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राजनीति

पीएम मोदी का दो दिवसीय गुजरात दौरा: ₹14,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात, किसानों के खाते में आएंगे ₹19,000 करोड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार से दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। इस दौरे के दौरान राज्य को बुनियादी ढांचे, कृषि, डेयरी, रेलवे, बाल विकास और पर्यटन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात मिल रही है। प्रधानमंत्री बनासकांठा में ₹14,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 24वीं किस्त के तहत देशभर के किसानों को लगभग ₹19,000 करोड़ की आर्थिक सहायता जारी की जा रही है।

पीएम मोदी का दो दिवसीय गुजरात दौरा: ₹14,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात, किसानों के खाते में आएंगे ₹19,000 करोड़
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द्वारा साधना गुप्ता

स्रोत: pm india, economic times, india today, dd india, aakshwani news

इस दौरे को गुजरात के विकास के साथ-साथ देश के कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में नई रेलवे सेवाओं की शुरुआत, अहमदाबाद मेट्रो के विस्तार की आधारशिला, सड़कों का चौड़ीकरण और डेयरी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने जैसी कई पहल शामिल हैं।

बनासकांठा में ₹14,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाएं

प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे की शुरुआत उत्तर गुजरात के बनासकांठा जिले से कर रहे हैं। यहां वे कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर रहे हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में परिवहन, कृषि, पशुपालन और ग्रामीण सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

इस कार्यक्रम की प्रमुख परियोजनाओं में अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2A और फेज-2B का विस्तार शामिल है। फेज-2A के तहत कोटेश्वर रोड से अहमदाबाद एयरपोर्ट तक छह किलोमीटर से अधिक लंबा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिसमें पांच स्टेशन होंगे। वहीं, फेज-2B में GIFT City से शाहपुर तक लगभग 3.3 किलोमीटर का विस्तार किया जाएगा, जिसमें तीन स्टेशन प्रस्तावित हैं।

इसके अलावा, अहमदाबाद से मेहसाणा तक स्टेट हाईवे-41 को चार लेन से बढ़ाकर आठ लेन करने की योजना है। इस परियोजना पर लगभग ₹2,600 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इससे अहमदाबाद और उत्तर गुजरात के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने, यात्रा का समय कम होने और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।

किसानों के खाते में आएंगे ₹19,000 करोड़

इस दौरे का एक बड़ा हिस्सा किसानों से जुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी PM-KISAN योजना की 24वीं किस्त जारी कर रहे हैं। इसके तहत देशभर के पात्र किसानों को लगभग ₹19,000 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक किस्त ₹2,000 की होती है, जो सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।

इसके साथ ही गुजरात में कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए Agriculture Infrastructure Fund के अंतर्गत पूरी हो चुकी 521 परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग ₹4,950 करोड़ बताई गई है।

इनमें कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, अनाज भंडारण केंद्र, ग्रीनहाउस, पॉलीहाउस और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं। ऐसी सुविधाओं से किसानों को अपनी फसल सुरक्षित रखने और बाजार तक बेहतर तरीके से पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

पशुपालन और डेयरी सेक्टर को मिलेगी नई तकनीक

गुजरात के बनासकांठा जिले में डेयरी उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) का उद्घाटन कर रहे हैं।

भिलड़ी में लगभग 127 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह केंद्र पशुओं की नस्ल सुधारने, बेहतर प्रजनन तकनीक और वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है। यहां एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी और इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (ET-IVF) जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। यह केंद्र विशेष रूप से गुजरात की प्रसिद्ध कांकरेज नस्ल के संरक्षण और सुधार पर भी ध्यान देगा।

इसके अलावा, बनास डेयरी के लिए थराद और राधनपुर में दो बायो-CNG प्लांट स्थापित करने की आधारशिला रखी जा रही है। इन प्लांटों में प्रतिदिन क्रमशः 75 और 100 मीट्रिक टन पशु गोबर का प्रसंस्करण किया जा सकेगा।

इससे पशुपालकों के लिए गोबर का उपयोग एक अतिरिक्त आर्थिक संसाधन के रूप में करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

आंगनवाड़ी और रेलवे कनेक्टिविटी पर भी जोर

गुजरात में बच्चों के पोषण और शुरुआती शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए 4,030 नए बाल-अनुकूल आंगनवाड़ी केंद्रों की आधारशिला रखी जा रही है। इसके साथ ही 361 तैयार हो चुके आंगनवाड़ी केंद्रों का उद्घाटन किया जा रहा है। इस पहल पर लगभग ₹800 करोड़ खर्च किए जाएंगे और चार लाख से अधिक लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

रेलवे कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री दो नई रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बहुचराजी-साबरमती MEMU सेवा शामिल हैं। इन सेवाओं से यात्रियों को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा, बनासकांठा के सनादर में आलू प्रसंस्करण संयंत्र का विस्तार और पालनपुर में UHT उत्पादों के लिए Automated Storage and Retrieval System शुरू किया जा रहा है। इससे कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और भंडारण की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

एकता नगर में भारत पर्व और पर्यटन को बढ़ावा

प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान केवड़िया स्थित एकता नगर भी पहुंचेंगे। यहां 30 अक्टूबर को भारत पर्व 2026 का उद्घाटन किया जाएगा। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इसमें अलग-अलग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की कला, लोकनृत्य, खानपान, हस्तशिल्प और पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित किया जाएगा। यह उत्सव 15 नवंबर तक चलेगा।

इसके अलावा, एकता प्रकाश पर्व के तहत विशेष लाइटिंग और आकर्षक रोशनी की व्यवस्था की गई है। इसमें 530 मीटर लंबी वैली ऑफ फ्लावर्स रोड और 180 मीटर लंबी ग्लो टनल प्रमुख आकर्षण हैं।

31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि देंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह आयोजित होगा, जो उनकी 151वीं जयंती को समर्पित है। इसी दिन एकता नगर में ₹400 करोड़ से अधिक की अलग विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया जाएगा।

गुजरात के विकास पर देश की नजर

प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल नई परियोजनाओं की शुरुआत तक सीमित नहीं है। इसमें कृषि, पशुपालन, परिवहन, बच्चों के विकास और पर्यटन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों को एक साथ मजबूत करने की योजना दिखाई देती है।

हालांकि, इन परियोजनाओं का वास्तविक प्रभाव उनके समय पर पूरा होने, स्थानीय लोगों तक सुविधाएं पहुंचने और किसानों तथा छोटे कारोबारियों को मिलने वाले लाभ पर निर्भर करेगा।

अब देखना होगा कि इन योजनाओं के लागू होने के बाद गुजरात के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार, परिवहन, कृषि उत्पादन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को कितनी गति मिलती है।

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