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राजनीति

जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भागम-भाग का माहौल, नेहा बोरा पुलिस हिरासत में।

नई दिल्ली: रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भागदौड़ शुरू हो गई। तकरीबन 3 बजे दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भागम-भाग का माहौल, नेहा बोरा पुलिस हिरासत में।
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द्वारा साधना गुप्ता

स्रोत: TOI

दिल्ली के जंतर-मंतर से पहले रविवार को क्या हुआ था?

जंतर-मंतर पर आए दिन किसी न किसी मुद्दे को लेकर लगातार प्रदर्शन जारी है। बीते कुछ दिनों से दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर देश की जनता दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रही है। इसी के खिलाफ 11 अक्टूबर को एक बार फिर प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का प्रयास किया। वहीं, पुलिस प्रदर्शनकारियों को पकड़ने की कोशिश कर रही थी। भारी भीड़ में प्रदर्शनकारी भाग रहे थे और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच भागदौड़ का माहौल बन गया।

साथ ही , ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने तब हिरासत में लिया, जब वह जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश कर रही थीं। इसके साथ ही पुलिस ने रविवार को प्रदर्शन को रोकने का प्रयास करते हुए कई आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया।

क्या थी पूरी घटना?

11 अक्टूबर 2026, रविवार को नेहा बोरा के कहने पर तकरीबन 2:30 बजे चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारी आर.के. आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन के पास इकट्ठा होने लगे थे। जब पुलिस की इस पर नजर पड़ी, तो पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पार करके कनॉट प्लेस की ओर बढ़े।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों का पीछा किया और उन्हें हिरासत में लिया। वहीं, नेहा बोरा को भी पुलिस ने तकरीबन 3 बजे हिरासत में लिया, जब वह अन्य प्रदर्शनकारियों का पीछा करते हुए कनॉट प्लेस की ओर भाग रही थीं।

जब प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर प्रदर्शन कर रहे थे, तभी पुलिस के करीब आते ही नेहा को सीपी की ओर भागते हुए देखा गया था। कई प्रदर्शनकारी भी उनका पीछा करते हुए बैरिकेड्स पार करके जंतर-मंतर की ओर बढ़ने लगे थे। जंतर-मंतर पर किसी भी प्रदर्शन के लिए प्रस्ताव पारित नहीं था, इसलिए पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश में लगी हुई थी।

इसी बीच दिल्ली में एक बड़ा घेरा बन गया था और प्रदर्शनकारी एक-दूसरे के पीछे भाग रहे थे। और दिल्ली पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी सभी को हिरासत में लेने के लिए उनके पीछे लगी थी।

प्रदर्शन को लेकर नेहा बोरा की लगातार प्रतिक्रियाएं ।

नेहा बोरा लगातार एक्स के जरिए प्रदर्शनकारियों को अपडेट कर रही थीं। उन्होंने दोपहर मे तकरीबन 2:51 बजे पोस्ट किया, “हमने बैरिकेड्स पार कर लिया हैं और सीपी पहुंच गए हैं।”

वहीं, कुछ देर बाद नेहा बोरा को पुलिस ने प्रदर्शन से रोकने के लिए हिरासत में ले लिया, जिसके बाद फिर से नेहा बोरा ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को पुलिस बस के छोटे, तंग डिब्बों में रखा जा रहा है।

बस को दिखाते हुए उन्होंने कहा कि यह वह बस है, जिसमें हमें ले जाया जा रहा है। इस बस में चार छोटी कोठरियां हैं और सांस लेने तक की जगह नहीं है।

इसके साथ ही नेहा का दावा था कि, खिड़कियों की लोहे की जाली के पीछे कांच लगाया हुआ है ,और कई महिलाओं को एक छोटे से कमरे में बंद कर दिया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुरुष प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने मौखिक रूप से गालियां दीं और उनके गुप्तांगों पर लात मारी।

जिस स्थिति में नेहा बोरा और प्रदर्शनकारियों को ले जाया जा रहा था, उन बसों के छोटे डिब्बों की तुलना नेहा ने जेल की कोठरियों से की और पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया।

पुलिस प्रतिबंधों के बावजूद आखिर क्यों निकाला गया मार्च?

प्रदर्शनकारियों के जंतर-मंतर पर मार्च करने के प्रस्ताव को पुलिस द्वारा खारिज कर दिया गया था। पुलिस ने पहले से ही मार्च के लिए प्रतिबंध लगाए थे। उसके बावजूद नेहा बोरा के दबाव देने और प्रदर्शनकारियों को उत्साहित करने के कारण चुनाव आयोग के खिलाफ रविवार को मार्च निकालने का प्रयास किया गया था।

इसी संदर्भ में नेहा बोरा ने एक्स के जरिए कहा था, “जब संविधान की रक्षा की शपथ लेने वाले लोग मुंह फेर लेते हैं, तो लोगों को उन्हें याद दिलाना होगा कि संविधान क्या मांगता है। हम इसे सामान्य नहीं होने दे सकते हैं। लोकतंत्र के लिए लड़ाई जारी है और हम मुंह नहीं मोड़ेंगे।”

लगातार प्रदर्शन के प्रयास का अंजाम?

रविवार से पहले शनिवार को भी जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन का प्रयास किया गया। इसी संदर्भ में यूट्यूबर ध्रुव राठी को पुलिस ने उनके गुरुग्राम स्थित घर से हिरासत में लिया था, ताकि प्रदर्शन को रोका जा सके। वहीं, दिल्ली पुलिस ने सीजेपी अध्यक्ष अभिजीत दीपके और सीजेपी के कई सदस्यों को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से ही हिरासत में लिया था।

बारहाल , शनिवार को हुई हिरासत के बावजूद बोरा ने देर रात ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के समर्थकों से प्रदर्शन जारी रखने का आग्रह किया और देर रात पोस्ट किया, “सौ जंतर-मंतर खिल उठेंगे। कल दिल्ली का एक और हिस्सा जंतर-मंतर बन जाएगा।” जिसके बाद ही रविवार को पुनः प्रदर्शन का प्रयास किया गया।

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