संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तीखी कूटनीतिक बयानबाजी देखने को मिली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के UNGA संबोधन के बाद भारत ने Right of Reply का इस्तेमाल करते हुए उनके आरोपों और Kashmir संबंधी टिप्पणियों को खारिज किया।
भारत की ओर से UN में भारत के स्थायी मिशन की First Secretary Petal Gahlot ने जवाब दिया। उन्होंने Sharif की टिप्पणियों को “bizarre” बताते हुए पाकिस्तान के राजनीतिक ढांचे, सेना के प्रभाव और सीमा-पार आतंकवाद पर सवाल उठाए।
भारत ने कहा—‘Pakistan के आतंकवाद के परिणाम होंगे’
भारत के जवाब का केंद्रीय मुद्दा सीमा-पार आतंकवाद रहा।
Gahlot ने कहा कि मूल समस्या पाकिस्तान की लंबे समय से चली आ रही cross-border terrorism की नीति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने के भारत के अधिकार का इस्तेमाल जारी रहेगा और कहा:
“Terrorism by Pakistan will have consequences.”
यह भारत का आधिकारिक आरोप और रुख है; पाकिस्तान लंबे समय से भारत के आतंकवाद संबंधी आरोपों से इनकार करता आया है।
Osama bin Laden का जिक्र कर Pakistan पर निशाना
भारत ने अपने जवाब में 9/11 हमलों के mastermind Osama bin Laden का भी जिक्र किया।
Gahlot ने कहा कि अमेरिका ने हाल ही में 9/11 की वर्षगांठ मनाई और उस हमले का mastermind पाकिस्तान की प्रमुख सैन्य अकादमी के करीब रह रहा था। Bin Laden मई 2011 में Abbottabad, Pakistan में अमेरिकी सैन्य अभियान में मारा गया था।
भारत ने इस संदर्भ का इस्तेमाल पाकिस्तान की आतंकवाद पर विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के लिए किया।
Pakistan की राजनीतिक व्यवस्था पर भी भारत का हमला
भारतीय जवाब केवल आतंकवाद तक सीमित नहीं रहा। Gahlot ने पाकिस्तान में सेना के राजनीतिक प्रभाव पर भी टिप्पणी की।
India Today के मुताबिक, उन्होंने पाकिस्तान की व्यवस्था को “of the army, by the army, and for the army” बताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस बारे में भ्रम नहीं होना चाहिए कि वहां वास्तविक प्रभाव किसका है।
यह भारत की ओर से पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था पर की गई आलोचना है। इसे स्वतंत्र तथ्यात्मक निष्कर्ष के बजाय भारत के आधिकारिक आरोप के रूप में समझना जरूरी है।
Shehbaz Sharif ने UNGA में Kashmir पर क्या कहा?
इससे पहले अपने लगभग 23 मिनट के UNGA संबोधन में Shehbaz Sharif ने Kashmir का मुद्दा उठाया था।
उन्होंने कहा कि South Asia को 2025 जैसे सैन्य टकराव की स्थिति में दोबारा पहुंचने से रोकने के लिए Kashmir का उनके शब्दों में “just and fair solution” जरूरी है। उन्होंने UN के तहत plebiscite की पाकिस्तान की पुरानी मांग भी दोहराई।
भारत की स्थापित स्थिति इससे अलग है। नई दिल्ली Jammu & Kashmir को भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताती है और पाकिस्तान द्वारा इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने को खारिज करती रही है। इसी सप्ताह OIC की Kashmir संबंधी टिप्पणियों पर भी भारत ने यही स्थिति दोहराई थी।
Trump को दिया 2025 के संघर्ष का श्रेय
Sharif के भाषण का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा US President Donald Trump को लेकर था।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए Trump की “timely intervention” की प्रशंसा की। उन्होंने Trump के “resolute and visionary leadership” की भी तारीफ की और दावा किया कि उनके हस्तक्षेप ने South Asia में बड़े पैमाने पर जानें बचाईं।
यहां महत्वपूर्ण तथ्यात्मक अंतर है: Pakistan ने Trump की भूमिका को श्रेय दिया है, जबकि भारत ने 2025 के संघर्ष को रोकने में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावे को स्वीकार नहीं किया है। उपलब्ध रिपोर्टिंग भी दोनों देशों के इस अलग-अलग रुख को दर्ज करती है।
Indus Waters पर Sharif ने दी ‘Act of War’ वाली चेतावनी
Sharif ने अपने भाषण में Indus Waters Treaty का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, बाधित करने या मोड़ने की किसी कोशिश को Pakistan “act of war” मानेगा। उनका कहना था कि पानी को हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत द्वारा treaty को abeyance में रखने के फैसले को भी चुनौती दी और दावा किया कि इसका कोई कानूनी आधार नहीं है। ये पाकिस्तान के दावे और कानूनी स्थिति हैं, न कि इस विवाद पर कोई स्वतंत्र न्यायिक निष्कर्ष।
Pakistan ने आतंकवाद पर अपने नुकसान का भी दिया हवाला
Sharif ने अपने UNGA भाषण में पाकिस्तान को आतंकवाद का शिकार बताते हुए दावा किया कि देश ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में लगभग 100,000 लोगों की जान गंवाई और $150 billion से अधिक का आर्थिक नुकसान उठाया है।
उन्होंने Afghanistan की जमीन से TTP और BLA सहित संगठनों की गतिविधियों का भी आरोप लगाया और Afghan authorities से कार्रवाई की मांग की। ये आंकड़े और आरोप Sharif के UNGA भाषण में पाकिस्तान सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं।
Jaishankar और Pakistani पत्रकार के बीच भी हुई तीखी बातचीत
UNGA से इतर भारत-पाकिस्तान के बीच एक और तीखा आदान-प्रदान हुआ।
विदेश मंत्री S Jaishankar से एक पाकिस्तानी पत्रकार ने पूछा कि भारत कथित तौर पर पाकिस्तान में आतंकवाद को समर्थन देना कब बंद करेगा। Jaishankar ने जवाब दिया:
“A terrorist country is asking me that question. Come on.”
यह बातचीत UN मुख्यालय में India और Liberia द्वारा shipping और seafarers की सुरक्षा से संबंधित एक पहल पर हुई press interaction के बाद हुई थी।
इससे एक दिन पहले Shehbaz Sharif से भी पत्रकारों ने Lashkar-e-Taiba प्रमुख Hafiz Saeed और आतंकवाद से जुड़े सवाल पूछे थे; उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार Sharif ने उन सवालों का जवाब नहीं दिया।
इस UNGA टकराव का बड़ा संदर्भ
इस बार UN में भारत-पाकिस्तान की बयानबाजी केवल Kashmir तक सीमित नहीं रही। Cross-border terrorism, 2025 का सैन्य संघर्ष, Donald Trump की भूमिका, Indus Waters Treaty और पाकिस्तान में सेना के प्रभाव जैसे कई मुद्दे एक साथ सामने आए।
दोनों देशों के भाषणों में कई आरोप और counter-claims शामिल हैं। इसलिए इन्हें तथ्यात्मक रिपोर्टिंग में संबंधित सरकारों के दावों और आधिकारिक स्थितियों के रूप में अलग-अलग रखना महत्वपूर्ण है।
भारत के जवाब का मुख्य संदेश यह रहा कि नई दिल्ली पाकिस्तान के Kashmir संबंधी दावों को स्वीकार नहीं करती और सीमा-पार आतंकवाद को दोनों देशों के संबंधों की केंद्रीय समस्या मानती है। वहीं Sharif ने अपने भाषण में Kashmir, पानी और 2025 के सैन्य संघर्ष को पाकिस्तान की सुरक्षा और विदेश नीति के प्रमुख मुद्दों के रूप में पेश किया।
