विज्ञापन - शीर्ष बैनर
Read in English —JantaScope English
राजनीति

Punjab Election से पहले Rahul Gandhi का AAP पर बड़ा हमला, Harpal Cheema का इस्तीफा मांगा

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार पर हमला तेज कर दिया है। संगरूर के गुलजार सिंह की मौत का मामला उठाते हुए गांधी ने सरकार पर सवाल करने वालों को कथित तौर पर दबाने का आरोप लगाया और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे तथा स्वतंत्र जांच की मांग की।

Punjab Election से पहले Rahul Gandhi का AAP पर बड़ा हमला, Harpal Cheema का इस्तीफा मांगा
विज्ञापन

द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Janta Scope

Rahul Gandhi ने Punjab की AAP सरकार को घेरा, Gulzar Singh की मौत पर Harpal Cheema के इस्तीफे की मांग

Introduction

पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियां तेज होने के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ नया मोर्चा खोला है।

राहुल गांधी ने संगरूर जिले के 50 वर्षीय गुलजार सिंह की मौत का मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में सरकार की नाकामियों पर सवाल उठाने वाले लोगों को धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का इस्तीफा लेने और मामले की स्वतंत्र तथा निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

यह हमला ऐसे समय आया है जब कांग्रेस 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अपनी संगठनात्मक और राजनीतिक रणनीति को नए सिरे से तैयार कर रही है।

Gulzar Singh का मामला क्या है?

राहुल गांधी ने अपने आरोपों के केंद्र में संगरूर के रहने वाले गुलजार सिंह का मामला रखा है।

रिपोर्टों के मुताबिक, दलित समुदाय से आने वाले गुलजार सिंह का बेटा नशे की समस्या से जूझ रहा था। गांधी का आरोप है कि गुलजार सिंह ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से राज्य में ड्रग्स के कारोबार को नियंत्रित करने में सरकार की कथित विफलता को लेकर सवाल किया था।

इसके बाद, गांधी के अनुसार, गुलजार सिंह को कथित तौर पर पुलिस दबाव और अपमान का सामना करना पड़ा तथा उनसे माफी मंगवाई गई।

रिपोर्टों के मुताबिक, बाद में गुलजार सिंह ने जहरीला पदार्थ खा लिया और उनकी मौत हो गई।

यहां यह महत्वपूर्ण है कि राहुल गांधी द्वारा पुलिस प्रताड़ना, दबाव और राजनीतिक जिम्मेदारी को लेकर लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

Rahul Gandhi ने लगाया ‘Dangerous Pattern’ का आरोप

राहुल गांधी ने कहा कि पंजाब की AAP सरकार में एक “dangerous pattern” उभर रहा है।

उनका आरोप है कि अगर कोई व्यक्ति सरकार की कथित विफलताओं पर सवाल उठाता है तो उसे जवाब देने के बजाय धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।

गांधी ने Gulzar Singh के मामले को एक अलग घटना के रूप में पेश नहीं किया। उन्होंने Mohanjeet Singh नाम के एक व्यक्ति का मामला भी उठाया, जिसके बारे में उनका दावा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ विरोध करने के बाद उसे भी कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया था।

कांग्रेस नेता ने इन मामलों को जोड़ते हुए AAP सरकार की कार्यप्रणाली और असहमति से निपटने के तरीके पर सवाल उठाए हैं।

Harpal Singh Cheema के इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का इस्तीफा लेने की मांग की है।

इसके साथ उन्होंने Gulzar Singh मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस का तर्क है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए राजनीतिक जवाबदेही तय करना जरूरी है।

AAP सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से आरोपों पर आने वाला विस्तृत पक्ष भी इस विवाद में महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि गांधी के कई गंभीर आरोप फिलहाल राजनीतिक आरोप और जांच के विषय हैं।

Drug Crisis को चुनावी मुद्दा बना रही Congress

राहुल गांधी का हमला पंजाब की राजनीति में ड्रग्स के पुराने और संवेदनशील मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में ले आया है।

हालिया सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सरकारी de-addiction और rehabilitation centres में admissions 2024 के 9,577 से बढ़कर 2025 में 25,290 हो गए थे। यानी एक साल में 164% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।

2026 में जुलाई तक 14,000 से अधिक मरीज इन केंद्रों में भर्ती हो चुके थे।

हालांकि इन आंकड़ों को सीधे तौर पर राज्य में drug addiction की वास्तविक prevalence में समान अनुपात की वृद्धि मानना सही नहीं होगा। Treatment admissions बढ़ने के पीछे अधिक लोगों का इलाज तक पहुंचना, सरकारी अभियान या reporting में बदलाव जैसे कारण भी हो सकते हैं।

इसके बावजूद, नशे का मुद्दा पंजाब की चुनावी राजनीति में एक बार फिर महत्वपूर्ण राजनीतिक संघर्ष का आधार बन रहा है।

2027 Punjab Election की तैयारी में Congress

राहुल गांधी की टिप्पणी को कांग्रेस की व्यापक चुनावी तैयारी से अलग करके नहीं देखा जा सकता।

पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं और कांग्रेस ने हाल के दिनों में राज्य की रणनीति पर काम तेज किया है।

कांग्रेस ने हाल ही में सचिन पायलट को पंजाब मामलों का नया AICC प्रभारी बनाया है। उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के साथ चुनावी और संगठनात्मक रणनीति पर चर्चा भी की है।

पार्टी राहुल गांधी के पंजाब दौरे की भी योजना बना रही है। प्रस्तावित कार्यक्रम में किसानों, पूर्व सैनिकों और समाज के अन्य वर्गों के साथ बैठकों पर विचार किया गया है, हालांकि दौरे की अंतिम तारीख और अवधि को लेकर पहले उपलब्ध जानकारी में अंतिम निर्णय नहीं हुआ था।

Congress के सामने अपनी चुनौती भी

AAP पर हमला तेज करने के बावजूद पंजाब कांग्रेस के लिए रास्ता आसान नहीं है।

पार्टी राज्य इकाई में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान से जूझ रही है। हाल ही में पंजाब कांग्रेस के एक विरोध प्रदर्शन से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके खेमे से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति ने इन मतभेदों को फिर सामने ला दिया।

ऐसे में सचिन पायलट के सामने दोहरी चुनौती है—एक तरफ AAP सरकार के खिलाफ कांग्रेस का चुनावी अभियान मजबूत करना और दूसरी तरफ पार्टी के अलग-अलग गुटों को एक मंच पर लाना।

Punjab में AAP बनाम Congress की लड़ाई तेज

पंजाब चुनाव अभी कुछ महीने दूर हैं, लेकिन राजनीतिक narrative के लिए संघर्ष शुरू हो चुका है।

कांग्रेस ड्रग्स, कानून-व्यवस्था, कर्मचारियों के मुद्दों और राजनीतिक जवाबदेही के जरिए भगवंत मान सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। वहीं AAP के लिए चुनौती अपने शासन के रिकॉर्ड और नशे के खिलाफ उठाए गए कदमों को मतदाताओं के सामने रखने की होगी।

Gulzar Singh की मौत अब इस राजनीतिक संघर्ष का नया केंद्र बन गई है। लेकिन राजनीतिक आरोपों से अलग, सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि उनकी मौत से पहले वास्तव में क्या हुआ, पुलिस या अन्य अधिकारियों की क्या भूमिका थी और क्या किसी स्तर पर अधिकारों का दुरुपयोग हुआ।

इन सवालों के जवाब स्वतंत्र जांच और सत्यापित तथ्यों से ही सामने आ सकते हैं।


साझा करें
विज्ञापन - मध्य लेख
विज्ञापन - नीचे