नेतन्याहू की न्यूयॉर्क यात्रा ने क्यों उठाए सवाल?
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे, लेकिन उनकी यात्रा का रास्ता स्वयं एक अंतरराष्ट्रीय कानूनी बहस का विषय बन गया।
Flight-tracking data के अनुसार उनका सरकारी विमान Wing of Zion इजराइल से अमेरिका जाते समय ग्रीस, इटली और फ्रांस के हवाई क्षेत्र से गुजरा। ये तीनों देश International Criminal Court की स्थापना करने वाले Rome Statute के पक्षकार हैं।
मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ICC ने नवंबर 2024 में नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
इसके बावजूद उनके विमान को रास्ते में नहीं रोका गया और नेतन्याहू अमेरिका पहुंच गए।
ICC ने नेतन्याहू के खिलाफ वारंट क्यों जारी किया था?
21 नवंबर 2024 को ICC ने नेतन्याहू और इजराइल के तत्कालीन रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे।
अदालत ने कहा था कि उसके न्यायाधीशों को कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के संबंध में दोनों की आपराधिक जिम्मेदारी मानने के लिए उचित आधार मिला है।
यह महत्वपूर्ण है कि ये ICC के आरोप और न्यायिक निष्कर्ष हैं, अंतिम दोषसिद्धि नहीं।
इजराइल ICC के अधिकार क्षेत्र को चुनौती देता है और गाजा युद्ध से संबंधित युद्ध अपराध के आरोपों से इनकार करता रहा है। इजराइल Rome Statute का पक्षकार भी नहीं है।
फ्रांस के ऊपर से विमान गुजरा, फिर गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण कानूनी सवाल फ्रांस को लेकर सामने आया।
फ्रांस Rome Statute का सदस्य है और सामान्य रूप से ICC के साथ सहयोग करने की जिम्मेदारी रखता है। इसके बावजूद पेरिस ने नेतन्याहू के सरकारी विमान को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति दी।
फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Pascal Confavreux ने कहा कि विमान को दी गई अनुमति अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप थी।
उनके अनुसार:
“The Rome Statute does not impose any obligations regarding overflights of its territory by a state plane which has a passenger who is targeted by an arrest warrant.”
यानी फ्रांस की कानूनी व्याख्या यह है कि किसी देश के हवाई क्षेत्र के ऊपर से गुजर रहे सरकारी विमान में ICC वारंट वाला व्यक्ति मौजूद होने भर से Rome Statute उस देश पर गिरफ्तारी की बाध्यता नहीं लगाता।
क्या हवाई क्षेत्र से गुजरना और देश में उतरना एक ही बात है?
यही इस मामले का महत्वपूर्ण अंतर है।
ICC सदस्य देशों से अदालत के गिरफ्तारी और surrender requests पर सहयोग की अपेक्षा की जाती है। लेकिन नेतन्याहू का विमान फ्रांस में उतरा नहीं था; उसने केवल फ्रांसीसी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किया।
फ्रांस ने इसी अंतर के आधार पर कहा कि overflight के मामले में Rome Statute के तहत वैसी गिरफ्तारी बाध्यता लागू नहीं होती जैसी किसी व्यक्ति के देश के अधिकार क्षेत्र में जमीन पर मौजूद होने के मामले में उठ सकती है।
हालांकि, ICC वारंट, राष्ट्राध्यक्षों/सरकारी प्रमुखों की immunity और सदस्य देशों के सहयोग संबंधी दायित्वों की व्याख्या अंतरराष्ट्रीय कानून में विवाद का विषय बनी हुई है।
इसलिए फ्रांस की स्थिति को सार्वभौमिक रूप से स्वीकार किया गया कानूनी निष्कर्ष मानने के बजाय फ्रांसीसी सरकार की कानूनी व्याख्या के रूप में देखना अधिक सटीक है।
ग्रीस और इटली के हवाई क्षेत्र से भी गुजरा विमान
Flightradar24 के डेटा के आधार पर प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार Wing of Zion ने अमेरिका की ओर जाते हुए ग्रीस, इटली और फ्रांस के हवाई क्षेत्रों का इस्तेमाल किया।
तीनों देश Rome Statute के पक्षकार हैं।
Reuters के मुताबिक, इटली के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता तत्काल यह पुष्टि नहीं कर सके कि इजराइली अधिकारियों ने overflight के लिए औपचारिक अनुमति मांगी थी या नहीं।
यह विवरण महत्वपूर्ण है क्योंकि केवल flight path देखकर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि प्रत्येक देश में किस तरह की अनुमति मांगी गई थी या कौन-सी कानूनी प्रक्रिया लागू हुई।
अमेरिका पहुंचने के बाद स्थिति अलग क्यों थी?
नेतन्याहू की अमेरिका में मौजूदगी पर कानूनी परिस्थिति अलग है।
संयुक्त राज्य अमेरिका Rome Statute का पक्षकार नहीं है।
इस कारण अमेरिका पर ICC के गिरफ्तारी वारंट को लागू करने की वही treaty-based बाध्यता नहीं है जो Rome Statute के सदस्य देशों पर लागू होती है।
अमेरिकी प्रशासन ICC की नेतन्याहू संबंधी कार्रवाई का विरोध करता रहा है।
इसका अर्थ यह नहीं है कि ICC वारंट अमेरिका पहुंचते ही समाप्त हो जाता है। वारंट प्रभावी रहता है, लेकिन अमेरिका की treaty obligations ICC सदस्य देशों से अलग हैं।
न्यूयॉर्क के मेयर क्या नेतन्याहू को गिरफ्तार करवा सकते थे?
न्यूयॉर्क के मेयर Zohran Mamdani पहले नेतन्याहू के खिलाफ ICC वारंट का सम्मान किए जाने की बात कह चुके हैं।
लेकिन यह मुद्दा केवल राजनीतिक बयान का नहीं, बल्कि कानूनी अधिकार का भी है।
रिपोर्टों के मुताबिक Mamdani स्वयं स्वीकार कर चुके हैं कि न्यूयॉर्क सिटी के मेयर के रूप में उनके पास ICC वारंट के आधार पर नेतन्याहू की गिरफ्तारी का आदेश देने का स्वतंत्र कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने अमेरिकी संघीय सरकार से कार्रवाई की मांग की है।
इसलिए न्यूयॉर्क में नेतन्याहू की मौजूदगी को केवल मेयर की स्थिति के आधार पर गिरफ्तारी योग्य परिस्थिति मानना कानूनी ढांचे को अधूरा प्रस्तुत करेगा।
पिछले साल रास्ता अलग क्यों था?
इस यात्रा और पिछली यात्रा के बीच एक दिलचस्प अंतर भी सामने आया।
2025 में न्यूयॉर्क जाते समय नेतन्याहू के विमान ने लंबा रास्ता लिया था और फ्रांस सहित कई यूरोपीय देशों के हवाई क्षेत्रों से बचा था।
उस समय फ्रांस ने विमान को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति दी थी, लेकिन इजराइली विमान ने अंततः दूसरा रास्ता चुना। रिपोर्टों के अनुसार उस यात्रा में अतिरिक्त दूरी भी तय की गई थी।
2026 की यात्रा में Wing of Zion ने फ्रांसीसी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किया और फ्रांस ने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया कि उसकी नजर में ICC वारंट इस overflight को रोकने की कानूनी बाध्यता पैदा नहीं करता।
इस यात्रा से असली सवाल क्या सामने आया?
नेतन्याहू की न्यूयॉर्क यात्रा ICC की enforcement व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण वास्तविकता को सामने लाती है।
ICC की अपनी पुलिस नहीं है। गिरफ्तारी वारंट लागू करने के लिए अदालत काफी हद तक सदस्य देशों के सहयोग पर निर्भर करती है।
लेकिन किसी व्यक्ति का किसी सदस्य देश की जमीन पर मौजूद होना, किसी सरकारी विमान का उसके हवाई क्षेत्र से गुजरना और किसी गैर-सदस्य देश में प्रवेश करना — तीनों परिस्थितियां कानूनी रूप से समान नहीं हैं।
इसी अंतर के कारण नेतन्याहू का विमान ICC सदस्य देशों के हवाई क्षेत्र से गुजरते हुए अमेरिका पहुंच सका, जबकि उनके खिलाफ ICC वारंट प्रभावी बना रहा।
फ्रांस ने अपनी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप बताया है; वहीं व्यापक विवाद इस बात पर बना हुआ है कि ICC के सदस्य देशों को ऐसे मामलों में अपने सहयोग संबंधी दायित्वों की व्याख्या किस तरह करनी चाहिए।
Sources
इस रिपोर्ट के प्रमुख तथ्य Reuters, International Criminal Court से संबंधित सार्वजनिक रिकॉर्ड, Flightradar24 पर आधारित प्रकाशित flight-tracking reports तथा संबंधित सरकारों के सार्वजनिक बयानों पर आधारित हैं। Reuters ने विशेष रूप से फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय की overflight संबंधी कानूनी स्थिति और विमान के यूरोपीय route की रिपोर्टिंग की।
