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राजनीति

कोटा में BJP को बहुमत, लेकिन 3 वार्डों में EVM खराब; अब दोबारा होगा मतदान

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में BJP ने कोटा नगर निगम की 100 सीटों में कम से कम 55 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। हालांकि वार्ड 11, 44 और 87 में EVM से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण परिणाम घोषित नहीं हो सके। इन वार्डों में 16 सितंबर को दोबारा मतदान और 17 सितंबर को मतगणना निर्धारित की गई है।

कोटा में BJP को बहुमत, लेकिन 3 वार्डों में EVM खराब; अब दोबारा होगा मतदान
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Janta Scope

कोटा में BJP ने पार किया बहुमत का आंकड़ा

राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कोटा नगर निगम में स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। 100 सदस्यीय नगर निगम में पार्टी ने कम से कम 55 वार्डों में जीत दर्ज की है, जिससे उसने बोर्ड बनाने के लिए जरूरी 51 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया।

इसका अर्थ है कि तीन वार्डों के परिणाम अभी लंबित होने के बावजूद BJP का बहुमत सुरक्षित है।

हालांकि चुनावी नतीजों के बीच Electronic Voting Machine (EVM) में आई तकनीकी खराबी ने तीन वार्डों की प्रक्रिया को प्रभावित किया है।

वार्ड 11, 44 और 87 में EVM की समस्या

मतगणना के दौरान कोटा नगर निगम के वार्ड नंबर 11, 44 और 87 की EVM में तकनीकी समस्या सामने आने के बाद इन सीटों पर परिणाम घोषित नहीं किए जा सके।

रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव अधिकारियों ने इन वार्डों में 16 सितंबर 2026 को दोबारा मतदान कराने का फैसला किया है।

इसके बाद इन वोटों की 17 सितंबर को मतगणना की जाएगी।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि उपलब्ध रिपोर्टिंग तकनीकी EVM समस्या की पुष्टि करती है। इसे अपने-आप EVM में हेरफेर या चुनावी धांधली का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

Ward 87 में कांग्रेस उम्मीदवार का विरोध

EVM विवाद के बीच वार्ड 87 विशेष रूप से चर्चा में आया।

कांग्रेस उम्मीदवार लक्ष्मी शर्मा ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए और मतगणना केंद्र के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अधिक पारदर्शिता की मांग की।

हालांकि ये आरोप कांग्रेस उम्मीदवार की ओर से लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में ऐसा कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है जो इन आरोपों को प्रमाणित करता हो।

इसलिए इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि स्थापित तथ्य के रूप में।

तीन नतीजे बाकी, फिर भी BJP का बहुमत तय

कोटा का चुनावी गणित इस घटनाक्रम को और दिलचस्प बनाता है।

नगर निगम में कुल 100 वार्ड हैं और साधारण बहुमत के लिए 51 पार्षदों की जरूरत है।

BJP पहले ही 55 वार्ड जीत चुकी है। इसलिए वार्ड 11, 44 और 87 में होने वाले दोबारा मतदान के परिणाम BJP के मौजूदा बहुमत को खत्म नहीं कर सकते।

इन तीन सीटों का परिणाम अंतिम पार्टी-वार आंकड़े और नगर निगम की राजनीतिक संरचना को जरूर प्रभावित करेगा।

यही वजह है कि इस चुनाव में दो अलग बातें एक साथ सच हैं—BJP ने बहुमत हासिल कर लिया है, लेकिन कोटा का पूरा अंतिम परिणाम अभी आना बाकी है।

राजस्थान निकाय चुनाव में BJP का मजबूत प्रदर्शन

कोटा का परिणाम राजस्थान के व्यापक निकाय चुनावों में BJP के मजबूत प्रदर्शन का हिस्सा है।

ताज़ा नतीजों में BJP राज्य के कई शहरी निकायों में कांग्रेस से आगे रही है और 10 नगर निगमों में से चार में बहुमत हासिल किया है।

कोटा उन महत्वपूर्ण नगर निगमों में शामिल है जहां पार्टी स्पष्ट बहुमत तक पहुंची।

राजस्थान के इन निकाय चुनावों को राज्य की शहरी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर मिले परिणाम पार्टियों के संगठन, उम्मीदवार चयन और मतदाता समर्थन की स्थिति का संकेत देते हैं।

हालांकि नगर निकाय चुनावों के नतीजों को सीधे विधानसभा चुनाव के परिणामों का पूर्वानुमान मानना उचित नहीं होगा।

मतदान के दौरान भी सामने आई थीं EVM समस्याएं

EVM से जुड़ी शिकायतें केवल मतगणना के दिन तक सीमित नहीं थीं।

राजस्थान निकाय चुनाव के मतदान चरण के दौरान भी विभिन्न स्थानों पर EVM glitches, मतदाता सूची से संबंधित शिकायतें और कुछ जगहों पर झड़पों की खबरें सामने आई थीं।

दूसरे और अंतिम चरण में कुल मतदान 70.68% दर्ज किया गया था।

दोनों चरणों को मिलाकर औसत मतदान लगभग 72.95% रहा, जो पिछले चुनावों के करीब 70.31% मतदान से अधिक था।

इससे पता चलता है कि तकनीकी और राजनीतिक विवादों के बावजूद निकाय चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी मजबूत रही।

Re-Poll के बाद साफ होगी अंतिम तस्वीर

कोटा नगर निगम में राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण सवाल—किस पार्टी को बहुमत मिलेगा—का जवाब मिल चुका है।

BJP 55 सीटों के साथ बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी है।

लेकिन वार्ड 11, 44 और 87 की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नगर निगम की अंतिम 100 सीटों की तस्वीर साफ होगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, इन प्रभावित वार्डों में 16 सितंबर को पुनर्मतदान होगा और 17 सितंबर को मतगणना की जाएगी।

इसके बाद कोटा नगर निगम का अंतिम पार्टी-वार आंकड़ा स्पष्ट हो सकेगा।


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