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भारत के ड्रीम फाइटर की राह में इंजन बना सबसे बड़ा रोड़ा, परियोजना को लग सकता है झटका

भारत के स्वदेशी अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान (ड्रीम फाइटर) कार्यक्रम के सामने इंजन उपलब्धता और तकनीकी चुनौतियां सबसे बड़ी बाधा बनकर उभरी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इंजन विकास और आपूर्ति में देरी से परियोजना की समयसीमा प्रभावित हो सकती है।

भारत के ड्रीम फाइटर की राह में इंजन बना सबसे बड़ा रोड़ा, परियोजना को लग सकता है झटका
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द्वारा Aditi Vishwakarma

स्रोत: Janta Scope

भारत अपने स्वदेशी उन्नत लड़ाकू विमान कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन परियोजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती उच्च क्षमता वाले इंजन की उपलब्धता और विकास को लेकर सामने आई है।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक फाइटर जेट की सफलता काफी हद तक उसके इंजन की शक्ति, विश्वसनीयता और प्रदर्शन पर निर्भर करती है। यदि इंजन समय पर उपलब्ध नहीं होता है या उसके विकास में देरी होती है, तो पूरे कार्यक्रम की समयसीमा प्रभावित हो सकती है।

भारत स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने के साथ-साथ वैश्विक साझेदारों के साथ भी इंजन तकनीक पर सहयोग की संभावनाएं तलाश रहा है। सरकार और रक्षा एजेंसियां इस चुनौती का समाधान निकालने के लिए कई विकल्पों पर काम कर रही हैं, ताकि भविष्य में भारतीय वायुसेना को अत्याधुनिक स्वदेशी लड़ाकू विमान समय पर उपलब्ध कराया जा सके।

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