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राजनीति

Odisha SIR: वोटर लिस्ट से 20 लाख से ज्यादा नाम हटे, 2.90 लाख जुड़े; अब 3.16 करोड़ मतदाता

ओडिशा में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम electoral roll में 3.16 करोड़ से अधिक मतदाता दर्ज हैं। Chief Electoral Officer R S Gopalan के मुताबिक, शुरुआती चरण में 20.12 लाख नाम अलग-अलग कारणों से हटाए गए और draft roll के बाद 44,777 अतिरिक्त नाम हटे। इसी अवधि में करीब 2.90 लाख नाम जोड़े भी गए।

Odisha SIR: वोटर लिस्ट से 20 लाख से ज्यादा नाम हटे, 2.90 लाख जुड़े; अब 3.16 करोड़ मतदाता
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: NDTV

Odisha SIR: 20 लाख से ज्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटे, Final Roll में 3.16 करोड़ मतदाता

भुवनेश्वर: ओडिशा में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 3,16,32,754 हो गई है। Odisha के Chief Electoral Officer (CEO) R S Gopalan के अनुसार, SIR के विभिन्न चरणों में 20 लाख से अधिक नाम हटाए गए, जबकि claims और objections की प्रक्रिया के दौरान लाखों नए मतदाताओं के नाम जोड़े भी गए।

यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। जुलाई में प्रकाशित draft electoral roll से 20.12 लाख से अधिक नाम बाहर हुए थे। इसके बाद verification, claims और objections की प्रक्रिया चली और final roll तक मतदाता संख्या में नए additions भी हुए। इसलिए draft-stage deletions और final electorate में हुई net reduction को एक ही आंकड़ा मानना सही नहीं होगा। अलग-अलग रिपोर्टों में इसी वजह से deletion के आंकड़ों की प्रस्तुति अलग दिखाई देती है।

SIR के शुरुआती चरण में क्यों हटे 20.12 लाख नाम?

CEO R S Gopalan द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, शुरुआती SIR प्रक्रिया में करीब 20.12 लाख मतदाताओं के नाम अलग-अलग कारणों से हटाए गए। इनमें करीब 8.32 लाख मृत मतदाता, 8.08 लाख स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके मतदाता, करीब 2 लाख अनुपस्थित मतदाता और लगभग 1.58 लाख duplicate entries शामिल थीं।

जुलाई में जारी draft roll से संबंधित आधिकारिक आंकड़ों में कुल 20,12,557 मतदाताओं के enumeration forms प्राप्त नहीं होने की बात भी सामने आई थी। SIR के house-to-house enumeration phase में 3,13,87,034 forms, यानी कुल electorate के करीब 93.97%, भरे गए थे।

Draft Roll के बाद 58 लाख से ज्यादा मतदाताओं को Notice

Draft electoral roll प्रकाशित होने के बाद verification का दूसरा महत्वपूर्ण चरण शुरू हुआ।

CEO के अनुसार, लगभग 12.98 लाख मतदाता पुराने रिकॉर्ड से map नहीं हो पाए थे। इसके अलावा 45.37 लाख मतदाताओं की entries में logical discrepancies पाई गईं। इन मामलों में Election Commission की ओर से notices जारी किए गए और verification किया गया।

ANI को दिए बयान में Gopalan ने कहा कि इस प्रक्रिया में कुल करीब 58.36 लाख मतदाताओं को notices जारी किए गए। Hearings के बाद इनमें से लगभग 24,000 को अयोग्य पाया गया और उनके नाम हटाए गए।

Claims और Objections के बाद 44,777 नाम और हटे

Draft roll जारी होने के बाद नागरिकों को claims और objections दाखिल करने का मौका दिया गया।

CEO के मुताबिक, Election Commission को करीब 57,000 Form 7 मिले। इनमें से लगभग 20,000 applications सही पाई गईं और संबंधित entries हटाई गईं।

इस तरह draft roll प्रकाशित होने के बाद कुल 44,777 electors के नाम हटाए गए।

2.90 लाख मतदाताओं के नाम जोड़े भी गए

SIR का अर्थ केवल मतदाताओं के नाम हटाना नहीं था। Claims और objections की अवधि में नए पात्र मतदाताओं तथा corrections के आवेदन भी स्वीकार किए गए।

Gopalan के अनुसार, इस दौरान करीब 2.74 लाख Form 6 और लगभग 16,000 Form 8 प्राप्त हुए। इसके परिणामस्वरूप लगभग 2.90 लाख मतदाताओं को electoral rolls में शामिल किया गया।

इसी कारण final electoral roll में मतदाताओं की संख्या draft roll के मुकाबले बढ़ी।

Odisha में अब कितने मतदाता?

Final electoral roll के मुताबिक ओडिशा में कुल 3,16,32,754 मतदाता हैं। CEO द्वारा बताए गए आंकड़ों के अनुसार इनमें लगभग 1.61 करोड़ पुरुष, करीब 1.55 करोड़ महिलाएं और 2,774 third-gender electors शामिल हैं।

राज्य में polling stations की संख्या rationalisation के बाद 45,250 हो गई है।

May से शुरू हुई थी Odisha में SIR प्रक्रिया

Election Commission के आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक Odisha में SIR के तहत BLOs की house-to-house enumeration 30 मई से 28 जून 2026 तक निर्धारित थी। Draft electoral roll के प्रकाशन की तारीख 5 जुलाई और claims तथा objections के लिए 5 जुलाई से 4 अगस्त की अवधि निर्धारित की गई थी।

इस प्रक्रिया में Booth Level Officers (BLOs) ने मतदाताओं तक enumeration forms पहुंचाए और प्राप्त जानकारी को electoral database से मिलाया।

Draft deletion और Final Roll के आंकड़ों में अंतर क्यों महत्वपूर्ण है?

इस खबर में सबसे महत्वपूर्ण बात आंकड़ों का संदर्भ है। जुलाई में draft list आने पर 20 लाख से ज्यादा नाम हटने की खबर सामने आई थी। लेकिन draft roll अंतिम सूची नहीं थी। इसके बाद claims, objections, hearings, verification और नए registrations की प्रक्रिया चली।

ताजा जानकारी के मुताबिक final roll में 3.16 करोड़ से अधिक electors दर्ज हैं। इसलिए “20 लाख नाम हटे” वाले आंकड़े को यह स्पष्ट करते हुए प्रस्तुत करना जरूरी है कि इसमें SIR के शुरुआती deletion process और बाद में हुए additions तथा further deletions दोनों शामिल हैं।

एक रिपोर्ट ने additions को समायोजित करने के बाद net deletion 17.66 लाख बताया है, जबकि CEO के ANI को दिए बयान में विभिन्न चरणों में हटाए गए नामों का cumulative आंकड़ा करीब 20.56 लाख बताया गया। ये दोनों आंकड़े अलग गणना को दर्शाते हैं—पहला net change पर और दूसरा deletion actions पर केंद्रित है।

नाम नहीं है तो क्या किया जा सकता है?

CEO के अनुसार, SIR समाप्त होने के बाद electoral roll का continuous updating फिर शुरू हो गया है। पात्र नागरिक नाम जोड़ने, विवरण में correction कराने या deletion के लिए संबंधित Forms 6, 7 और 8 का इस्तेमाल कर सकते हैं। आवेदन ऑनलाइन या BLO के माध्यम से किया जा सकता है।

यह पहलू उन मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है जिनका नाम verification के दौरान हट गया हो लेकिन वे अब भी पात्र मतदाता हों।

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