बाजार बंद होने के आंकड़े?
शेयर मार्केट में भारी उतार-चढ़ाव के बाद मंगलवार को शेयर मार्केट में उछाल देखने को मिली। मंगलवार को सेंसेक्स 1,109.10 अंक (1.54%) बढ़कर 73,033.78 पर बंद हुआ। यह पिछले 4 महीनों में सबसे बड़ा एक दिन का फायदा था।
वहीं निफ्टी की बात करें तो निफ्टी 50, 358.60 अंक (1.60%) बढ़कर 22,721.95 पर बंद हुआ। यह 2 महीने से ज्यादा समय में सबसे बड़ी एक दिन की तेजी रही। वहीं दिन के समय सेंसेक्स ने 73,045.67 तक का हाई भी छुआ। ब्रॉडर मार्केट के मुताबिक, मार्केट में तेजी थोड़ी कम रही। निफ्टी मिड कैप 1.06% से बढ़ा था, वहीं निफ्टी स्मॉल कैप 0.11% तक बढ़ा मार्केट कैपिटल की बात की जाए तो बाजार में कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ है, और यह बढ़कर 469 लाख करोड़ हो गए हैं।
वित्त मंत्री के बयान से निवेशक खुश, शेयर बाजार में निवेश जारी।
मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के दौरान कहा कि, वे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (एलटीसीजी) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) पर निवेशकों के विचार सुनने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने इस बहस को हेल्दी बताया। बातचीत के दौरान जरूरी बात यह है कि वित्त मंत्री ने टैक्स कम करने या खत्म करने का कोई पक्का वादा नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि, आगामी बजट की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि सरकार का अगला कदम क्या होगा। हालांकि चर्चा के लिए खुलेपन के संकेत से ही बाजार में तेजी आ गई।
शेयर बाजार में तेजी की वजह?
एसटीटी और एलटीसीजी में संभावित रिव्यू की उम्मीद ने निवेशकों के विचार बदल दिए। वर्तमान में लिस्टेड शेयरों पर 1 साल से ज्यादा रखने पर होने वाले मुनाफे पर 12.5% एलटीसीजी टैक्स लगता है, 1.25 लाख रुपये तक के सालाना फायदे पर छूट के साथ। इसके अलावा हर ट्रेड पर एसटीटी भी लगता है। वहीं निवेशक लंबे समय से इन दोनों टैक्सों के बोझ को लेकर चिंतित थे।
शेयर बाजार के बढ़ने में आईटी शेयरों का बड़ा हाथ रहा। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टीसीएस, टेक महिंद्रा और इन्फोसिस के शेयरों में निवेशकों ने अधिक पैसे लगाए। शेयर बाजार की तेजी की दूसरी वजह रुपये की मजबूती भी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने यह भी कहा कि आरबीआई रुपये की वोलैटिलिटी कम करने के लिए उपाय जारी रखेगा, उसे फिक्स नहीं करेगा। इससे रुपये में तीसरे दिन मजबूती दिखाई दी। 40, 50 पैसे बढ़कर 95.28 से 95.38 के बीच बंद हुआ।
शेयर बाजार की स्थिति?
बाजार के मौजूदा हालात की बात की जाए तो फिलहाल बाजार में निवेशकों की नजर आने वाले यूनियन बजट 2027-28 से पहले होने वाली बजट कंसल्टेशन पर टिकी है। जब तक सरकार की तरफ से टैक्स राहत को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं आता, बाजार में होने वाली तेजी बस उम्मीद पर आधारित है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक निफ्टी 22,600 के रेजिस्टेंस को पार करके 22,700 के ऊपर बंद हुआ है। ऊपर की तेजी में 22,800 एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस है, जिसे पार करने पर 23,000 तक जाने का रास्ता खुल सकता है। वहीं ट्रेड में नीचे की तरफ अब 22,600 का सपोर्ट बन गया है, और 22,300 एक बड़ा लोअर सपोर्ट है।
बारहाल, मौजूदा हालात में निवेशकों की नजर आने वाले बजट से पहले एलटीसीजी और एसटीटी पर होने वाली किसी भी आधिकारिक चर्चा, विदेशी निवेशकों के रुख और रुपये की स्थिति पर रहने वाली है।
बता दें कि इस रैली के पीछे केवल एक बयान नहीं, बल्कि एक साल से जमा हुआ दबाव था। एनएसडीएल के डेटा के अनुसार, 2026 के पहले 9 महीनों में फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (एफपीआई) ने भारतीय इक्विटीज से 3.05 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा निकाल लिए, जो पिछले सारे साल की तुलना में सबसे अधिक रहे हैं। अक्टूबर में भी 44,166 करोड़ रुपये का आउटफ्लो रहा है, जिससे 2026 का कुल आउटफ्लो 3.04 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी बिकवाली के कारण निफ्टी 2026 में लगभग 13.87% तक गिर चुका था।
इसी बीच 12 अक्टूबर को एसबीआई रिसर्च ने अपनी इकोरैप रिपोर्ट में सरकार को बड़ा सुझाव दिया। इकोरैप रिपोर्ट में कहा गया है कि, इक्विटी पर एलटीसीजी टैक्स खत्म करके होल्डिंग पीरियड को 1 साल से बढ़ाकर 2, 3 साल कर देना चाहिए, ताकि हॉट मनी को रोका जा सके और निवेशक लंबे समय तक टिके रहें।
वर्तमान की बात करें तो मौजूदा हालात में वित्त मंत्री ने चर्चा के लिए खुलेपन के संकेत दिए हैं, जिससे बाजार ने इसे संभावित पॉलिसी बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा है। लेकिन भविष्य में अगर सरकार द्वारा बजट में कोई राहत नहीं दी गई तो यह तेजी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकती है।
