विज्ञापन - शीर्ष बैनर
Read in English —JantaScope English
वित्त

Reliance की कमाई ने बनाया नया रिकॉर्ड, दूसरी तिमाही में ₹29,550 करोड़ का मुनाफा; O2C और Jio बने ग्रोथ के बड़े इंजन।

मुंबई: देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल Reliance Industries Limited (RIL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 33.8 प्रतिशत बढ़कर ₹29,550 करोड़ पहुंच गया। कंपनी ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के नतीजे 30 अक्टूबर को जारी किए। इस दौरान रिलायंस ने सिर्फ मुनाफे में ही नहीं, बल्कि राजस्व और परिचालन कमाई में भी नया रिकॉर्ड बनाया।

Reliance की कमाई ने बनाया नया रिकॉर्ड, दूसरी तिमाही में ₹29,550 करोड़ का मुनाफा; O2C और Jio बने ग्रोथ के बड़े इंजन।
विज्ञापन

द्वारा साधना गुप्ता

स्रोत: Reliance Industries की आधिकारिक Q2 FY27 रिपोर्ट, The Indian Express, Business Standard, Moneycontrol और India Infoline।

₹3.62 लाख करोड़ के पार पहुंचा कंपनी का राजस्व

रिलायंस इंडस्ट्रीज का दूसरी तिमाही में कुल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 27.8 प्रतिशत बढ़कर ₹3,62,268 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा ₹2,83,548 करोड़ था। कंपनी के लिए यह अब तक का सबसे अधिक तिमाही राजस्व है।

वहीं, ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई यानी EBITDA में भी मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह 23.9 प्रतिशत बढ़कर ₹62,409 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल की समान तिमाही के 17.8 प्रतिशत से घटकर 17.2 प्रतिशत रहा। इसका मतलब है कि कंपनी की कुल कमाई बढ़ी, लेकिन राजस्व के मुकाबले परिचालन मुनाफे का अनुपात थोड़ा कम हुआ।

कंपनी का टैक्स के बाद का मुनाफा (PAT) ₹29,250 करोड़ रहा। सहयोगी कंपनियों और संयुक्त उपक्रमों के मुनाफे में हिस्सेदारी जोड़ने के बाद यह आंकड़ा ₹29,550 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹22,092 करोड़ से 33.8 प्रतिशत अधिक है। इसलिए ₹29,550 करोड़ के आंकड़े को समझते समय इस अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।

O2C कारोबार ने दिखाई सबसे मजबूत रफ्तार

रिलायंस के शानदार नतीजों में Oil-to-Chemicals यानी O2C कारोबार की अहम भूमिका रही। इस कारोबार में रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स और ईंधन से जुड़े उत्पाद शामिल हैं। दूसरी तिमाही में O2C सेगमेंट का EBITDA 67.9 प्रतिशत बढ़कर ₹25,203 करोड़ पहुंच गया। यह इस कारोबार का अब तक का सबसे अच्छा तिमाही प्रदर्शन रहा।

कंपनी के मुताबिक, परिवहन ईंधन की बेहतर कीमतों और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के मार्जिन में सुधार से इस सेगमेंट को फायदा मिला। वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद रिफाइनिंग और उत्पादों की बिक्री से कंपनी बेहतर कमाई करने में सफल रही।

Business Standard की रिपोर्ट के अनुसार, O2C कारोबार का राजस्व भी सालाना आधार पर लगभग 44 प्रतिशत बढ़कर ₹2.32 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इससे स्पष्ट है कि इस तिमाही में रिलायंस की कुल कमाई को ऊर्जा और केमिकल कारोबार से बड़ा सहारा मिला।

Jio Platforms की कमाई में भी बढ़ोतरी

रिलायंस के डिजिटल कारोबार Jio Platforms ने भी दूसरी तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 13.7 प्रतिशत बढ़कर ₹8,387 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹7,375 करोड़ था।

Jio Platforms का ऑपरेशंस से राजस्व 11.4 प्रतिशत बढ़कर ₹40,475 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA में 16.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹21,879 करोड़ पर पहुंच गया। सितंबर 2026 के अंत तक Jio के कुल ग्राहक बढ़कर 54.24 करोड़ हो गए। कंपनी का 5G ग्राहक आधार भी 30 करोड़ के पार पहुंच गया।

इसके अलावा, प्रति ग्राहक औसत मासिक राजस्व यानी ARPU बढ़कर ₹218.8 हो गया, जो पिछले साल ₹211.4 था। ARPU में बढ़ोतरी बताती है कि कंपनी अपने ग्राहकों से औसतन पहले के मुकाबले अधिक कमाई कर रही है। डिजिटल सेवाओं और 5G नेटवर्क के विस्तार से Jio की कमाई को आगे भी समर्थन मिल सकता है।

Retail कारोबार में राजस्व बढ़ा, लेकिन मुनाफे पर दबाव

रिलायंस रिटेल का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। इस कारोबार का ग्रॉस रेवेन्यू 6.4 प्रतिशत बढ़कर ₹91,716 करोड़ हो गया। हालांकि, रिटेल सेगमेंट का EBITDA 8.6 प्रतिशत घटा। डिजिटल कॉमर्स में निवेश और लागत से जुड़े दबाव इसके पीछे अहम वजह रहे।

यह संकेत देता है कि रिटेल कारोबार में बिक्री बढ़ने के बावजूद कंपनी को परिचालन स्तर पर लागत और मार्जिन का ध्यान रखना होगा। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी विस्तार और मुनाफे के बीच किस तरह संतुलन बनाती है।

शेयर बाजार में दिखा नतीजों का असर

रिलायंस के मजबूत तिमाही नतीजों के बाद 2 नवंबर 2026 को कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार के दौरान शेयर में करीब 6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। बाजार में सकारात्मक माहौल का असर प्रमुख शेयर सूचकांकों पर भी पड़ा। हालांकि, शेयर की कीमत में पूरे कारोबारी दिन के दौरान बदलाव संभव है और शुरुआती तेजी को अंतिम क्लोजिंग प्रदर्शन नहीं माना जाना चाहिए।

कंपनी के नतीजे निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत जरूर हैं, लेकिन किसी शेयर में निवेश का फैसला केवल एक तिमाही के मुनाफे के आधार पर नहीं करना चाहिए। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें, रिफाइनिंग मार्जिन, रुपये की चाल, ब्याज लागत और कंपनी के भविष्य के निवेश जैसे कारक भी महत्वपूर्ण रहेंगे।

आगे किन चुनौतियों पर रहेगी बाजार की नजर?

रिलायंस का प्रदर्शन मजबूत रहा है, लेकिन कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। दूसरी तिमाही में वित्त लागत सालाना आधार पर 24.2 प्रतिशत बढ़कर ₹8,481 करोड़ हो गई। कंपनी का कुल कर्ज सितंबर 2026 के अंत में ₹3,84,952 करोड़ था। हालांकि, उसके पास ₹2,67,812 करोड़ की नकदी और नकदी के बराबर संपत्तियां भी थीं। इसके बाद कंपनी का शुद्ध कर्ज ₹1,17,140 करोड़ रहा।

आने वाले समय में कंपनी को अपने बड़े निवेश, डिजिटल कारोबार के विस्तार, रिटेल नेटवर्क और ऊर्जा कारोबार के बीच संतुलन बनाना होगा। खास तौर पर वैश्विक बाजार में तेल और पेट्रोकेमिकल कीमतों में बदलाव O2C कारोबार की कमाई को प्रभावित कर सकता है।

कुल मिलाकर, रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूसरी तिमाही के नतीजे कंपनी के विविध कारोबार की ताकत दिखाते हैं। O2C सेगमेंट की मजबूत कमाई, Jio की लगातार बढ़ती ग्राहक संख्या और रिकॉर्ड राजस्व ने कंपनी को नई ऊंचाई दी है। हालांकि, रिटेल कारोबार के मार्जिन और बढ़ती वित्त लागत पर नजर रखना भी उतना ही जरूरी होगा। निवेशकों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या रिलायंस आने वाली तिमाहियों में इस मजबूत प्रदर्शन को बरकरार रख पाएगी।

साझा करें
विज्ञापन - मध्य लेख
विज्ञापन - नीचे