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राजनीति

गुजरात से पीएम मोदी का विपक्ष पर वार, बोले- संकट के समय देश में डर फैलाने की हो रही कोशिश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब देश अंतरराष्ट्रीय संकटों और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के प्रभावों का सामना कर रहा है, तब कुछ राजनीतिक दल देश में अफवाहें फैलाकर डर और भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, विपक्ष का उद्देश्य देश में अफरा-तफरी पैदा करना और उनकी सरकार की छवि खराब करना है।

गुजरात से पीएम मोदी का विपक्ष पर वार, बोले- संकट के समय देश में डर फैलाने की हो रही कोशिश
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द्वारा साधना गुप्ता

स्रोत: the indian express, economic times, india today, aaj tak, moneycontroll, primeminister india

30 अक्टूबर को बनासकांठा के भिलड़ी गांव में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के किसान, युवा और महिलाएं विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन कुछ लोगों को देश की प्रगति और स्थिरता पसंद नहीं है। उन्होंने बिना किसी विपक्षी नेता या राजनीतिक दल का नाम लिए कहा कि कुछ लोग देश में संकट आने पर खुश होते हैं और मुश्किल हालात का फायदा उठाकर जनता को गुमराह करते हैं।

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भारत की ऊर्जा आपूर्ति, उर्वरक कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चर्चा हो रही है। इसके अलावा, SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर केंद्र सरकार तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव भी जारी है।

ईरान युद्ध और गैस की कमी को लेकर विपक्ष पर निशाना

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ईरान और खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भारत इस अंतरराष्ट्रीय संकट के प्रभावों से निपटने के लिए प्रयास कर रहा है, तब कुछ लोग खाद और रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर अफवाहें फैला रहे हैं।

मोदी के अनुसार, किसानों के बीच यह डर फैलाया गया कि उन्हें खेती के लिए पर्याप्त उर्वरक नहीं मिलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कृत्रिम कतारें बनाकर खाद की कमी का माहौल पैदा करने की कोशिश की गई। इसी तरह महिलाओं को भी यह कहकर डराया गया कि रसोई गैस की आपूर्ति बंद हो सकती है और उनके सामने खाना बनाने जैसी समस्याएं खड़ी हो जाएंगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह की अफवाहों का उद्देश्य जनता में घबराहट पैदा करना और देश में अव्यवस्था फैलाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक तत्व इन परिस्थितियों का इस्तेमाल सरकार को बदनाम करने के लिए कर रहे थे।

हालांकि, प्रधानमंत्री द्वारा लगाए गए ये आरोप उनके राजनीतिक संबोधन का हिस्सा हैं। इन्हें विपक्ष की मंशा या अफवाह फैलाने की किसी प्रमाणित जांच का निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

किसानों को खाद की कीमतों पर राहत देने का दावा

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किसानों को मिलने वाली उर्वरक सब्सिडी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद और उसके उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की कीमतें बढ़ी हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ने दिया।

मोदी ने यूरिया और डीएपी की कीमतों का उदाहरण देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की एक बोरी की कीमत लगभग 3,000 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि भारतीय किसानों को यह 300 रुपये से कम में उपलब्ध कराई जा रही है। इसी तरह डीएपी की एक बोरी की वैश्विक कीमत 5,000 रुपये से अधिक होने के बावजूद भारत में किसानों को यह लगभग 1,350 रुपये में मिल रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सब्सिडी के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कीमतों और किसानों द्वारा चुकाई जाने वाली कीमत के बीच का अंतर वहन कर रही है। उनका कहना था कि सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय और कृषि उत्पादन को सुरक्षित रखना है।

यहां यह समझना जरूरी है कि प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए आंकड़े उनके भाषण में दिए गए दावे हैं। उर्वरकों की वास्तविक उपलब्धता और कीमतों का आकलन करने के लिए संबंधित सरकारी आंकड़ों तथा अलग-अलग उर्वरक उत्पादों की निर्धारित कीमतों को भी देखना आवश्यक है।

₹14 हजार करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात

बनासकांठा में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य गुजरात में कृषि, पशुपालन, परिवहन और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना बताया गया।

प्रधानमंत्री ने भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (Bharat Bovine Breeding and Research Centre) का भी उद्घाटन किया। इस केंद्र के माध्यम से पशुओं की नस्ल सुधारने, बेहतर प्रजनन तकनीक को बढ़ावा देने और डेयरी क्षेत्र में वैज्ञानिक सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।

इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 24वीं किस्त जारी की। इस अवसर पर लगभग 19,000 करोड़ रुपये की राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित की गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि खेती और पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

इस कार्यक्रम में दो नई रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाने की घोषणा भी शामिल रही।

मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर भी पीएम मोदी का जवाब

प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी का राजनीतिक संदर्भ भी दिखाई दिया। दरअसल, खड़गे ने पटना में एक कार्यक्रम के दौरान मोदी को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। इस बयान को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से ही राजनीतिक बहस चल रही थी।

बनासकांठा में प्रधानमंत्री ने कहा कि वह जीवन के अंतिम क्षण तक देश और जनता की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य लोगों के कल्याण और देश के विकास के लिए काम करना है।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान किसानों और आम नागरिकों के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बावजूद भारत विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

इस बयान को खड़गे की टिप्पणी के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस अध्यक्ष का सीधे नाम नहीं लिया।

विपक्ष और सरकार के बीच क्यों बढ़ रही है राजनीतिक खींचतान?

प्रधानमंत्री का यह हमला ऐसे समय आया है, जब देश में कई राजनीतिक मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद बढ़े हुए हैं। इनमें चुनाव आयोग की भूमिका, मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित वोट चोरी के आरोप प्रमुख हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि SIR के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने का खतरा है। वहीं, भाजपा का कहना है कि मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना जरूरी है।

इसी राजनीतिक माहौल में गृह मंत्री अमित शाह ने भी विपक्ष को संसद में SIR के मुद्दे पर चर्चा करने की चुनौती दी है। उन्होंने विशेष सत्र बुलाकर इस विषय पर बहस करने की बात कही है।

इस तरह एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी विपक्ष पर संकट के समय अफवाह फैलाने का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ विपक्ष सरकार और चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रहा है। दोनों पक्षों के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में और राजनीतिक रूप ले सकता है।

राष्ट्रीय एकता दिवस से पहले पीएम मोदी का एकता का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी का गुजरात दौरा राष्ट्रीय एकता दिवस से भी जुड़ा हुआ है। 31 अक्टूबर को देश के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाई जाती है। इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

प्रधानमंत्री ने लोगों से विशेष रूप से युवाओं से रन फॉर यूनिटी में हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश को एकजुट रखने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी नागरिकों को मिलकर काम करना होगा।

इस वर्ष एकता दिवस के अवसर पर गुजरात के एकता नगर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का समय भी बदला गया। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस बार एकता महोत्सव शाम 5:30 बजे आयोजित किया जाना निर्धारित था।

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