मुंबई स्थित रियल एस्टेट डेवलपर Runwal Enterprises Limited ने अपने प्रस्तावित Initial Public Offering (IPO) के लिए ₹290 से ₹305 प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए करीब ₹500 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है।
IPO निवेशकों के लिए 25 सितंबर 2026 को खुलेगा और 29 सितंबर 2026 को बंद होगा। इससे एक दिन पहले, 24 सितंबर को एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया प्रस्तावित है।
यह IPO इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी ने अपने पहले प्रस्तावित ₹1,000 करोड़ के इश्यू का आकार आधा करके ₹500 करोड़ कर दिया है।
IPO पूरी तरह Fresh Issue
Runwal Enterprises का ₹500 करोड़ का IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू ऑफ इक्विटी शेयर्स होगा। यानी इस ऑफर में मौजूदा शेयरधारकों की ओर से Offer for Sale (OFS) शामिल नहीं है।
कंपनी ने मार्च 2025 में SEBI के पास अपना Draft Red Herring Prospectus दाखिल करते समय ₹1,000 करोड़ जुटाने की योजना बनाई थी। SEBI ने अगस्त 2025 में IPO दस्तावेजों को मंजूरी दी थी।
बाद में कंपनी ने इश्यू का आकार घटाने के लिए नियामक के समक्ष आवेदन किया और सितंबर 2026 में इसे ₹500 करोड़ कर दिया गया।
₹290–305 प्रति शेयर का प्राइस बैंड
IPO के लिए कंपनी ने ₹290 से ₹305 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी की वैल्यूएशन लगभग ₹4,507.6 करोड़ बैठती है।
इश्यू में आवेदन के लिए न्यूनतम लॉट 49 शेयर का है। इसके बाद निवेशक 49 शेयरों के गुणकों में बोली लगा सकेंगे।
₹305 के ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए न्यूनतम निवेश:
49 × ₹305 = ₹14,945
इस तरह रिटेल निवेशक को न्यूनतम एक लॉट के लिए ₹14,945 की आवश्यकता होगी।
IPO से जुटाए ₹500 करोड़ का क्या करेगी कंपनी?
IPO की सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक यह है कि जुटाई जाने वाली पूंजी का बड़ा हिस्सा कर्ज कम करने के लिए इस्तेमाल करने की योजना है।
कंपनी ने ₹325 करोड़ की रकम कंपनी और उसकी संबंधित इकाइयों के कर्ज के भुगतान के लिए निर्धारित की है।
इसमें लगभग ₹100 करोड़ Runwal Enterprises के अपने कर्ज के भुगतान के लिए इस्तेमाल किए जाने हैं।
इसके अलावा ₹225 करोड़ Runwal Residency और Evie Real Estate में निवेश कर उनकी कुछ बकाया उधारियों को चुकाने के लिए इस्तेमाल किए जाने की योजना है।
जुलाई 2026 तक कंपनी और इन संबंधित इकाइयों की कुल बकाया उधारी लगभग ₹1,144.3 करोड़ थी।
बाकी रकम का इस्तेमाल भविष्य की रियल एस्टेट परियोजनाओं के अधिग्रहण और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
₹1,000 करोड़ से घटकर ₹500 करोड़ हुआ IPO
Runwal Enterprises ने शुरुआत में ₹1,000 करोड़ के फ्रेश इश्यू की योजना बनाई थी।
सितंबर 2026 में कंपनी ने इश्यू का आकार 50% घटाकर ₹500 करोड़ कर दिया।
कंपनी के पहले के खुलासों के अनुसार, यह बदलाव उन नियामकीय प्रावधानों के बाद किया गया जिनके तहत कुछ शर्तों के अधीन फ्रेश इश्यू के आकार में 50% तक बदलाव किया जा सकता है।
इश्यू का आकार घटने के साथ कंपनी ने IPO से प्राप्त रकम के इस्तेमाल की योजना में भी बदलाव किया।
FY26 में मुनाफा तीन गुना से ज्यादा बढ़ा
IPO से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं।
मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में Runwal Enterprises ने ₹185.8 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा ₹55.6 करोड़ था।
इस तरह सालाना आधार पर कंपनी का मुनाफा तीन गुना से अधिक हो गया।
इसी अवधि में कंपनी का राजस्व 78.5% बढ़कर ₹1,798.9 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹1,007.8 करोड़ था।
कंपनी की consolidated sales value FY26 में ₹2,353.5 करोड़ रही, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹1,899 करोड़ से करीब 24% अधिक थी।
हालांकि, इसी दौरान औसत बिक्री मूल्य ₹11,754 प्रति वर्ग फुट से घटकर ₹11,366 प्रति वर्ग फुट रहा।
Runwal Enterprises का रियल एस्टेट पोर्टफोलियो
मार्च 2026 तक Runwal Enterprises ने 19 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट पूरे किए थे।
इसके अलावा कंपनी के पास:
28 ongoing projects
इनका करीब 19.88 million square feet developable area
33 upcoming projects
आगामी परियोजनाओं का करीब 56.41 million square feet developable area
था।
इसलिए IPO से जुटाई जाने वाली रकम का भविष्य के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के अधिग्रहण में इस्तेमाल कंपनी की आगे की विस्तार रणनीति से भी जुड़ा है।
IPO की महत्वपूर्ण तारीखें
Anchor book: 24 सितंबर 2026
IPO खुलने की तारीख: 25 सितंबर 2026
IPO बंद होने की तारीख: 29 सितंबर 2026
संभावित शेयर अलॉटमेंट: 30 सितंबर 2026
संभावित लिस्टिंग: 5 अक्टूबर 2026
प्राइस बैंड: ₹290–₹305 प्रति शेयर
लॉट साइज: 49 शेयर
इश्यू साइज: ₹500 करोड़
शेयरों को BSE और NSE पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है।
कौन संभाल रहा है IPO?
Runwal Enterprises IPO के लिए ICICI Securities और Jefferies India को merchant bankers नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए किन बातों पर रहेगी नजर?
IPO खुलने के बाद निवेशकों के लिए मुख्य रूप से कंपनी के कर्ज, बिक्री और मुनाफे की वृद्धि, नए और चल रहे प्रोजेक्ट्स के execution तथा रियल एस्टेट बाजार की परिस्थितियां महत्वपूर्ण होंगी।
कंपनी के FY26 के मुनाफे और राजस्व में मजबूत वृद्धि दर्ज हुई है, लेकिन IPO से प्राप्त रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज घटाने के लिए इस्तेमाल किया जाना भी कंपनी की मौजूदा वित्तीय संरचना को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले निवेशकों को कंपनी के Red Herring Prospectus में दिए गए वित्तीय आंकड़ों, risk factors, indebtedness और business disclosures को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
