INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन
राजधानी दिल्ली में रोज कोई नया प्रदर्शन जारी है। बीते दिनों शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब जनता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि, वोटर लिस्ट में होने वाली कथित गड़बड़ियों के पीछे मुख्य चुनाव आयुकत ज्ञानेश कुमार का हाथ है। इसलिए प्रदर्शनकारी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी संदर्भ में आज 12 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने का फैसला किया है। इस मार्च में INDIA ब्लॉक ने तीन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है—चुनाव सूची में होने वाली कथित गड़बड़ियां, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा।
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाले जाने का पूरा मामला?
इससे पहले भी विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करने का विचार बनाया था, लेकिन भारत के मुख्य न्यायाधीश ने INDIA गठबंधन के नेताओं से मिलने से मना कर दिया है।CJI का कहना है कि, चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के खिलाफ पहले से ही अदालत में मामला दर्ज है, तो उन्हें अदालत में अर्जी देकर अदालत का ही रुख करना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दलों द्वारा किए जाने वाले इस मार्च की अगुवाई कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी करेंगे।
इस मामले की जानकारी रखने वालों के मुताबिक, INDIA गठबंधन के नेताओं को ईमेल के जरिए जवाब आया था और उसमें लिखा था कि, INDIA गठबंधन द्वारा लगाए गए सभी आरोपों पर प्रशासनिक स्तर पर बात करने के बजाय अदालती प्रक्रिया के जरिए कार्रवाई करना उचित है।
बता दें कि रविवार को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी और विपक्षी दलों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की कोशिश की। इस बीच काफी प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। उसी के अगले दिन सोमवार को यह प्रस्तावित प्रदर्शन हो रहा है। कांग्रेस नेताओं की अगुवाई में हो रहे इस आंदोलन को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने विपक्षी दलों के सांसदों को राष्ट्रीय राजधानी में पहले से ही मौजूद रहने के लिए कहा है।
राहुल गांधी का केंद्र पर आरोप?
राजधानी दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन का ऐलान करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र पर आरोप लगाया कि, पिछले प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने महिलाओं और छात्रों के खिलाफ कड़ी हिंसा की थी।
शनिवार को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री पर आरोप लगाया कि उन्होंने दिल्ली पुलिस को गुंडागर्दी करने और RSS-BJP कार्यकर्ताओं को प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने की छूट दी है।
इसी संदर्भ में राहुल गांधी ने कहा कि, “अमित शाह की दिल्ली पुलिस ने न केवल खुद गुंडागर्दी की है, बल्कि RSS-BJP के असली गुंडों को महिलाओं और युवाओं के खिलाफ हिंसा करने के लिए भी खुली छूट दे रखी है।”
इसके साथ ही राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पर भी आरोप लगाया और कहा कि, “प्रधानमंत्री द्वारा चुनावी गड़बड़ियों और असहमति की आवाज को दबाकर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।”
कॉकरोच जनता पार्टी INDIA ब्लॉक मार्च के साथ है।
विपक्षी दलों द्वारा किए जा रहे मार्च का कॉकरोच जनता पार्टी ने भी समर्थन किया है। वहीं, CJP के दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान के खिलाफ दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई का मामला भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है।
इसी मामले में RJD के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर कहा कि, आज जैसी स्थिति है, उसमें सर्वोच्च न्यायालय रोशनी का स्रोत है। कभी रोशनी की तरह जुगनू दिखे, तो हम उधर जाते हैं। इस संदर्भ में मैंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, ताकि जिन प्रदर्शनकारियों के साथ हिंसा हुई है, उन्हें न्याय मिले।
मनोज झा ने कहा कि, जिस तरह से प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार किया गया है और पुलिस द्वारा बदसलूकी की गई है, यह हमारे गणतंत्र के लिए ठीक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जो निर्देश दिए गए थे, उनका भी पालन नहीं किया गया है। मैंने अपनी याचिका के जरिए सुप्रीम कोर्ट में दरख्वास्त की है कि वह भारत सरकार से कहे कि वह अपने ही लोगों के खिलाफ कर रहे युद्ध को बंद करे।
