SIR विवाद के बीच सड़कों पर उतरी कांग्रेस
Election Commission of India और CEC Gyanesh Kumar को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद अब देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों तक पहुंच गया है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली से लेकर बिहार, पंजाब, असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और अन्य स्थानों पर प्रदर्शन किए। पार्टी ने Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग करते हुए Special Intensive Revision (SIR) और electoral rolls से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाए हैं।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि कांग्रेस द्वारा चुनावी प्रक्रिया और CEC के खिलाफ लगाए गए आरोप पार्टी के राजनीतिक आरोप हैं। इन्हें किसी न्यायिक या स्वतंत्र जांच द्वारा स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
Delhi में IYC का Jantar Mantar मार्च
दिल्ली में Indian Youth Congress (IYC) ने 25 सितंबर को विरोध मार्च आयोजित किया।
Reuters Connect में उपलब्ध तस्वीरों और रिपोर्टिंग के मुताबिक, IYC कार्यकर्ताओं ने Raisina Road से Jantar Mantar और Nirvachan Sadan की दिशा में मार्च किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग CEC Gyanesh Kumar का इस्तीफा थी।
IYC के राष्ट्रीय अध्यक्ष Uday Bhanu Chib भी प्रदर्शन में शामिल थे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने Gyanesh Kumar के चेहरे वाले मास्क और प्रतीकात्मक जंजीरों का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कुछ Youth Congress कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया।
कांग्रेस ने पहले ही तैयार किया था दो चरणों का Protest Plan
ये प्रदर्शन अचानक शुरू हुई गतिविधि नहीं थे।
24 सितंबर को कांग्रेस महासचिव (संगठन) K C Venugopal ने पार्टी की राज्य इकाइयों को 25 सितंबर को संबंधित election offices तक विरोध मार्च आयोजित करने का निर्देश दिया था।
इसके बाद दूसरे चरण में सभी District Congress Committees को 28 सितंबर को अपने-अपने District Collectorates तक प्रदर्शन आयोजित करने को कहा गया।
Venugopal ने CEC की गिरफ्तारी और पद से हटाने की मांग भी की तथा उनके कार्यकाल में electoral rolls से जुड़े फैसलों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग रखी। ये कांग्रेस की मांगें हैं; इनके पीछे लगाए गए आरोपों को स्वतंत्र रूप से सिद्ध निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
28 सितंबर को महाराष्ट्र सहित कई जगह फिर प्रदर्शन
विरोध का दूसरा चरण 28 सितंबर को भी दिखाई दिया।
PTI के अनुसार, Maharashtra Congress ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन करते हुए Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग की।
Bhopal में Madhya Pradesh Congress president Jitu Patwari ने चुनाव प्रक्रिया में जनता के भरोसे का मुद्दा उठाया और electoral system को लेकर संदेह होने का दावा किया। यह कांग्रेस नेता का राजनीतिक आरोप था, न कि स्वतंत्र रूप से स्थापित निष्कर्ष।
Bihar और Chandigarh में Water Cannons
कुछ राज्यों में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव जैसी स्थितियां भी बनीं।
Patna में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने water cannons का इस्तेमाल किया।
Chandigarh में भी प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के दौरान water cannons इस्तेमाल किए गए और Punjab Congress president Amarinder Singh Raja Warring सहित कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
Assam में Gaurav Gogoi हिरासत में लिए गए
Guwahati में Assam Congress के प्रदर्शन के दौरान पुलिस barricades लगाए गए थे।
प्रदर्शनकारियों के barricades पार करने की कोशिश के बाद कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। इनमें Assam Congress president और सांसद Gaurav Gogoi भी शामिल थे।
Gogoi ने आरोप लगाया कि पुलिस के जरिए विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। यह उनका राजनीतिक दावा था।
Manipur में Tear Gas का इस्तेमाल
Manipur में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने Chief Electoral Officer के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
India Today की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने CEC के पुतले जलाए और उनके इस्तीफे तथा गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए कुछ tear-gas shells का इस्तेमाल किया।
West Bengal और अन्य राज्यों में भी प्रदर्शन
West Bengal में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Subhankar Sarkar के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने Kolkata में Calcutta University के College Street campus के बाहर से Chief Electoral Officer के कार्यालय की दिशा में मार्च किया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को B B Ganguly Street crossing पर रोका, जहां CEC का पुतला जलाया गया।
Lucknow, Dehradun, Bhubaneswar और Shimla सहित दूसरे शहरों में भी प्रदर्शन दर्ज किए गए। Jammu and Kashmir Legislative Assembly में कांग्रेस विधायकों ने भी CEC के खिलाफ नारे लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की।
विवाद की पृष्ठभूमि में SIR और EC के भीतर मतभेद की रिपोर्ट
मौजूदा राजनीतिक विवाद की एक प्रमुख पृष्ठभूमि Special Intensive Revision (SIR) है।
इसके अलावा, The Indian Express की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए विभिन्न मीडिया संस्थानों ने बताया कि Election Commissioners Sukhbir Singh Sandhu और Vivek Joshi ने पिछले लगभग 10 महीनों में विभिन्न मामलों पर कम-से-कम 14 बार रिकॉर्ड पर सवाल या आपत्तियां दर्ज कीं। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद विपक्ष ने Election Commission की निर्णय प्रक्रिया पर नए सवाल उठाए।
हालांकि Election Commission का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार, आयोग ने इन exchanges को निर्णय लेने की सामान्य आंतरिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है और कहा है कि SIR से जुड़े अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
इसलिए internal objections की रिपोर्ट और अंतिम निर्णयों पर आयोग की unanimity—दोनों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
Rahul Gandhi के आरोपों ने बढ़ाया राजनीतिक टकराव
विरोध प्रदर्शन से पहले Lok Sabha में Leader of Opposition Rahul Gandhi ने Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग करते हुए Election Commission पर गंभीर आरोप लगाए थे।
उन्होंने electoral wrongdoing का आरोप लगाया और CEC के खिलाफ कठोर भाषा का इस्तेमाल किया। ये Rahul Gandhi और कांग्रेस के आरोप हैं, न कि इस रिपोर्ट द्वारा सत्यापित निष्कर्ष।
इसी के बाद कांग्रेस ने राज्य और जिला स्तर पर प्रदर्शन का कार्यक्रम तेज किया।
BJP की प्रतिक्रिया भी सामने आई
विवाद का दूसरा राजनीतिक पक्ष भी है।
West Bengal BJP president Samik Bhattacharya ने Gyanesh Kumar के चुनाव संचालन की प्रशंसा की और कांग्रेस की आलोचना की।
इस तरह विवाद में कांग्रेस जहां CEC के इस्तीफे और स्वतंत्र समीक्षा की मांग कर रही है, वहीं BJP नेताओं ने चुनाव आयोग और CEC का बचाव किया है।
असली मुद्दा: आरोप और स्थापित तथ्य में अंतर
मौजूदा विवाद को समझने के लिए तीन स्तर अलग रखना जरूरी है।
पुष्ट तथ्य: कांग्रेस और Youth Congress ने कई राज्यों में प्रदर्शन किए हैं; दिल्ली में Jantar Mantar की ओर मार्च हुआ; कुछ स्थानों पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और Bihar तथा Chandigarh में water cannons इस्तेमाल किए गए।
कांग्रेस का दावा: CEC और Election Commission ने electoral-roll revision तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों में गंभीर गलतियां या अनियमितताएं कीं। कांग्रेस इसके आधार पर CEC के इस्तीफे, हटाने और स्वतंत्र जांच की मांग कर रही है।
Election Commission का पक्ष: आयोग ने SIR से जुड़े अंतिम निर्णयों को सर्वसम्मति से लिया गया बताया है और आंतरिक सवालों तथा deliberations को संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा कहा है।
इन तीनों को अलग रखकर देखना जरूरी है, क्योंकि राजनीतिक आरोप अपने-आप में किसी कानूनी या स्वतंत्र जांच का निष्कर्ष नहीं होते।
