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NSE की ऐतिहासिक छलांग: करीब ₹4.5 लाख करोड़ मार्केट कैप के साथ दुनिया के टॉप एक्सचेंजों में शामिल

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) ने शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। करीब 47 अरब डॉलर यानी ₹4.5 लाख करोड़ की मार्केट वैल्यू के साथ NSE दुनिया के सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध एक्सचेंज ऑपरेटरों में शामिल हो गया है। Bloomberg के आंकड़ों पर आधारित एक तुलना में इसे छठा स्थान मिला है।

NSE की ऐतिहासिक छलांग: करीब ₹4.5 लाख करोड़ मार्केट कैप के साथ दुनिया के टॉप एक्सचेंजों में शामिल
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Reuters; The Economic Times, citing Bloomberg data

NSE की लिस्टिंग के साथ वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलब्धि

भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपनी बहुप्रतीक्षित शेयर बाजार लिस्टिंग के तुरंत बाद वैश्विक एक्सचेंज उद्योग में मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। 24 सितंबर 2026 को BSE पर कारोबार के पहले दिन NSE का शेयर ₹1,818 पर बंद हुआ, जिससे कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब ₹4.5 लाख करोड़ या लगभग 47 अरब डॉलर हो गया।

Economic Times की 25 सितंबर की रिपोर्ट में Bloomberg के आंकड़ों के आधार पर NSE को market capitalisation के लिहाज से दुनिया का छठा सबसे बड़ा listed exchange operator बताया गया है।

यह उपलब्धि खास इसलिए भी है क्योंकि NSE की सार्वजनिक लिस्टिंग लगभग एक दशक की लंबी प्रक्रिया के बाद पूरी हुई है।

₹1,785 के इश्यू प्राइस से ₹1,818 तक पहुंचा शेयर

NSE के शेयर का IPO issue price ₹1,785 तय किया गया था। BSE पर शेयर ₹1,800 पर सूचीबद्ध हुआ, यानी issue price से लगभग 0.84% ऊपर।

कारोबार के दौरान शेयर ₹1,878 तक पहुंचा और अंत में ₹1,818 पर बंद हुआ। इस स्तर पर NSE का market capitalisation करीब ₹4.5 लाख करोड़, यानी लगभग $46.9-$47 अरब रहा।

Reuters के अनुसार, NSE का शेयर अपने पहले कारोबारी दिन 1.85% ऊपर बंद हुआ और कंपनी दुनिया के 10 सबसे मूल्यवान publicly traded exchange businesses में शामिल हो गई।

वैश्विक एक्सचेंज ऑपरेटरों के बीच NSE की स्थिति

Economic Times द्वारा उद्धृत Bloomberg आंकड़ों के मुताबिक, Intercontinental Exchange (ICE), जो New York Stock Exchange की parent company है, का market capitalisation करीब $87.8 अरब था।

इसी comparison में Hong Kong Exchanges & Clearing का market cap करीब $63.6 अरब और Deutsche Börse का लगभग $59.5 अरब बताया गया। Nasdaq और London Stock Exchange Group का market capitalisation क्रमशः लगभग $53.3 अरब और $53 अरब था।

करीब $47 अरब की valuation के साथ NSE इस वैश्विक समूह के काफी करीब पहुंच गया है।

हालांकि, वैश्विक ranking को एक निश्चित और स्थायी क्रम नहीं माना जाना चाहिए। शेयर कीमतों, exchange rates, calculation timing और comparison में शामिल listed exchange operators के आधार पर market-cap rankings बदल सकती हैं।

NSE की valuation इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?

NSE केवल भारत का एक प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज नहीं है, बल्कि देश की equity और derivatives trading infrastructure का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Reuters के मुताबिक, NSE की भारत के cash equity trading में लगभग 93% हिस्सेदारी और options segment में करीब 75% हिस्सेदारी है। जून तिमाही में derivatives transaction charges से NSE के operating revenue का लगभग 68% आया था।

यही market dominance NSE की valuation को समझने में महत्वपूर्ण है, लेकिन derivatives पर इसकी निर्भरता निवेशकों के लिए एक प्रमुख जोखिम भी बनी हुई है।

भारत में derivatives trading को लेकर regulatory tightening, अधिक taxes और retail investors के नुकसान को लेकर चिंताओं के कारण इस segment की activity पहले की तुलना में धीमी हुई है।

NSE का P/E ratio वैश्विक peers से ज्यादा

Economic Times के अनुसार, NSE करीब 43 गुना price-to-earnings (P/E) multiple पर कारोबार कर रहा है।

रिपोर्ट में इसे कई बड़े listed global exchange operators की तुलना में ऊंची valuation बताया गया है। शीर्ष वैश्विक exchanges का P/E multiple लगभग 25-30 गुना के दायरे में बताया गया, जबकि 10 बड़े listed exchange operators के लिए यह range लगभग 24-34 गुना थी।

NSE को मिलने वाला यह valuation premium इस उम्मीद को दर्शाता है कि भारत में household savings का financial assets की ओर बढ़ता रुझान और capital markets में participation भविष्य में exchange के कारोबार को सहारा दे सकता है।

लेकिन ऊंचा valuation अपने साथ ऊंची growth expectations भी लेकर आता है। इसलिए आने वाले वर्षों में earnings growth और नए revenue sources NSE के valuation को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।

Operating profitability में भी मजबूत स्थिति

NSE की operating profitability भी इसके global comparison को मजबूत करती है।

Economic Times के अनुसार, NSE का operating EBITDA margin करीब 66.9% है। यह पांच बड़े listed exchange operators के लगभग 53% से 80% के दायरे के ऊपरी हिस्से में आता है।

इससे पता चलता है कि NSE का business model बड़े trading volumes को मजबूत operating profitability में बदलने की क्षमता रखता है।

भारत के capital market में आगे कितना अवसर?

भारत के capital markets में structural growth NSE के लिए एक महत्वपूर्ण दीर्घकालिक अवसर हो सकती है।

Economic Times द्वारा उद्धृत Redseer estimates के अनुसार, भारत का cash market turnover FY26 के करीब ₹280 लाख करोड़ से बढ़कर FY30 तक ₹473-507 लाख करोड़ पहुंच सकता है। इसका मतलब लगभग 14-16% की अनुमानित वार्षिक वृद्धि है।

बढ़ती आय, household savings का financialisation और retail participation में विस्तार इस growth के संभावित drivers हैं।

हालांकि ये आंकड़े projections हैं, वास्तविक growth बाजार परिस्थितियों, regulation, investor participation और आर्थिक माहौल पर निर्भर करेगी।

NSE IPO भी रहा भारत के सबसे बड़े इश्यू में शामिल

NSE का लगभग ₹22,560 करोड़ का IPO भारत के इतिहास के सबसे बड़े public issues में से एक रहा।

Reuters के अनुसार, यह Hyundai Motor India के 2024 IPO के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा IPO था। NSE issue को करीब 5.7 गुना subscription मिला।

यह issue पूरी तरह Offer for Sale (OFS) था। इसका अर्थ है कि IPO से प्राप्त रकम NSE में नई पूंजी के रूप में नहीं गई, बल्कि मौजूदा shareholders ने अपनी हिस्सेदारी बेची।

एक दशक के इंतजार के बाद लिस्टिंग

NSE की लिस्टिंग का महत्व केवल उसकी valuation तक सीमित नहीं है। Exchange को सार्वजनिक बाजार में आने में करीब एक दशक का समय लगा।

24 सितंबर 2026 की listing ने उस लंबे इंतजार को समाप्त किया और निवेशकों को पहली बार भारत के सबसे बड़े exchange businesses में से एक में सीधे listed equity के जरिए निवेश करने का अवसर दिया।

पहले कारोबारी दिन NSE की लगभग $47 अरब की valuation ने इसे वैश्विक listed exchange operators के प्रमुख समूह में पहुंचा दिया।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

NSE की listing के बाद निवेशकों का ध्यान केवल उसके market-cap ranking पर नहीं रहेगा। आने वाले समय में derivatives volumes, regulatory changes, नए products, cash-market growth और revenue diversification ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे।

भारत में capital-market participation का विस्तार NSE के लिए बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है, लेकिन derivatives कारोबार पर निर्भरता और regulatory intervention जैसे factors उसके earnings trajectory को प्रभावित कर सकते हैं।

इसलिए करीब ₹4.5 लाख करोड़ की शुरुआती valuation NSE की मौजूदा market dominance को तो दर्शाती है, लेकिन भविष्य में इस valuation को बनाए रखने का आधार earnings growth और business diversification होगा।


Sources

Primary reporting: Reuters, 24 September 2026 — NSE listing, closing price, market capitalisation, IPO size, market share और derivatives exposure संबंधी आंकड़े।

Additional source: The Economic Times / ET Intelligence Group, 25 September 2026 — Bloomberg data पर आधारित global exchange market-cap comparison, NSE P/E, EBITDA margin और Redseer cash-market projections।

Additional reference: Business Standard, 24 September 2026 — NSE listing price, intraday movement और भारतीय listed exchanges के साथ valuation comparison।

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