री से मिलने वाली रकम NSE के पास business expansion के लिए नहीं जाएगी; proceeds selling shareholders को मिलेंगे।
यह अंतर निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि fresh issue वाले IPO में आमतौर पर कंपनी को नई पूंजी मिलती है, जबकि OFS में ownership मौजूदा shareholders से नए investors के हाथों में transfer होती है।
Anchor Investors से NSE ने जुटाए ₹6,746 करोड़
Public bidding शुरू होने से पहले NSE ने anchor investors को शेयर आवंटित किए थे।
Exchange ने करीब ₹6,746 करोड़ के शेयर anchor investors को allot किए। इस allocation में Life Insurance Corporation of India (LIC), Goldman Sachs और अन्य बड़े domestic तथा international investors शामिल थे।
Reuters के अनुसार, anchor book में Norway और Abu Dhabi के sovereign funds सहित कई बड़े global investors ने हिस्सा लिया और LIC सबसे बड़ा anchor investor था।
NSE IPO इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
NSE की public listing की योजना लगभग एक दशक से लंबित थी। Regulatory scrutiny और legal disputes के कारण exchange की listing प्रक्रिया कई बार अटकी रही। अब IPO का बाजार में आना NSE के लंबे listing प्रयास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
NSE भारत के capital-market infrastructure में केंद्रीय भूमिका निभाता है और trading, clearing, settlement, listing, market data तथा अन्य exchange-related services उपलब्ध कराता है।
इसी वजह से NSE का IPO केवल इसके आकार के कारण नहीं, बल्कि भारतीय capital market के प्रमुख infrastructure institution के public ownership में प्रवेश के कारण भी महत्वपूर्ण है।
NSE की Listing कब होगी?
IPO 21 सितंबर 2026 को बंद होने वाला है और मौजूदा schedule के मुताबिक NSE के शेयरों का market debut 24 सितंबर 2026 को होने की उम्मीद है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि Day 2 पर issue का fully subscribed होना अंतिम subscription figure नहीं है। अंतिम दिन तक QIB, NII और retail categories में अतिरिक्त bids आने पर subscription multiple बदल सकता है।
इसलिए निवेशकों की अंतिम मांग की पूरी तस्वीर 21 सितंबर को bidding बंद होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
