एक तरफ शेयर बाजार दबाव में है, तो दूसरी तरफ देश के सबसे बड़े प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) में शामिल जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को लेकर निवेशकों में उत्सुकता बनी हुई है। मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़ी जियो प्लेटफॉर्म्स का पब्लिक इश्यू 21 अक्टूबर को खुलने वाला है। ऐसे में बाजार की कमजोरी के बीच इस बड़े IPO को मिलने वाली प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
निजी बैंकों में बिकवाली से बाजार पर दबाव
सोमवार की गिरावट में सबसे बड़ी भूमिका निजी क्षेत्र के बैंकिंग शेयरों की रही। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स लगभग 1.9 प्रतिशत कमजोर हुआ। एचडीएफसी बैंक के शेयर में करीब 2.3 प्रतिशत और एक्सिस बैंक में लगभग 4.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
दोनों बैंकों के तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों का ध्यान मुनाफे के साथ-साथ ब्याज मार्जिन पर भी रहा। कुछ नतीजे बाजार की अपेक्षाओं से कमजोर रहने के कारण बैंकिंग शेयरों में बिकवाली बढ़ गई।
रॉयटर्स के मुताबिक, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने बताया कि एक्सिस बैंक को छोड़कर अधिकतर बैंकों के नतीजे उम्मीदों के अनुरूप या बेहतर रहे। उनके आकलन में बाजार की गिरावट हाल की तेजी के बाद मुनाफावसूली का भी संकेत थी।
कच्चे तेल की महंगाई ने बढ़ाई चिंता
भारतीय बाजार की कमजोरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण रहीं। मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 108.5 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है। ऐसे में महंगा तेल देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ा सकता है।
तेल की ऊंची कीमतें विमानन, पेंट, केमिकल और परिवहन जैसे क्षेत्रों की कंपनियों के लिए विशेष चिंता का विषय हो सकती हैं। हालांकि, इनका वास्तविक असर कीमतों की अवधि, मुद्रा विनिमय दर और कंपनियों की लागत ग्राहकों तक पहुंचाने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
आईटी शेयरों में गिरावट, सरकारी बैंक चमके
बाजार में कमजोरी केवल निजी बैंकों तक सीमित नहीं रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स लगभग 1.3 प्रतिशत गिरा। एलटीआईमाइंडट्री के शेयरों में करीब 2.9 प्रतिशत की गिरावट आई, क्योंकि कंपनी का तिमाही मुनाफा विश्लेषकों के अनुमान से कम रहा।
अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर भी लगभग 2.4 प्रतिशत फिसला। इसके विपरीत सरकारी बैंकों ने बाजार को कुछ सहारा दिया।
निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 2.5 प्रतिशत चढ़ा। पंजाब नेशनल बैंक के शेयर में 4.8 प्रतिशत और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में लगभग 5.3 प्रतिशत की तेजी रही। दोनों बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
छोटी और मझोली कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे। स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 1 प्रतिशत और मिडकैप इंडेक्स 1.1 प्रतिशत गिरा। प्रमुख 16 सेक्टोरल इंडेक्स में से 15 लाल निशान में बंद हुए।
Jio IPO: ₹30,213 करोड़ जुटाने की तैयारी
बाजार में गिरावट के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO इस सप्ताह की सबसे बड़ी वित्तीय घटनाओं में शामिल है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। कंपनी ने शेयरों का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 तय किया है। इस इश्यू में 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी लगभग ₹30,213 करोड़ जुटा सकती है। खुदरा निवेशकों के लिए एक लॉट में 12 शेयर होंगे। ऊपरी प्राइस बैंड पर न्यूनतम निवेश ₹13,428 होगा। कंपनी IPO से प्राप्त राशि का एक हिस्सा अपनी टेलीकॉम इकाई के कर्ज के भुगतान और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों पर इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।
एंकर निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया की खबर
सोमवार, 19 अक्टूबर को जियो IPO की एंकर निवेशक बिडिंग शुरू हुई। रॉयटर्स ने मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के हवाले से बताया कि एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से के मुकाबले लगभग 30 गुना बोलियां मिलीं। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लैकरॉक, फिडेलिटी और सिंगापुर की जीआईसी जैसी संस्थाओं ने भी बोलियां लगाईं। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि रिपोर्ट के समय उपलब्ध नहीं थी। एंकर निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी को सकारात्मक संकेत माना जा सकता है, लेकिन इससे खुदरा निवेशकों के लिए लिस्टिंग पर लाभ सुनिश्चित नहीं होता।
जियो के भविष्य पर निवेशकों की नजर
जियो प्लेटफॉर्म्स की गतिविधियां अब मोबाइल सेवाओं से आगे बढ़कर ब्रॉडबैंड, क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक पहुंच चुकी हैं। जून 2026 तक कंपनी के लगभग 53.33 करोड़ ग्राहक थे। जियो का प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व वित्त वर्ष 2023-24 के ₹181.7 से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में ₹215.6 पहुंच गया।
विश्लेषक 5G, घरेलू ब्रॉडबैंड और डिजिटल सेवाओं को कंपनी के संभावित विकास के प्रमुख क्षेत्रों के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि, टेलीकॉम क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा, पूंजीगत खर्च और IPO का मूल्यांकन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण पहलू बने रहेंगे।
आगे कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल?
भारतीय शेयर बाजार मंगलवार, 20 अक्टूबर को दशहरा के अवसर पर बंद रहेगा। अब बुधवार, 21 अक्टूबर को कारोबार दोबारा शुरू होने के साथ जियो का IPO भी खुलेगा।अगले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक संकेतों और जियो IPO की मांग पर रहेगी। फिलहाल बाजार का रुख सतर्क है। सोमवार की गिरावट से यह साफ हुआ कि बड़े IPO को लेकर उत्साह होने के बावजूद निवेशक मौजूदा आर्थिक जोखिमों को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं हैं।
भारतीय शेयर बाजार की सोमवार की गिरावट के पीछे बैंकिंग शेयरों में बिकवाली, महंगा कच्चा तेल और मुनाफावसूली प्रमुख कारण रहे। जियो IPO निवेशकों के आकर्षण का केंद्र जरूर है, लेकिन बाजार की आगे की दिशा उसके साथ-साथ कंपनियों की कमाई और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगी।
