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राजनीति

UP Election 2027: शिवपाल यादव का BJP पर आरोप—‘चुनाव को हिंदू-मुस्लिम मुकाबला बनाना चाहती है’

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो रही है। समाजवादी पार्टी के महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया है कि भाजपा चुनाव को हिंदू-मुस्लिम मुद्दे की ओर ले जाना चाहती है। उन्होंने कहा कि सपा विकास, सामाजिक न्याय और पिछड़े-दलित-अल्पसंख्यक वर्गों के मुद्दों पर अपना ध्यान बनाए रखेगी।

UP Election 2027: शिवपाल यादव का BJP पर आरोप—‘चुनाव को हिंदू-मुस्लिम मुकाबला बनाना चाहती है’
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: The Economic Times

मऊ, उत्तर प्रदेश: 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की तैयारियों के साथ बयानबाजी भी तेज होने लगी है। समाजवादी पार्टी के महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव को हिंदू-मुस्लिम मुकाबले के रूप में पेश करना चाहती है।

बुधवार को आजमगढ़ से देवरिया जाते समय मऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शिवपाल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी इस तरह की राजनीति से अपना ध्यान नहीं भटकने देगी और चुनाव में विकास तथा सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देगी।

शिवपाल यादव की ओर से भाजपा की चुनावी रणनीति को लेकर लगाए गए ये आरोप राजनीतिक दावे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में इस विशेष आरोप पर भाजपा की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।

‘विकास और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर टिकी रहेगी सपा’

शिवपाल यादव ने कहा, “सपा इससे विचलित नहीं होगी और विकास तथा सामाजिक न्याय के मुद्दों पर ही टिकी रहेगी। भाजपा हर चुनाव को हिंदू बनाम मुस्लिम बनाकर लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटकाना चाहती है, लेकिन हम इससे विचलित नहीं होंगे।”

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दे उठाती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव करने वालों को 2027 में जवाब दिया जाना चाहिए।

यादव ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से विधानसभा चुनाव की तैयारियों में मजबूती से जुटने को भी कहा।

खाद, बिजली और नहरों के पानी को लेकर सरकार पर सवाल

शिवपाल यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार के कामकाज को लेकर भी कई आरोप लगाए। उनके मुताबिक प्रदेश में जनता की समस्याएं बढ़ रही हैं।

उन्होंने खाद की उपलब्धता, बिजली आपूर्ति और नहरों में पानी की स्थिति का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार बढ़ा है।

ये सभी सपा नेता द्वारा सरकार के खिलाफ लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं; इन दावों के समर्थन में उन्होंने इस बातचीत में कोई सांख्यिकीय आंकड़ा पेश नहीं किया।

आजम खान को लेकर भी सरकार पर साधा निशाना

शिवपाल यादव ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आजम खान 10 बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं।

यादव ने आरोप लगाया कि सरकार आजम खान को छोटे और झूठे मामलों में फंसा रही है। यह आरोप भी समाजवादी पार्टी के नेता का दावा है और इसे सरकार या न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

राजीव राय ने भी भाजपा पर लगाए आरोप

घोसी से समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने भी भाजपा की राजनीति को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व के नाम पर धार्मिक ध्रुवीकरण के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।

राय ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे को लेकर भी भाजपा पर आरोप लगाए। उपलब्ध रिपोर्ट में इन आरोपों के समर्थन में विस्तृत साक्ष्य या भाजपा की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।

2027 से पहले चुनावी मोड में BJP और SP

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां पहले ही तेज हो चुकी हैं। हाल की रिपोर्टों के अनुसार भाजपा संगठन और बूथ स्तर पर अपनी तैयारियों को मजबूत करने पर काम कर रही है, जबकि समाजवादी पार्टी अपनी PDA—पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक—राजनीतिक रणनीति को मतदाताओं तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

ऐसे में शिवपाल यादव का ताजा बयान केवल धार्मिक ध्रुवीकरण के आरोप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सपा की उस चुनावी रणनीति का भी संकेत देता है जिसमें पार्टी विकास, सामाजिक न्याय और PDA से जुड़े सामाजिक समूहों के मुद्दों को प्रमुखता देना चाहती है।

आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में रोजगार, महंगाई, कानून-व्यवस्था, कल्याणकारी योजनाएं, सामाजिक प्रतिनिधित्व, जातीय समीकरण और धार्मिक पहचान जैसे विषय राजनीतिक विमर्श में महत्वपूर्ण बने रह सकते हैं।


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