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NSE IPO का Size घटकर ₹22,600 करोड़, 17 सितंबर से खुलेगा; ₹1,700-1,785 Price Band तय

National Stock Exchange of India का बहुप्रतीक्षित IPO 17 सितंबर 2026 को subscription के लिए खुलेगा। ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर के price band पर IPO का आकार करीब ₹22,600 करोड़ होगा। यह पूरी तरह Offer for Sale है और मौजूदा shareholders अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। NSE के शेयरों की listing 24 सितंबर को BSE पर होने की उम्मीद है।

NSE IPO का Size घटकर ₹22,600 करोड़, 17 सितंबर से खुलेगा; ₹1,700-1,785 Price Band तय
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Janta Scope

भारत के सबसे बड़े stock exchange NSE की वर्षों से प्रतीक्षित stock-market listing अब अंतिम चरण में पहुंच रही है।

National Stock Exchange of India (NSE) का IPO 17 सितंबर 2026 को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। कंपनी ने ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर का price band तय किया है। Upper price band पर offer का आकार लगभग ₹22,568 करोड़, यानी करीब ₹22,600 करोड़ होगा।

हालांकि IPO का आकार पहले की योजना के मुकाबले लगभग 15% कम कर दिया गया है। मौजूदा shareholders अब करीब 12.64 करोड़ shares बेचेंगे, जबकि draft prospectus में लगभग 14.89 करोड़ shares बेचने की योजना थी।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि NSE इस IPO में कोई नए shares जारी नहीं कर रहा है। पूरा issue Offer for Sale यानी OFS है। इसलिए NSE को IPO से सीधे नई पूंजी नहीं मिलेगी।

NSE IPO की महत्वपूर्ण तारीखें

IPO आम निवेशकों के लिए 17 सितंबर को खुलेगा और bidding 21 सितंबर 2026 तक चलेगी।

Institutional investors के लिए anchor book एक दिन पहले, यानी 16 सितंबर को खुलेगी। Share allotment 22 सितंबर को final होने की उम्मीद है, जबकि NSE के shares 24 सितंबर 2026 को BSE पर list होने की योजना है।

NSE IPO Key Details

  • IPO Open: 17 सितंबर 2026

  • IPO Close: 21 सितंबर 2026

  • Price Band: ₹1,700–₹1,785 प्रति शेयर

  • Issue Size: लगभग ₹22,568 करोड़

  • Shares Offered: करीब 12.64 करोड़

  • Issue Type: 100% Offer for Sale

  • Lot Size: 8 shares

  • Minimum Retail Investment: Upper price पर ₹14,280

  • Expected Allotment: 22 सितंबर

  • Expected Listing: 24 सितंबर 2026

  • Listing Exchange: BSE

IPO का Size क्यों घटाया गया?

NSE ने जून में दाखिल Draft Red Herring Prospectus में करीब 14.89 करोड़ shares बेचने की योजना बनाई थी। अंतिम offer में यह संख्या घटकर लगभग 12.64 करोड़ shares रह गई।

Reuters के मुताबिक, कई बड़े shareholders ने IPO में अपनी planned stake sale कम कर दी। इनमें National Insurance, General Insurance Corporation, Stock Holding Corporation, MS Strategic (Mauritius), Mahogany, Bank of Baroda और Indian Bank जैसे investors शामिल थे।

रिपोर्ट के अनुसार कम-से-अपेक्षित IPO pricing के बाद कुछ shareholders ने listing के बाद बेहतर valuation मिलने की संभावना को देखते हुए कम shares बेचने का फैसला किया।

इस बदलाव से NSE में बेची जाने वाली हिस्सेदारी पहले प्रस्तावित करीब 6% से घटकर लगभग 5.1%-5.2% रह गई है।

NSE को IPO से पैसा क्यों नहीं मिलेगा?

यह IPO समझने के लिए OFS structure महत्वपूर्ण है।

NSE कोई fresh shares जारी नहीं कर रहा है। मौजूदा shareholders अपने पास मौजूद shares investors को बेच रहे हैं। इसलिए sale से मिलने वाली net proceeds संबंधित selling shareholders के पास जाएंगी, NSE के business में नई capital के रूप में नहीं आएंगी।

IPO का उद्देश्य NSE के shares को public market में उपलब्ध कराना और stock-exchange listing का रास्ता खोलना है।

SBI समेत बड़े Shareholders बेचेंगे हिस्सेदारी

IPO में कई प्रमुख institutional shareholders अपने NSE shares बेच रहे हैं।

इनमें State Bank of India, Bank of Baroda, MS Strategic (Mauritius), General Insurance Corporation of India, Canada Pension Plan Investment Board और Aranda Investments (Mauritius) शामिल हैं।

Moneycontrol के अनुसार, SBI प्रमुख selling shareholders में शामिल है और OFS में करीब 1.59 करोड़ shares offer करेगा।

₹4.42 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है NSE की Valuation

IPO के upper price band ₹1,785 प्रति share पर NSE लगभग ₹4.42 लाख करोड़ की valuation हासिल कर सकता है।

Reuters के अनुसार यह करीब $46 अरब के बराबर valuation है। इससे NSE भारत की सबसे मूल्यवान listed companies के बड़े समूह के करीब पहुंच जाएगा।

IPO का आकार भी इसे भारतीय बाजार के सबसे बड़े public issues में शामिल करता है।

Retail Investors के लिए कितना निवेश जरूरी?

NSE IPO में lot size 8 shares रखा गया है।

Upper price band ₹1,785 के हिसाब से एक lot के लिए minimum investment:

₹1,785 × 8 = ₹14,280

Retail investor अधिकतम 112 shares के लिए आवेदन कर सकता है, जिसका upper price band पर मूल्य ₹1,99,920 होगा।

NSE की Market Position

NSE भारतीय capital market infrastructure में बेहद मजबूत स्थिति रखता है।

Redseer Report के आंकड़ों का हवाला देते हुए Moneycontrol ने बताया कि जून 2026 में समाप्त तीन महीने की अवधि के आधार पर NSE की market share cash market में 93.05%, equity futures में 99.72% और equity options में 68.48% थी।

Exchange-traded currency futures और options में इसकी market share 100% बताई गई।

यह dominance NSE की बड़ी ताकत है, लेकिन trading activity पर उसकी निर्भरता को देखते हुए regulatory changes भी business performance को प्रभावित कर सकते हैं।

NSE के Profit में FY26 में आई गिरावट

IPO के साथ investors NSE की financial performance पर भी नजर रखेंगे।

FY26 में NSE का profit करीब 15.5% घटकर ₹10,302.1 करोड़ रहा, जबकि पिछले financial year में यह ₹12,187.7 करोड़ था।

इसी अवधि में revenue 3.1% घटकर ₹16,601.3 करोड़ रहा।

हालांकि जून 2026 quarter में performance में सुधार देखने को मिला। Profit सालाना आधार पर 6.7% बढ़कर ₹3,120.1 करोड़ और revenue 13.1% बढ़कर ₹4,560.4 करोड़ पहुंच गया।

Derivatives Regulation भी महत्वपूर्ण Risk

NSE की मजबूत market position के बावजूद IPO investors के लिए regulatory environment एक महत्वपूर्ण factor है।

Reuters के अनुसार NSE की revenue का 60% से अधिक हिस्सा options transactions से आता है। Regulatory tightening के बीच अगस्त में options trading volumes सालाना आधार पर 12% से अधिक नीचे रहे थे।

इसलिए NSE की valuation का आकलन करते समय केवल उसकी market dominance नहीं, बल्कि derivatives regulations, trading volumes और revenue diversification जैसे factors भी महत्वपूर्ण होंगे।

वर्षों के इंतजार के बाद NSE की Listing

NSE की public listing लंबे समय से प्रतीक्षित रही है। Exchange ने पहली बार 2016 में public होने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन regulatory और legal मामलों के कारण इसमें लंबी देरी हुई।

अब 17 सितंबर को IPO खुलने के साथ NSE के इतिहास का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।

यह issue NSE को नई capital नहीं देगा, लेकिन भारत के सबसे महत्वपूर्ण financial-market institutions में से एक के ownership structure को public investors के लिए खोल देगा।

₹1,700-₹1,785 का price band, करीब ₹22,600 करोड़ का offer size और ₹4.42 लाख करोड़ तक की संभावित valuation इसे 2026 के भारतीय IPO बाजार की सबसे महत्वपूर्ण listings में से एक बनाती है।

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