भारतीय शेयर बाजार ने बढ़त के साथ किया कारोबार
भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को सकारात्मक रुख दिखाया। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी, चुनिंदा कंपनियों के कारोबारी अपडेट और अपेक्षाकृत अनुकूल वैश्विक संकेतों ने निवेशकों की धारणा को सहारा दिया।
सुबह 10:47 बजे तक BSE Sensex 350.84 अंक यानी 0.48% बढ़कर 72,733.31 पर था। NSE Nifty 50 भी 109.10 अंक यानी 0.48% की बढ़त के साथ 22,664.85 पर कारोबार कर रहा था।
यह बढ़त पिछले सत्र में आई रिकवरी को आगे बढ़ाती दिखाई दी। Reuters के मुताबिक, सोमवार को Nifty और Sensex क्रमशः लगभग 0.6% और 0.7% बढ़े थे।
बैंकिंग शेयरों ने बाजार को दिया सहारा
मंगलवार की तेजी में financial और banking stocks की अहम भूमिका रही।
शुरुआती कारोबार में financials और banks दोनों में लगभग 0.5% की बढ़त दर्ज की गई थी। Axis Bank और Kotak Mahindra Bank के quarterly business updates के बाद दोनों शेयरों में खरीदारी दिखाई दी। Reuters के अनुसार शुरुआती कारोबार में Axis Bank लगभग 1.4% और Kotak Mahindra Bank करीब 2.6% चढ़े थे।
सुबह 10:47 बजे Nifty Bank 287.21 अंक या 0.52% बढ़कर 55,001.30 पर कारोबार कर रहा था।
बैंकिंग सेक्टर में मजबूती महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़े बैंक Sensex और Nifty जैसे benchmark indices में पर्याप्त weight रखते हैं। इसलिए इन शेयरों में तेज बदलाव पूरे बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकता है।
Trent में करीब 10% की जबरदस्त तेजी
दिन के सबसे प्रमुख शेयरों में Tata Group की retail company Trent रही।
कंपनी के सितंबर तिमाही business update के बाद Trent के शेयर में लगभग 10% की छलांग देखने को मिली। कंपनी ने standalone revenue में साल-दर-साल लगभग 23% वृद्धि का संकेत दिया है।
Economic Times के market data के मुताबिक सुबह 10:16 बजे Trent लगभग 10.12% की बढ़त के साथ ₹2,841 के आसपास कारोबार कर रहा था।
Trent के retail network से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण development सामने आया है—कंपनी के Zudio format ने 1,000 stores का आंकड़ा पार किया है।
इन updates ने Trent को मंगलवार के कारोबार में बाजार के प्रमुख gainers में शामिल कर दिया।
Midcap और Smallcap में भी खरीदारी
तेजी केवल benchmark indices तक सीमित नहीं रही।
सुबह 10:47 बजे Nifty Midcap 50 करीब 0.60% और Nifty Smallcap 50 लगभग 0.71% ऊपर था। Nifty 500 में भी लगभग 0.57% की बढ़त दर्ज की गई।
यह संकेत देता है कि शुरुआती कारोबार में खरीदारी बाजार के कई हिस्सों तक फैली हुई थी, हालांकि सभी sectors समान रूप से मजबूत नहीं थे।
IT शेयरों ने बाजार की तेजी पर लगाया कुछ अंकुश
बाजार की तस्वीर पूरी तरह सकारात्मक नहीं थी।
जहां banking और कुछ अन्य क्षेत्रों ने indices को ऊपर खींचा, वहीं IT stocks दबाव में रहे। सुबह 10:47 बजे Nifty IT लगभग 1.05% नीचे था।
इससे पता चलता है कि मंगलवार की तेजी को पूरे बाजार में समान रूप से फैली rally मानना जल्दबाजी होगी। निवेशक अलग-अलग sectors और कंपनियों के fundamentals तथा business updates के आधार पर चुनिंदा खरीदारी करते दिखाई दिए।
विदेशी बिकवाली के मुकाबले घरेलू निवेशकों का सहारा
Institutional flows भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
5 अक्टूबर को Foreign Institutional Investors (FIIs) ने भारतीय equities में करीब ₹4,699.14 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की, जबकि Domestic Institutional Investors (DIIs) ने लगभग ₹5,181.62 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।
घरेलू संस्थागत खरीदारी ने विदेशी निवेशकों की बिकवाली के प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित करने में मदद की।
बाजार के सामने जोखिम अभी खत्म नहीं
मंगलवार की बढ़त के बावजूद निवेशकों के सामने कई बाहरी जोखिम बने हुए हैं।
Business Standard के अनुसार US 10-year Treasury yield 2025 के अंत के 4.15% से बढ़कर लगभग 5.32% तक पहुंच चुकी है। वहीं Brent crude oil भी $100 प्रति barrel के आसपास बना हुआ है।
भारत जैसे बड़े crude-oil importer के लिए लंबे समय तक ऊंची तेल कीमतें inflation, रुपये और corporate costs पर दबाव डाल सकती हैं। दूसरी ओर, ऊंची global bond yields emerging markets में capital flows को प्रभावित कर सकती हैं।
इसलिए एक या दो सकारात्मक कारोबारी सत्रों को किसी लंबे market uptrend की पुष्टि मानना अभी जल्दबाजी होगी।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखती है आज की तेजी?
मंगलवार का शुरुआती कारोबार दिखाता है कि बाजार corporate updates पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहा है। बैंकिंग कंपनियों के business numbers और Trent की revenue growth ने stock-specific buying को बढ़ावा दिया है।
साथ ही midcap और smallcap indices की बढ़त market participation में सुधार का संकेत देती है।
लेकिन IT stocks की कमजोरी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, ऊंची crude कीमतें और global bond yields यह भी बताते हैं कि जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं।
आगे बाजार की दिशा घरेलू corporate performance के साथ-साथ global interest-rate expectations, crude oil, institutional flows और broader macroeconomic developments पर निर्भर करेगी।
