यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता दोबारा शुरू करने की कोशिशें जारी हैं। दक्षिणी यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र में सीमित अवधि के स्थानीय संघर्षविराम से मानवीय सहायता पहुंचाने की उम्मीद जगी थी। लेकिन देश के दूसरे हिस्सों में हुए हमलों ने शांति प्रयासों के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Dnipro रेलवे स्टेशन को बनाया गया निशाना
यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी Ukrzaliznytsia के अनुसार, Dnipro के मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर एक जेट इंजन से चलने वाले ड्रोन ने हमला किया। उस समय वहां एक कम्यूटर ट्रेन रवाना होने की तैयारी कर रही थी और यात्री प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे। अचानक हुए विस्फोट से स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
हमले के बाद प्लेटफॉर्म पर मलबा और टूटे हुए सामान बिखर गए। आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। बचाव अभियान के दौरान पुलिस और मेडिकल टीमों ने प्रभावित यात्रियों की मदद की। हमले की तस्वीरों में क्षतिग्रस्त यात्री ट्रेनें और राहतकर्मी दिखाई दिए।
क्षेत्रीय गवर्नर ओलेक्सांद्र गांझा के अनुसार, इस हमले में 14 लोगों की मौत हुई और 14 लोग घायल हुए। घायलों में एक 11 वर्षीय बच्चा भी शामिल था। कुछ लोगों की हालत गंभीर बताई गई।
अन्य शहरों में भी हुए हमले
Dnipro के अलावा यूक्रेन के कई अन्य शहरों में भी रूसी हमलों की खबर सामने आई। उत्तरी शहर चेर्निहिव में एक व्यस्त सड़क पर हुए हमले में दो किशोर लड़कियों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में 23 लोग घायल हुए, जिनमें चार बच्चे भी शामिल हैं।
मध्य यूक्रेन के क्रेमेनचुक शहर में एक रिहायशी इमारत और निजी मकानों को निशाना बनाया गया। क्षेत्रीय अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में तीन लोगों की मौत हुई और 32 लोग घायल हुए। दक्षिण-पूर्वी शहर जापोरिज्जिया में ड्रोन हमलों के दौरान शहर की बसों को भी नुकसान पहुंचा और छह लोग घायल हुए।
इसके अलावा, यूक्रेन की राजधानी कीव में देर रात मिसाइल हमला हुआ। शहर के सैन्य प्रशासन के मुताबिक, इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। कुछ गोदामों में आग लग गई और मिसाइल के मलबे से इमारतों को नुकसान पहुंचा।
इस तरह 29 अक्टूबर को हुए अलग-अलग हमलों में पूरे यूक्रेन में कम-से-कम 20 लोगों की मौत की सूचना सामने आई। यह आंकड़ा केवल Dnipro स्टेशन पर हुई 14 मौतों से अलग है।
जेलेंस्की ने हमले की कड़ी निंदा की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने Dnipro रेलवे स्टेशन पर हुए हमले को बेहद भयावह बताया। उन्होंने कहा कि जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और बातचीत दोबारा शुरू करने की कोशिशें हो रही हैं, उस समय इस तरह के हमले गंभीर चिंता पैदा करते हैं।
यूक्रेन के प्रधानमंत्री सेरही कोरेत्स्की ने भी हमलों की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि रूस जानबूझकर आम नागरिकों और सार्वजनिक स्थानों को निशाना बना रहा है। यूक्रेनी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से रूस पर दबाव बढ़ाने और यूक्रेन की हवाई सुरक्षा मजबूत करने की मांग की है।
वहीं, रूस ने आम नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है। मॉस्को का कहना है कि उसके हमले सैन्य और रणनीतिक लक्ष्यों पर केंद्रित होते हैं। ऐसे मामलों में हमले की परिस्थितियों और लक्ष्यों की स्वतंत्र जांच महत्वपूर्ण है।
सीजफायर के बीच क्यों बढ़ी चिंता?
Dnipro पर हमला ऐसे समय हुआ, जब दक्षिणी यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र में छह दिनों के स्थानीय संघर्षविराम की व्यवस्था की गई थी। इस पहल का उद्देश्य रूसी नियंत्रण वाले ओलेश्की शहर तक मानवीय सहायता पहुंचाना और वहां फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने का अवसर देना है।
दोनों पक्षों की ओर से जारी बयानों में बताया गया कि सहायता अभियान से पहले बारूदी सुरंगों को हटाने से जुड़ी तैयारियां पूरी की गई थीं। इस स्थानीय समझौते को अमेरिका की मदद से आगे बढ़ाया गया था। हालांकि, यह संघर्षविराम पूरे यूक्रेन में लागू नहीं है। इसलिए दूसरे क्षेत्रों में सैन्य कार्रवाई जारी रहने की आशंका बनी हुई है।
यह स्थिति बताती है कि किसी एक क्षेत्र में सीमित संघर्षविराम होने से पूरे युद्ध पर तुरंत असर नहीं पड़ता। जब तक व्यापक राजनीतिक और सैन्य समझौता नहीं होता, तब तक आम नागरिकों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
शांति वार्ता पर फिर टिकी दुनिया की नजर
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध फरवरी 2022 में रूस के पूर्ण सैन्य हमले के बाद बड़े स्तर पर शुरू हुआ था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत और युद्धविराम की कोशिशें हुईं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
अमेरिका की मध्यस्थता में अगले महीने रूस, यूक्रेन और अमेरिकी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का नया दौर आयोजित होने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, इसकी तारीख और अंतिम कार्यक्रम को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
रूस पूर्वी यूक्रेन के क्षेत्रों को लेकर अपनी मांगों पर कायम है, जबकि यूक्रेन और उसके सहयोगियों का कहना है कि किसी भी समझौते में देश की संप्रभुता और भविष्य की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए।
Dnipro रेलवे स्टेशन पर हुआ हमला शांति प्रयासों के सामने एक बड़ी चुनौती है। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि युद्ध का सबसे गंभीर असर आम नागरिकों, बच्चों और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि क्या अगले महीने होने वाली संभावित बातचीत से तनाव कम करने का कोई रास्ता निकलेगा या यूक्रेन में हमलों का सिलसिला जारी रहेगा।
